Dhanbad : टासरा के 152 विस्थापित परिवारों को मिलेगा ठिकाना, 39.19 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

सेल की टासरा परियोजना के 152 विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए आसनबनी में 39.19 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होगा। प्रारंभिक अधिसूचना जारी, 60 दिनों में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति।

Dhanbad : टासरा के 152 विस्थापित परिवारों को मिलेगा ठिकाना, 39.19 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
टासरा परियोजना के विस्थापितों के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी।

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    Highlights:

  • धनबाद में सेल की टासरा ओपन कास्ट परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी तेज
  • बलियापुर अंचल के आसनबनी मौजा में 39.19 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
  • प्रस्तावित भू-अर्जन से करीब 152 परिवारों के प्रभावित होने की संभावना
  • जमीन अधिग्रहण में रैयती, सरकारी और अज्ञात श्रेणी के कुल 260 प्लॉट शामिल

धनबाद (Threesocieties.com Desk): स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की टासरा ओपन कास्ट परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए धनबाद में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। परियोजना से प्रभावित परिवारों को बसाने के उद्देश्य से बलियापुर अंचल के आसनबनी मौजा में कुल 39.19 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की तैयारी है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशालय की ओर से इस संबंध में प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार, प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण का इस्तेमाल टासरा परियोजना से विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन (R&R) कॉलोनी विकसित करने में किया जाएगा। इस योजना के तहत करीब 152 परिवारों के प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुनर्वास कॉलोनी के विकास की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

आसनबनी में 39.19 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

टासरा परियोजना के विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए बलियापुर अंचल के आसनबनी मौजा में 15.86 हेक्टेयर यानी लगभग 39.19 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। प्रस्तावित अधिग्रहण के दायरे में कुल 260 प्लॉट शामिल हैं। इन प्लॉटों में रैयती, सरकारी और अज्ञात श्रेणी की जमीन शामिल है। इस जमीन का उपयोग विस्थापित परिवारों के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कॉलोनी बनाने के लिए किया जाना प्रस्तावित है। सेल की टासरा ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करना इस अधिग्रहण का प्रमुख उद्देश्य है। इसके तहत प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

राजपत्र में प्रकाशित हुई प्रारंभिक अधिसूचना

जमीन अधिग्रहण से संबंधित प्रारंभिक अधिसूचना संख्या 1728/भू-अर्जन है। यह अधिसूचना 12 अक्टूबर 2026 की तिथि वाली है, जिसे 13 अक्टूबर 2026 को असाधारण राजपत्र में प्रकाशित किया गया। अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी निर्धारित कर दी गई है। जमीन से जुड़े हितबद्ध व्यक्ति निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी आपत्तियां जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजना का निरीक्षण भी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय में कार्यदिवस के दौरान किया जा सकेगा। इससे संबंधित व्यक्ति अधिग्रहण के दायरे में आने वाली जमीन और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

60 दिनों के भीतर दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से 60 दिनों के भीतर जमीन अधिग्रहण से संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। यदि किसी हितबद्ध व्यक्ति को प्रस्तावित अधिग्रहण पर आपत्ति है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद के समक्ष अपनी बात रख सकता है। अधिसूचना में यह भी प्रावधान किया गया है कि इस अवधि के दौरान संबंधित जमीन का क्रय-विक्रय या हस्तांतरण जिला समाहर्ता की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। इसलिए अधिग्रहण के दायरे में आने वाली जमीन के मालिकों और अन्य हितबद्ध व्यक्तियों के लिए अधिसूचना में निर्धारित प्रावधानों की जानकारी रखना महत्वपूर्ण होगा।

सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन के बाद आगे बढ़ी प्रक्रिया

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत अधिकृत संस्था सोशल एक्शन फॉर रूरल डेवलपमेंट (SARDA) से सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन कराया गया था। मूल्यांकन रिपोर्ट में प्रस्तावित परियोजना को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए आवश्यक बताया गया है। रिपोर्ट में उचित मुआवजा, पुनर्वास लाभ और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया है। सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन का उद्देश्य प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले लोगों और क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करना है। इसके बाद विभाग की ओर से प्रारंभिक अधिसूचना जारी की गई है।

पुनर्वास कॉलोनी से विस्थापित परिवारों को बसाने की योजना

सेल की टासरा ओपन कास्ट परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए आसनबनी मौजा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रस्तावित योजना का उद्देश्य परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराना है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने के बाद भी आगे की प्रक्रिया पूरी होने और पुनर्वास कॉलोनी के विकास में समय लगेगा।

फिलहाल 39.19 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। निर्धारित अवधि में प्राप्त होने वाली आपत्तियों और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। कुल मिलाकर, टासरा परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए धनबाद के आसनबनी में जमीन अधिग्रहण की पहल महत्वपूर्ण कदम है। अब अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया पूरी होने और प्रस्तावित पुनर्वास कॉलोनी के विकास पर नजर रहेगी।