Jamshedpur: जुगसलाई में फायरिंग-डकैती की साजिश नाकाम, 2 शूटर समेत 4 गिरफ्तार

जमशेदपुर के जुगसलाई में हत्या, डकैती और फायरिंग की साजिश नाकाम। बिहार के दो कथित शूटरों समेत चार गिरफ्तार। भुवनेश्वर के बिल्डर की 40 लाख की सुपारी का खुलासा, हथियार और 30 कारतूस बरामद।

Jamshedpur:  जुगसलाई में  फायरिंग-डकैती की साजिश नाकाम, 2 शूटर समेत 4 गिरफ्तार
दुर्गापूजा के दौरान हत्या वडकैती कर दहशत फैलाने की साजिश विफल।

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    Highlights:

  • जमशेदपुर के जुगसलाई में दुर्गापूजा के दौरान हत्या, डकैती और फायरिंग की थी तैयारी
  • बिहार के छपरा से बुलाए गए दो शूटरों समेत चार अपराधियों को पुलिस ने दबोचा
  • आरोपियों के पास से दो हथियार, 30 जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल बरामद
  • कारोबारियों में दहशत फैलाकर रंगदारी वसूलने की थी योजना

जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस ने दुर्गापूजा के दौरान बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की कथित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। जुगसलाई थाना क्षेत्र में हत्या, डकैती और फायरिंग की योजना बना रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के छपरा जिले से बुलाए गए दो कथित पेशेवर शूटर भी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह की योजना जुगसलाई और आसपास के इलाकों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर कारोबारियों के बीच भय का माहौल पैदा करने और उनसे रंगदारी वसूलने की थी। मामले की जांच के दौरान ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी से जुड़ी साजिश भी सामने आई है।

खरकई रेलवे ब्रिज के पास छापेमारी, चार आरोपी गिरफ्तार

जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, जुगसलाई के कुछ स्थानीय अपराधियों ने बिहार से शूटर बुलाए थे और वे किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सिटी एसपी के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने खरकई नदी पर बने नए रेलवे ब्रिज के पूर्वी छोर पर रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में घेराबंदी की।

पुलिस की इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस वारदात को अंजाम देने के लिए वहां एकत्र हुए थे और उनके नेटवर्क में दूसरे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुगसलाई के गौशाला रोड स्थित छपहरिया मोहल्ला निवासी राजेश कुमार साव और मन्नू कुमार के अलावा बिहार के छपरा जिले के प्रतीक कुमार तथा विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक के रूप में हुई है। जांच में स्थानीय आरोपियों और बिहार से आए कथित शूटरों के बीच संपर्क की बात सामने आई है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन आरोपियों को जमशेदपुर किसने बुलाया था, उनके ठहरने और हथियारों की व्यवस्था किसने की थी तथा वारदातों को अंजाम देने के लिए उन्हें किसका निर्देश मिल रहा था।

हथियारों का जखीरा बरामद, 30 जिंदा कारतूस मिले

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, एक लोडेड सिक्सर, 30 जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। हथियारों और कारतूसों की बरामदगी के बाद पुलिस इस पूरे मामले को गंभीर आपराधिक साजिश के रूप में देख रही है। बरामद मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है। कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के संपर्कों तथा संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से खरीदे गए थे और उन्हें जमशेदपुर तक पहुंचाने में किसकी भूमिका थी।

दुर्गापूजा के दौरान हत्या, डकैती और फायरिंग की थी योजना

पुलिस पूछताछ के मुताबिक, आरोपियों ने दुर्गापूजा के दौरान जुगसलाई इलाके में हत्या, डकैती और ताबड़तोड़ फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर इसका उद्देश्य कारोबारियों में भय पैदा करना और इस डर का फायदा उठाकर रंगदारी वसूलना था। त्योहारी सीजन में बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में फायरिंग और लूट जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती थीं। पुलिस की कार्रवाई से कथित साजिश का समय रहते खुलासा हुआ है। अब जांच का अहम पहलू यह है कि गिरोह ने किन कारोबारियों को निशाने पर रखा था, रंगदारी की रकम कितनी तय की गई थी और क्या इस नेटवर्क के तार अन्य आपराधिक घटनाओं से भी जुड़े हैं।

भुवनेश्वर के बिल्डर की 40 लाख रुपये में हत्या की सुपारी

इस मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एक बिल्डर की हत्या की कथित सुपारी से जुड़ा है। पुलिस जांच के अनुसार, बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी लेने की योजना बनाई गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिल्डर की हत्या की साजिश किसने रची थी, इसके पीछे क्या वजह थी और सुपारी की रकम का लेनदेन किस तरह होना था।

जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि जमशेदपुर में पकड़े गए आरोपी इस कथित साजिश में किस भूमिका में थे और क्या हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए कोई समय या स्थान निर्धारित किया गया था। फिलहाल, सुपारी देने वाले कथित मुख्य सूत्रधार, आर्थिक लेनदेन और दूसरे संभावित सहयोगियों से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

राजेश कुमार साव का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल राजेश कुमार साव का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ सोनारी थाने में अपहरण और कदमा थाने में डकैती से संबंधित मामला दर्ज है। वह पहले भी करीब चार साल जेल में रह चुका है। पुलिस अब राजेश और अन्य आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों, पुराने संपर्कों और संभावित गिरोह संबंधों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह को हथियार उपलब्ध कराने वाले लोग कौन हैं और क्या इस नेटवर्क में दूसरे जिलों या राज्यों के अपराधी भी शामिल हैं।

पुलिस की जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे?

चार आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के बाद जांच कई अहम बिंदुओं पर केंद्रित है।

भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या की कथित सुपारी किसने दी थी?

40 लाख रुपये की रकम के लेनदेन में कौन-कौन शामिल था?

जुगसलाई में किन कारोबारियों को निशाना बनाने की योजना थी?

बिहार से बुलाए गए कथित शूटरों को जमशेदपुर किसने बुलाया?

बरामद हथियार कहां से आए और उनकी आपूर्ति किसने की?

क्या इस गिरोह के तार दूसरे आपराधिक मामलों से भी जुड़े हैं?

पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन की पड़ताल और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।

जमशेदपुर पुलिस की कार्रवाई से टली बड़ी वारदात?

जुगसलाई में की गई इस कार्रवाई को दुर्गापूजा के दौरान संभावित आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की कथित सुपारी का मामला भी जांच के दायरे में आया है।