गुरुग्राम में जलप्रलय: 9 स्कूल बसों में 300 से अधिक बच्चे दो घंटे फंसे, घबराए अभिभावक खुद पहुंचे
गुरुग्राम में 35 मिनट में करीब 70 एमएम बारिश के बाद जलप्रलय जैसे हालात बन गए। सुभाष चौक पर 9 स्कूल बसों में 300 से अधिक बच्चे दो घंटे फंसे रहे। घबराए अभिभावक बच्चों को लेने मौके पर पहुंचे।
HighLights:
- 35 मिनट में करीब 70 एमएम बारिश से गुरुग्राम में जलभराव
- सुभाष चौक पर नौ स्कूल बसें पानी में फंसीं
- बच्चों को निकालने के लिए घबराए अभिभावक खुद मौके पर पहुंचे
गुरुग्राम (Threesocieties.com Desk): हरियाणा के सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में शामिल गुरुग्राम में सोमवार की तेज बारिश ने शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोल दी। महज करीब 35 मिनट में लगभग 70 एमएम बारिश के बाद सुभाष चौक समेत शहर के कई प्रमुख मार्ग और अंडरपास पानी में डूब गए। हालात इतने खराब हो गए कि नौ स्कूली बसों समेत करीब 15 वाहन जलभराव में फंस गए और 300 से अधिक बच्चे करीब दो घंटे तक बसों में फंसे रहे।

बच्चों के बसों में फंसे होने की सूचना मिलते ही अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। कई पैरेंट्स खुद सुभाष चौक और आसपास के इलाकों में पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। जलभराव और भीषण जाम के कारण बच्चों के साथ-साथ उन्हें लेने पहुंचे अभिभावकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
35 मिनट में 70 एमएम बारिश, सड़कें बनीं तालाब
सोमवार को गुरुग्राम में हुई मूसलधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब 35 मिनट में 70 एमएम तक बारिश होने से सुभाष चौक, महावीर चौक, मेदांता रोड अंडरपास और राजीव चौक एनएमटी अंडरपास समेत कई इलाकों में पानी भर गया।सुभाष चौक पर पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि कई वाहन आगे नहीं बढ़ सके। करीब नौ स्कूल बसें भी पानी में फंस गईं। बसों में बैठे 300 से अधिक बच्चे लंबे समय तक बाहर नहीं निकल सके।
दो घंटे तक बसों में फंसे रहे बच्चे
सुभाष चौक पर शाम तक जलभराव की स्थिति बनी रही। पानी में फंसी बसों और वाहनों को हटाने में समय लगने के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ता गया। स्कूली बच्चों के अभिभावक फोन के जरिए अपने बच्चों की स्थिति की जानकारी लेते रहे। कई अभिभावक जब बसों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे तो उन्हें खुद भी पानी और जाम के बीच काफी परेशानी झेलनी पड़ी। किसी तरह बच्चों को बसों से बाहर निकालकर सुरक्षित घर पहुंचाने की कोशिश की गई।
जलभराव से 50 से ज्यादा जगहों पर जाम
बारिश और जलभराव का असर केवल सुभाष चौक तक सीमित नहीं रहा। शहर के 50 से अधिक स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सिग्नेचर टावर, इफको चौक, गोल्फ कोर्स रोड, कन्हाई चौक, सेक्टर-46, सेक्टर-47, शीतला माता रोड और होंडा चौक समेत कई इलाकों में पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई। देर रात तक कई इलाकों में यातायात व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी थी।
महंगे फ्लैट और करोड़ों की प्रॉपर्टी वाले इलाके भी डूबे
गुरुग्राम की हाई-प्रोफाइल गोल्फ कोर्स रोड भी जलभराव से अछूती नहीं रही। जिस इलाके में करोड़ों रुपये की कीमत वाले फ्लैट और लग्जरी प्रॉपर्टी हैं, वहां भी सड़कें पानी से भर गईं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंता का विषय बनी क्योंकि गुरुग्राम को देश के प्रमुख कॉरपोरेट और रियल एस्टेट हब के तौर पर जाना जाता है, लेकिन तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सामान्य यातायात तक मुश्किल हो जाता है।
जलभराव ने सिस्टम पर खड़े किए सवाल
गुरुग्राम में बार-बार होने वाला जलभराव एक बार फिर प्रशासनिक और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। बारिश के दौरान सड़कें जलमग्न होने से ट्रैफिक जाम, वाहनों के बंद होने और लोगों के फंसने की समस्या सामने आती रही है। गुरुग्राम राज्य के लिए बड़ा आर्थिक केंद्र है और आबकारी तथा जीएसटी राजस्व में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान बताया जाता है। ऐसे में शहर की बुनियादी सुविधाओं, खासकर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बच्चों की जल्दी छुट्टी भी नहीं आई काम
बारिश को देखते हुए स्कूलों से बच्चों को समय से पहले छुट्टी देने का फैसला उनकी सुरक्षा के लिहाज से किया गया था। लेकिन स्कूल से निकलने के बाद बच्चों को घर पहुंचाने वाली बसें ही जलभराव में फंस गईं। इससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई। कई पैरेंट्स बच्चों को लेने स्कूल या बसों के फंसे होने वाली जगहों तक पहुंचे, लेकिन सड़क पर पानी और भारी ट्रैफिक के कारण उन्हें भी लंबा समय लग गया।
अभिभावकों ने पूछा- हर बारिश में क्यों डूबता है गुरुग्राम?
पालम विहार निवासी सुमंत यादव, न्यू कॉलोनी निवासी विशाल भारद्वाज, मोहिनी और पवन बंसल समेत अन्य अभिभावकों ने व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बारिश की आशंका को देखते हुए बच्चों की जल्दी छुट्टी कर देना अच्छी पहल है, लेकिन अगर शहर की सड़कें ही जलभराव के कारण जाम हो जाएं तो बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। अभिभावकों का सवाल है कि आखिर हर तेज बारिश के बाद गुरुग्राम में ऐसी स्थिति क्यों पैदा होती है और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कब होगी।
प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
जलभराव और यातायात की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने और यातायात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। हालांकि, कई इलाकों में देर तक पानी जमा रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सोमवार की बारिश ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि देश के प्रमुख कॉरपोरेट शहरों में शामिल गुरुग्राम को आखिर कब ऐसी जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।




