बिहार: प्रशांत किशोर की बढ़ी सियासी हनक, इकलौते MLA से बैठक में मुख्य सचिव-DGP समेत टॉप अफसर
बांकीपुर उपचुनाव जीतकर जन सुराज के इकलौते विधायक बने प्रशांत किशोर की मुख्य सचिव, DGP समेत बिहार के टॉप अधिकारियों के साथ बैठक चर्चा में है। जानिए बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा और PK की आगे की रणनीति।
HighLights:
- बांकीपुर उपचुनाव जीतकर जन सुराज के इकलौते विधायक बने प्रशांत किशोर
- मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार के साथ हुई हाईलेवल बैठक
- सचिव और कमिश्नर स्तर के अधिकारी भी बैठक में रहे मौजूद
- पटना ट्रैफिक, पेयजल, सूखा नशा और स्मार्ट सिटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर की सक्रियता इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। उपचुनाव जीतकर विधानसभा में जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक बने प्रशांत किशोर की गुरुवार को बिहार सरकार के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी समेत सचिव और कमिश्नर स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुराना सचिवालय, पटना में हुई इस हाईलेवल बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार के अलावा परिवहन विभाग और नगर विकास विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी तथा पटना नगर निगम के कमिश्नर समेत करीब पांच वरीय पदाधिकारी शामिल हुए।
एक विधायक के साथ इतनी बड़ी संख्या में सरकार के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सियासी हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। समर्थक इसे प्रशांत किशोर की बढ़ती राजनीतिक पकड़ और आक्रामक अंदाज का असर बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि जन सुराज आगे बिहार की राजनीति में किस तरह की भूमिका तैयार करता है।
डीजीपी के साथ पिछली बैठक का फॉलोअप
बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक में पटना की ट्रैफिक व्यवस्था, सूखा नशा, पेयजल और दूसरे महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर अधिकारियों से चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह उनकी डीजीपी के साथ बैठक हुई थी और गुरुवार की बैठक उसी चर्चा का फॉलोअप थी। इस बार पुलिस से जुड़े विषयों के साथ-साथ दूसरे विभागों के मुद्दों पर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से बातचीत हुई।
पटना की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने का प्लान
प्रशांत किशोर ने कहा कि राजधानी पटना की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए इंटर-डिपार्टमेंटल वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। इसमें आईआईटी मद्रास जैसी संस्थाओं और विशेषज्ञों की मदद लेने की योजना है। उन्होंने कहा कि पटना की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल तात्कालिक उपाय नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक फ्यूचरिस्टिक ट्रैफिक प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा
बैठक में पटना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सड़क, नाली, गली, वेंडिंग जोन और पार्क जैसी नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने को लेकर नगर निगम के साथ समन्वय से काम करने की बात सामने आई। प्रशांत किशोर ने पटना में पेयजल की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर समेत राजधानी के विभिन्न इलाकों में पेयजल से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान की जरूरत है।
BJP के गढ़ में जीत से चर्चा में आए प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने हाल ही में बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा में प्रवेश किया है। इस जीत के साथ वह जन सुराज पार्टी के पहले और इकलौते विधायक बने। बांकीपुर को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों के अंतर से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया।
बांकीपुर सीट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। इससे पहले उनके पिता भी इस सीट से चार बार चुनाव जीत चुके थे। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत माने जाने वाले इस गढ़ में सेंध लगा दी।
एक जीत ने बढ़ाया जन सुराज का आत्मविश्वास
बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर हार के बाद बांकीपुर की जीत ने जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नया उत्साह पैदा किया है। विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर लगातार क्षेत्रीय और शहरी मुद्दों को उठाने में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने बांकीपुर को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने, 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने और निजी स्कूलों की फीस कम कराने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
MLC और पंचायत चुनाव पर भी नजर
अब प्रशांत किशोर और जन सुराज की नजर आगामी एमएलसी चुनाव और बिहार पंचायत चुनाव पर भी है। पार्टी संगठन के विस्तार की तैयारी में जुटी है और नए लोगों को संगठन से जोड़ने की कवायद तेज होने की संभावना है। प्रशांत किशोर सितंबर से बिहार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। इस दौरान वह अलग-अलग इलाकों में संगठन और जन मुद्दों को लेकर सक्रियता बढ़ा सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में क्यों हो रही है चर्चा?
प्रशांत किशोर के साथ एक ही बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, सचिव और कमिश्नर स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जन सुराज के पास फिलहाल विधानसभा में सिर्फ एक विधायक है। ऐसे में सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ सीधे संवाद को उनकी राजनीतिक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि प्रशांत किशोर बैठक को जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन के साथ समन्वय की कवायद बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे उनकी बढ़ती सक्रियता और बिहार की राजनीति में अपनी जगह मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Anjala Kumar 



