JPSC-JSSC छात्रों की सरकार से दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा, ‘पूरी परीक्षा रद्द’ की मांग पर अड़े
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों और झारखंड सरकार के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। छात्र पूरी परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान बरकरार रखा है।
HighLights:
- 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा बरकरार
- जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन जारी
- सरकार ने छात्रों से ईमेल के जरिए सुझाव मांगे
- देवेंद्रनाथ महतो छह दिनों से भूख हड़ताल पर
रांची(Threesocieties.com Desk): झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच शनिवार को दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच (देवेंद्रनाथ महतो गुट) के 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक में किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।
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वार्ता खत्म होने के बाद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की पूर्व घोषित योजना को भी बरकरार रखा है। वहीं, जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहा आंदोलन भी जारी रहेगा।
मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगें सुनीं
सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हुए। वहीं, छात्र प्रतिनिधिमंडल में दीनबंधु मंडल, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, बिमल कुमार, प्रेम कुमार, रविशंकर, अमित कुमार शर्मा और रामावतार महतो शामिल रहे। बैठक में छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखीं। सरकार की ओर से छात्रों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की गई और उनके सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, छात्रों की मुख्य मांग पूरी परीक्षा रद्द करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
दूर-दराज के छात्रों से भी सरकार ने मांगे सुझाव
सरकार की ओर से छात्रों की शिकायतों और सुझावों को दर्ज करने के लिए एक ईमेल आईडी भी साझा की गई है। जो छात्र रांची पहुंचकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं, वे अपनी शिकायत और सुझाव Jpsc.jssc.feedback@gmail.com पर भेज सकते हैं। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए पूरे राज्य के छात्रों से सुझाव लिये जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि प्राप्त सुझावों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की पांच प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे अहम मांग विवादित परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की है।
1. CBI और ED से जांच:
छात्रों की मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच केवल CID तक सीमित नहीं रखी जाए, बल्कि CBI और प्रवर्तन निदेशालय से भी जांच कराई जाए।
2. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन:
मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने की मांग की गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा में सुनवाई पूरी हो सके।
3. TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाएं रद्द हों:
छात्रों ने TSRS/TDPL से जुड़ी विवादित परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की है।
4. एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए:
छात्रों की मांग है कि संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी एवं विश्वसनीय एजेंसियों के माध्यम से कराई जाएं।
5. दागी अधिकारियों पर कार्रवाई:
JPSC और JSSC के उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, जिन पर भ्रष्टाचार या अनियमितता के गंभीर आरोप हैं। छात्रों ने ऐसे अधिकारियों को हटाकर स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की है।
दूसरे गुट से भी हो चुकी है सरकार की वार्ता
इससे पहले शुक्रवार को भी राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन कर रहे छात्रों के दूसरे गुट के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी। उस वार्ता में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था। हालांकि, सरकार की ओर से कहा गया है कि बातचीत के सभी विकल्प अभी खुले हैं और अन्य पक्षों से भी बातचीत की जाएगी।
छह दिनों से भूख हड़ताल पर देवेंद्रनाथ महतो
आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी
सरकार के साथ लगातार दूसरे दौर की वार्ता के बाद भी सहमति नहीं बनने से छात्रों का आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगा।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण गतिरोध कायम है। ऐसे में आने वाले दिनों में छात्र आंदोलन और सरकार के बीच टकराव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।




