CM हेमंत का युवाओं को भरोसा: ‘आपकी मेहनत जाया नहीं जाएगी’, JPSC-JSSC पर बोले- दोषी कोई हो, बख्शेंगे नहीं
स्वतंत्रता दिवस पर CM हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान से झारखंड के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत जाया नहीं जाएगी। JPSC-JSSC गड़बड़ी पर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया।
HighLights:
- मोरहाबादी मैदान से CM हेमंत सोरेन ने युवाओं को दिलाया भरोसा
- बोले- किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ी जाएगी युवाओं की मेहनत
- JPSC-JSSC विवाद पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
- परीक्षा व्यवस्था में वार्षिक कैलेंडर और तकनीकी रूप से सुरक्षित सिस्टम का ऐलान
रांची (Threesocieties.com Desk): 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तिरंगा फहराया और राज्यवासियों को संबोधित किया। करीब 12 पन्नों के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ-साथ झारखंड के छात्र-युवाओं के मुद्दे पर विशेष जोर दिया।
पिछले करीब तीन सप्ताह से छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री का युवाओं के नाम यह संदेश खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं की मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या परीक्षा में अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
‘आपकी मेहनत जाया नहीं जाएगी’
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि लाखों युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता भी अपनी क्षमता से बढ़कर बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि युवाओं की मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा को उचित अवसर मिले। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक मंच से वह झारखंड के प्रत्येक विद्यार्थी को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपनी मेहनत और सपनों पर विश्वास बनाए रखने की अपील भी की।
JPSC-JSSC विवाद पर CM का बड़ा भरोसा
भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई गंभीर प्रश्न उठे हैं। सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है।
उन्होंने साफ किया कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर उसकी संलिप्तता प्रमाणित होती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराने की राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय होगा और निष्पक्ष होगा।
‘सिर्फ दोषियों को पकड़ना समाधान नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल दोषियों को पकड़ लेना ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। असली समाधान ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें भविष्य में किसी को युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने का मौका ही न मिले। इसी दिशा में सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार नई व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा।
सरकार के प्रमुख लक्ष्य बताए गए हैं—
समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर
पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित परीक्षा प्रणाली
उत्तर-कुंजी और OMR की समयबद्ध उपलब्धता
परीक्षा प्रक्रिया में बहु-स्तरीय जवाबदेही
ऐसी व्यवस्था जिसमें पारदर्शिता अपवाद नहीं बल्कि नियम बने
झारखंड में बनेगी भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जिस पर अभ्यर्थियों को भरोसा हो और समाज का विश्वास मजबूत हो। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक तथा परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। हालांकि दूसरे राज्यों में हुई घटनाओं से झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य और उनका विश्वास उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
रोजगार को लेकर भी CM का बड़ा दावा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरना नहीं है, बल्कि राज्य में रोजगार के व्यापक अवसर तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती एजेंसियों के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही उद्योग, MSME, कृषि, डेयरी, मत्स्य, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
‘सरकार पर विश्वास बनाए रखें’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से धैर्य के साथ अपनी मेहनत जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं का परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा और उनके सपनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपनी मेहनत पर भरोसा बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह केवल युवाओं से धैर्य नहीं मांगते, बल्कि उनका विश्वास चाहते हैं और उस विश्वास को बनाए रखना उनकी सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है।
छात्र आंदोलन के बीच संदेश पर टिकी नजर
छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही बहस के बीच स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री का यह संदेश राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि सरकार द्वारा परीक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष जांच और समयबद्ध नियुक्तियों को लेकर किए गए इन आश्वासनों को किस तरह धरातल पर उतारा जाता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी, जिस पर अभ्यर्थियों को भरोसा हो, समाज को विश्वास हो और भविष्य में झारखंड की परीक्षा व्यवस्था देश के लिए उदाहरण बन सके।




