बिहार:समस्तीपुर में एक रुपये किलो गोभी बिकने पर फसल को रौंदने लगा था किसान, दिल्ली के बिजनसमैन ने दिये 10 गुना दाम

बिहार के समस्तीपुर जिले के एक किसान का पिछले दिनों गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। फसल की सही कीमत नहीं मिलने से किसान नाराज किसान ने ऐसा किया था। अब सेंट्रल लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद की मदद से उस किसान को दिल्ली में गोभी के खरीददार मिले। पहले जहां एक रुपये किलो का रेट नहीं मिल रहा था, अब उस किसान ने 10 रुपयेप्रति किलो की कीमत पर अपनी गोभी को बेचा है। इसके लिए किसान को पैसे भी सीधे बैंक अकाउंट में चले गये हैं।

बिहार:समस्तीपुर में  एक रुपये किलो गोभी बिकने पर फसल को रौंदने लगा था किसान, दिल्ली के बिजनसमैन ने दिये 10 गुना दाम

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पटना। बिहार के समस्तीपुर जिले के एक किसान का पिछले दिनों गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलाते हुए वीडियो वायरल हुआ था। फसल की सही कीमत नहीं मिलने से किसान नाराज किसान ने ऐसा किया था। अब सेंट्रल लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद की मदद से उस किसान को दिल्ली में गोभी के खरीददार मिले। पहले जहां एक रुपये किलो का रेट नहीं मिल रहा था, अब उस किसान ने 10 रुपये प्रति किलो की कीमत पर अपनी गोभी को बेचा है। इसके लिए किसान को पैसे भी सीधे बैंक अकाउंट में चले गये हैं।

सेंट्रल मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को इस बात की जानकारी देते हुए कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा, 'कल मीडिया के द्वारा मुझे खबर मिली थी कि बिहार के समस्तीपुर के मुक्तापुर गांव के किसान ओम प्रकाश यादव को अपने खेत में उगाई गोभी की फसल का स्थानीय आढ़त में मात्र एक रुपया प्रति किलो भाव मिल रहा था। निराश हो कर उन्होंने अपने खेत के कुछ हिस्से पर ट्रैक्टर चलवा कर फसल को नष्ट कर दिया।

अब @narendramodi सरकार के नयेकृषि कानूनों ने किसान को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आज़ादी दे दी है। बिहार का ये किसान जिसे स्थानीय मंडी में मिल रहे दाम से निराश हो कर अपनी फसल नष्ट करने पर मजबूर होना पड़ा था, अब स्थानीय दाम से दस गुना अधिक दाम पर दिल्ली में अपनी फसल बेच पाया है। रविशंकर प्रसाद ने बतायाकि मैंने अपने विभाग के कॉमन सर्विस सेण्टर को निर्देश दिया कि इस किसान से संपर्क कर इनकी फसल को देश के किसी भी बाज़ार में उचित मूल्य पर बेचने का प्रबंध किया जाए। @CSCegov_ के डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-किसान मार्ट पर इस किसान को दिल्ली के एक खरीददार ने 10 रुपये प्रति किलो का मूल्य ऑफर किया।

उन्होंने कहा कि किसान और खरीदार की आपसी सहमति कुछ ही घंटों में किसान के बैंक अकाउंट में आधी राशि एडवांस के रूप में पहुंच गई। आज मुझे पता चला है कि न सिर्फ ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाया गया बल्कि बची हुई राशि भी किसान के बैंक अकाउंट में जमा हो गई है।र समस्तीपुर की गोभी दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।उन्होंने ट्वीट में लिखा'अब नरेंद्र मोदी सरकार के नये कृषि कानूनों ने किसान को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी दे दी है। बिहार का ये किसान जिसे स्थानीय मंडी में मिल रहे दाम से निराश हो कर अपनी फसल नष्ट करने पर मजबूर होना पड़ा था, अब स्थानीय दाम से दस गुना अधिक दाम पर दिल्ली में अपनी फसल बेच पाया है।

समस्तीपुर जिले में मुक्तापुर के किसान ने फसल नष्ट करने के बाद कहा था कि गोभी की खेती में उसने चार हजार रुपये प्रति कट्ठा का खर्च किया। इसके बावजूद मंडी में यह एक रुपये किलो भी नहीं बिक रहा। फसल तैयार करने से लेकर उसे मंडी में पहुंचाने में काफी खर्च हो जाता है।मंडी में जब ये एक रुपये किलो भी नहीं बिक रही तो निराशा होती है। इसलिए मजबूरन अपनी फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर उसे खेत में ही नष्ट करना पड़ा।