पूरे देश में SIR की तैयारी! अप्रैल 2026 से 22 राज्यों में मतदाता सूची का महाअभियान शुरू

चुनाव आयोग ने अप्रैल 2026 से 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने का ऐलान किया है। जानें क्या है SIR, किन राज्यों में होगा लागू और क्या है इसका उद्देश्य।

पूरे देश में SIR की तैयारी! अप्रैल 2026 से 22 राज्यों में मतदाता सूची का महाअभियान शुरू
अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी।

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  • अप्रैल 2026 से 22 राज्यों/यूटी में SIR शुरू होगा
  • पूरे देश में मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण
  • BLO और BLA घर-घर जाकर करेंगे वेरिफिकेशन
  • दो जगह नाम, मृत मतदाता और त्रुटियों को हटाना मुख्य लक्ष्य
  • बिहार में पहला चरण पूरा, 12 राज्यों में अभी जारी

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk)। भारत का चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। UP-बिहार समेत 13 राज्यों में पहले चरण की प्रक्रिया पूरी या जारी रहने के बाद अब शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल 2026 से SIR शुरू किया जाएगा। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

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विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।

किन राज्यों में होगा SIR?

आयोग द्वारा जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से SIR शुरू करने की तैयारी है, उनमें शामिल हैं –आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन व दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, लद्दाख, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड।इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश SIR के दायरे में आ जाएंगे।

पहले चरण में क्या हुआ?

बिहार में SIR का पहला चरण पूरा हो चुका है।दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप सहित 12 राज्यों/यूटी में प्रक्रिया जारी है।असम में SIR के बजाय विशेष पुनरीक्षण 10 फरवरी को पूरा किया गया।

 SIR क्या है?

SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची को घर-घर जाकर अपडेट किया जाता है।

इसमें क्या होता है?

18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है

मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं

नाम, पता और अन्य त्रुटियां सुधारी जाती हैं

दो जगह दर्ज नामों को एक जगह से हटाया जाता है

कौन करता है वेरिफिकेशन?

ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। वे फॉर्म भरवाते हैं और जरूरी दस्तावेजों की जांच करते हैं।

कौन से दस्तावेज मान्य हैं?

आधार कार्ड

पासपोर्ट

जन्म प्रमाणपत्र

10वीं की मार्कशीट

सरकारी पहचान पत्र

स्थायी निवास प्रमाणपत्र

पेंशन पहचान पत्र

जमीन/मकान आवंटन पत्र

परिवार रजिस्टर

NRC में नाम (जहां लागू)

SIR का मुख्य उद्देश्य

1951 से 2004 तक नियमित पुनरीक्षण हुआ, लेकिन पिछले दो दशकों में जनसंख्या, माइग्रेशन और अन्य कारणों से कई बदलाव आए हैं।

आयोग का लक्ष्य है कि:

कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं

कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न रहे

मृत और दोहरे नाम हटाए जाएं

विदेशी नागरिकों के नाम सूची से हटाए जाएं

आयोग का निर्देश

चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि अप्रैल से संभावित SIR के मद्देनजर सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं।