पाकिस्तान में खूनी आत्मघाती हमला: थाने के बाहर ब्लास्ट, 15 की मौत; शांति रैली बनी आतंकियों का निशाना

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में पुलिस स्टेशन के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 15 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल। शांति रैली के दौरान हुए धमाके के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट, राष्ट्रपति जरदारी ने जांच के आदेश दिए।

पाकिस्तान में खूनी आत्मघाती हमला: थाने के बाहर ब्लास्ट, 15 की मौत; शांति रैली बनी आतंकियों का निशाना
पाकिस्तान के स्वात में आतंक का बड़ा हमला।

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      HighLights:

  • पाकिस्तान के स्वात जिले में पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला
  • धमाके में 15 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल
  • मृतकों में 8 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं
  • पुलिस ने संदिग्ध युवक को रोकने की कोशिश की, तभी उसने खुद को उड़ा लिया

इस्लामाबाद/स्वात(Threesocieties.com Desk):  पाकिस्तान एक बार फिर बड़े आतंकी हमले से दहल उठा। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को पुलिस स्टेशन के बाहर हुए आत्मघाती विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में 8 पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। धमाका उस समय हुआ जब पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी शांति रैली आयोजित की जा रही थी।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एक संदिग्ध युवक पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट की ओर बढ़ रहा था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर तलाशी लेने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले कि उसे काबू किया जा सके, उसने अपने शरीर पर बंधे विस्फोटकों में धमाका कर दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास मौजूद पुलिसकर्मी, प्रदर्शनकारी और राहगीर इसकी चपेट में आ गए।

धमाके के बाद मची अफरा-तफरी

धमाके के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई घायल सड़क पर तड़पते रहे। स्थानीय लोगों और राहतकर्मियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। एंबुलेंस की मदद से घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस को बनाया गया मुख्य निशाना

स्वात के जिला पुलिस अधिकारी उमर खान ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमलावर का मुख्य निशाना पुलिस स्टेशन और वहां तैनात पुलिसकर्मी थे। हालांकि धमाके के समय पास में चल रही शांति रैली के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ गए।

घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया। बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है।

आतंकवाद के खिलाफ निकली थी शांति रैली

हमले के समय स्थानीय जनजातीय परिषद 'स्वात अमन जिरगा' के आह्वान पर सैकड़ों लोग आतंकवाद के खिलाफ शांति मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर स्वात घाटी में बढ़ती आतंकी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह क्षेत्र में शांति बहाल करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ी इलाकों में आतंकी खुलेआम सक्रिय हैं, जबकि आम नागरिकों को परेशान किया जाता है।

अब तक किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी

हमले के कई घंटे बाद भी किसी भी आतंकी संगठन ने इस आत्मघाती विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस हमले के पीछे सक्रिय आतंकी संगठनों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

राष्ट्रपति जरदारी ने दिए जांच के आदेश

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

वहीं, खैबर पख्तूनख्वा प्रशासन ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों को उनके मंसूबों में कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।

पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहा आतंकवाद

हाल के महीनों में पाकिस्तान, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकी घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार जुलाई महीने में ही आतंकवादी घटनाओं में 154 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो जून के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आतंक प्रभावित देश बन चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश की लगभग 90 प्रतिशत आतंकी घटनाएं खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में होती हैं।

फिलहाल हाई अलर्ट

धमाके के बाद पूरे स्वात जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा।