JSSC CGL रद्द करने के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन में अभ्यर्थियों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ सचिवालय में घुसे

JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ रांची के प्रोजेक्ट भवन में अभ्यर्थियों का जोरदार प्रदर्शन। बैरिकेडिंग तोड़कर सचिवालय में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस से धक्का-मुक्की और “न्याय दो या फांसी दो” के नारे।

JSSC CGL रद्द करने के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन में अभ्यर्थियों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ सचिवालय में घुसे
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस।

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       Highlights:

  • JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ प्रोजेक्ट भवन में जोरदार प्रदर्शन
  • सैकड़ों अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और सचिवालय परिसर में प्रवेश किया
  • “न्याय दो या फांसी दो” और “तानाशाही नहीं चलेगी” के लगे नारे
  • अभ्यर्थियों ने JSSC CGL रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग की

रांची (Threesocieties.com Desk):  झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ बुधवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मुख्य द्वार पर लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दी और पुलिस के सुरक्षा घेरे को पार करते हुए सचिवालय परिसर में प्रवेश कर गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस लिया जाए और सफल अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान सचिवालय परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

“न्याय दो या फांसी दो” के नारों से गूंजा प्रोजेक्ट भवन

प्रदर्शनकारी सुबह से ही प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर जुटे हुए थे। बताया गया कि कई अभ्यर्थी रात से ही गेट के आसपास डटे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे के बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप लेना शुरू किया। अभ्यर्थियों ने मुख्य गेट को अवरुद्ध कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान “न्याय दो या फांसी दो”, “आवाज दो, हम एक हैं” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारे लगातार लगाए गए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर सचिवालय के अंदर जाने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में प्रवेश कर गए।

पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, भारी संख्या में जवान तैनात

प्रदर्शनकारियों के सचिवालय परिसर में प्रवेश के बाद पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस हुई। मौके पर पहले से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने और प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर निकलने की अपील की।

हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में निषेधाज्ञा के तहत धारा 144/163 बीएनएस लागू है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए कहा कि प्रोजेक्ट भवन अत्यंत संवेदनशील सरकारी परिसर है और यहां इस तरह प्रदर्शन करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

भावुक हुए अभ्यर्थी, जमीन पर लेटकर लगाई न्याय की गुहार

प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक नजर आए। कुछ अभ्यर्थी जमीन पर लेट गए और रोते हुए न्याय की गुहार लगाने लगे। उनका कहना था कि उन्होंने लंबे समय तक मेहनत कर JSSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल की थी और अब परीक्षा रद्द होने से उनका भविष्य अधर में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन सफल अभ्यर्थियों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।

सिम्फर की नौकरी छोड़कर CGL में सफलता पाने वाले आकाश भी प्रदर्शन में

प्रदर्शन के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आकाश सिरका ने अपनी पीड़ा जाहिर की। उनके मुताबिक उन्होंने केंद्रीय उपक्रम सिम्फर की नौकरी छोड़कर JSSC CGL के जरिए मिली नौकरी को चुना था। अब परीक्षा रद्द होने के बाद वह फिर से असमंजस की स्थिति में हैं। इसी तरह एक अन्य अभ्यर्थी मनीषा प्रदर्शन के दौरान भावुक होकर बेहोश हो गईं। उनके साथियों के मुताबिक उन्होंने रेलवे की नौकरी छोड़कर CGL परीक्षा की तैयारी की थी और सफलता हासिल की थी। अब परीक्षा रद्द होने से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।इन घटनाओं ने प्रदर्शन के दौरान मौजूद अन्य अभ्यर्थियों को भी भावुक कर दिया।

अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जा सकता है, लेकिन संवेदनशील सचिवालय परिसर में जबरन प्रवेश करने से कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे और JSSC CGL रद्द करने के फैसले को वापस लेने की मांग करते रहे।

शाम को हटिया चौक तक निकला आक्रोश मार्च

प्रोजेक्ट भवन से निकलने के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश थमा नहीं। शाम के समय प्रदर्शनकारियों ने हटिया चौक की ओर आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान भी CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपने भविष्य के लिए आंदोलन कर रहे हैं और जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।

सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरी परीक्षा रद्द करने से उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल की है।

प्रोजेक्ट भवन में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर JSSC CGL परीक्षा विवाद को सुर्खियों में ला दिया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार के अगले कदम और परीक्षा को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर है।