ईंट-पटरे की मेज पर मोबाइल से पढ़ती थी छात्रा, संघर्ष सुन भावुक हुए SP; तुरंत मिली किताबें, बिजली और घरेलू सामान

साहिबगंज में ईंट पर पटरा रखकर मोबाइल से पढ़ने वाली किशोरी की संघर्ष कहानी सुन SP अमित कुमार सिंह भावुक हुए। किताब-कॉपी, स्टडी टेबल, बेड और घरेलू सामान के साथ घर में बिजली कनेक्शन कराया।

ईंट-पटरे की मेज पर मोबाइल से पढ़ती थी छात्रा, संघर्ष सुन भावुक हुए SP; तुरंत मिली किताबें, बिजली और घरेलू सामान
साहिबगंज में संघर्ष की मिसाल बनी किशोरी।

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  • साहिबगंज SP अमित कुमार सिंह ने जनता दरबार में सुनी किशोरी की संघर्ष की कहानी
  • ईंट पर पटरा रखकर बनाई थी पढ़ाई की मेज, बिजली नहीं होने से मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल
  • किशोरी को तीन साल की पढ़ाई के लिए किताब-कॉपी, स्टडी टेबल, कुर्सी और फोल्डिंग बेड उपलब्ध कराया गया
  • एसपी के निर्देश पर झोपड़ी में बिजली कनेक्शन कराया गया, जल्द सोलर लाइट भी लगेगी

साहिबगंज (Threesocieties.com Desk):  जिंदगी में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला मजबूत हो तो रास्ता जरूर निकलता है। साहिबगंज की एक किशोरी ने अपने संघर्ष और पढ़ाई के प्रति लगन से इसी बात को साबित किया है। आर्थिक तंगी और बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी। उसके पास पढ़ने के लिए न तो टेबल थी, न कुर्सी और न ही घर में बिजली का कनेक्शन। इसके बावजूद वह मोबाइल के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए थी।

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किशोरी की संघर्ष की कहानी जब साहिबगंज के एसपी अमित कुमार सिंह ने जनता दरबार में सुनी तो वे भावुक हो गए। उन्होंने मामले को केवल शिकायत के तौर पर नहीं लिया, बल्कि तत्काल मदद का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर शनिवार को ही किशोरी को कॉपी-किताब, स्टडी टेबल, कुर्सी, फोल्डिंग बेड और अन्य जरूरी घरेलू सामान उपलब्ध कराया गया। साथ ही उसके घर में बिजली का कनेक्शन भी करा दिया गया।

जनता दरबार में मां-बेटी पहुंचीं थीं

दरअसल, एसपी अमित कुमार सिंह प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक अपने कार्यालय में आम लोगों की शिकायतें सुनते हैं। इसी क्रम में शनिवार को हबीबपुर निवासी मनोज श्रीवास्तव की पत्नी रूबी सिन्हा अपनी बेटी के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं। महिला इससे पहले अपनी समस्या को लेकर डीसी के समक्ष भी गुहार लगा चुकी थीं।

रूबी ने बताया कि उनके पति उन्हें छोड़कर अलग रहते हैं और वर्तमान में गोड्डा में एक स्कूल का संचालन करते हैं। ऐसे में वह अपनी बेटी के साथ साहिबगंज में बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं।

झोपड़ी में रहती है मां-बेटी

रूबी सिन्हा अपनी बेटी के साथ केंद्रीय विद्यालय के सामने विवाह भवन के समीप एक कच्ची झोपड़ी में रहती हैं। झोपड़ी में बिजली का कनेक्शन तक नहीं था। आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें खरीदना भी मुश्किल था। किशोरी ने एसपी को बताया कि इसी वर्ष उसने साहिबगंज कॉलेज में इंटर में नामांकन लिया है। किताबें खरीदने के लिए पैसे नहीं होने के कारण वह मोबाइल से ऑनलाइन पढ़ाई करती है। लेकिन घर में बिजली नहीं होने की वजह से मोबाइल चार्ज करना भी उसके लिए बड़ी चुनौती थी।

ट्यूशन पढ़ाकर चलाती है घर का खर्च

मुश्किल हालात के बावजूद किशोरी ने हार नहीं मानी। वह आसपास के छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है और उससे मिलने वाली आमदनी से मां-बेटी के जीवन-यापन में मदद करती है। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी उसे ट्यूशन पढ़ाने वाली जगह का सहारा लेना पड़ता था। वह वहीं अपना मोबाइल चार्ज करती और फिर उसी मोबाइल से घर लौटकर पढ़ाई करती थी।एसपी ने जब किशोरी से उसकी पढ़ाई और रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में विस्तार से पूछा तो उसकी कहानी सुनकर वे भी भावुक हो गए।

ईंट पर पटरा रखकर बनाई थी स्टडी टेबल

किशोरी ने बताया कि घर में पढ़ने के लिए टेबल-कुर्सी नहीं है। उसने ईंटों के ऊपर लकड़ी का पटरा रखकर खुद ही एक स्टडी टेबल बना ली थी। इसी अस्थायी मेज पर बैठकर वह पढ़ाई करती थी। सोने के लिए भी उसके पास उचित व्यवस्था नहीं थी और वह जमीन पर ही सोती थी। किशोरी की पढ़ाई के प्रति इस लगन और विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने की कोशिश ने एसपी को प्रभावित किया।

एसपी ने तत्काल दिलाई राहत

किशोरी की स्थिति जानने के बाद एसपी अमित कुमार सिंह ने अपने कार्यालय के कर्मियों को तत्काल आवश्यक सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद शनिवार को ही किशोरी के लिए कॉपी-किताब, स्टडी टेबल, कुर्सी, फोल्डिंग बेड और अन्य घरेलू उपयोग का सामान उपलब्ध कराया गया। एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि किशोरी की पढ़ाई में आर्थिक परेशानी बाधा न बने। उसके लिए अगले तीन वर्षों की पढ़ाई के लिए आवश्यक किताब और कॉपियों की व्यवस्था की गई है।

झोपड़ी में पहुंची बिजली, जल्द लगेगी सोलर लाइट

किशोरी की सबसे बड़ी परेशानी में से एक घर में बिजली का नहीं होना था। एसपी के निर्देश के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए झोपड़ी में बिजली का कनेक्शन जोड़ दिया गया। इसके अलावा वहां सोलर लाइट लगाने की भी व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक एक-दो दिनों के भीतर सोलर लाइट भी लगा दी जाएगी। इससे किशोरी को रात में पढ़ाई करने में सुविधा होगी और मोबाइल चार्ज करने की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाएगी।

एसपी ने कहा- जरूरत हो तो दोबारा संपर्क करें

एसपी अमित कुमार सिंह ने किशोरी और उसकी मां को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या होती है या सहायता की आवश्यकता पड़ती है तो वे निःसंकोच उनसे संपर्क कर सकती हैं।

एक ओर जहां किशोरी की कहानी आर्थिक तंगी और संघर्ष की तस्वीर दिखाती है, वहीं दूसरी ओर उसकी पढ़ाई के प्रति लगन यह संदेश देती है कि संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत और हौसले से मंजिल की ओर बढ़ा जा सकता है।

एसपी की इस त्वरित पहल से न सिर्फ किशोरी की तत्काल जरूरतें पूरी हुईं, बल्कि उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए एक नया हौसला भी मिला है।