धनबाद: शक्ति मंदिर में जन्माष्टमी पर सजेगा भक्ति का भव्य दरबार, मध्यरात्रि में गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’

धनबाद के शक्ति मंदिर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी का भव्य आयोजन होगा। रात 8:05 बजे भजन संध्या, 11:30 बजे पूजन और मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होगा।

धनबाद: शक्ति मंदिर में जन्माष्टमी पर सजेगा भक्ति का भव्य दरबार, मध्यरात्रि में गूंजेगा ‘नंद के घर आनंद भयो’
शक्ति मंदिर में जन्माष्टमी की भव्य तैयारी।

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    Highlights:

  • 4 सितंबर, शुक्रवार को शक्ति मंदिर में जन्माष्टमी का विशेष आयोजन
  • मंदिर परिसर को लाइट, फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया जाएगा
  • ब्रजेश मिश्र की देखरेख में पंडितों द्वारा संपन्न होंगे धार्मिक अनुष्ठान
  • श्रद्धालुओं से सपरिवार शक्ति मंदिर पहुंचने की अपील

धनबाद (Threesocieties.com Desk): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर धनबाद के प्रसिद्ध शक्ति मंदिर में इस वर्ष भी भक्ति और आस्था का भव्य संगम देखने को मिलेगा। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक लाइटों, रंग-बिरंगे गुब्बारों और फूलों से सजाया जाएगा। 4 सितंबर, शुक्रवार को मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में भजन संध्या, विधि-विधान से पूजन-अनुष्ठान और मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आयोजन होगा।

जन्माष्टमी के अवसर पर शक्ति मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाकर भक्तिमय वातावरण तैयार किया जाएगा। शाम से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल शुरू हो जाएगी और देर रात तक धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।

रात्रि 8:05 बजे से शुरू होगी भजन संध्या

शक्ति मंदिर के संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि 8:05 बजे भजन संध्या से होगी। भजन संध्या के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठेगा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे। इसके बाद रात्रि 11:30 बजे से विधि-विधान के साथ विशेष पूजन-अनुष्ठान शुरू किया जाएगा। जन्माष्टमी के सबसे महत्वपूर्ण क्षण यानी मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

मध्यरात्रि 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दिव्य क्षण के साक्षी बनेंगे। जन्मोत्सव के बाद रात्रि 12:15 बजे मातारानी को भोग अर्पित कर आरती की जाएगी।जन्माष्टमी के इस विशेष आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मंदिर परिसर की सजावट से लेकर पूजा-अर्चना तक सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पंडितों की देखरेख में संपन्न होंगे पूजन-अनुष्ठान

सुरेंद्र अरोड़ा ने बताया कि समस्त पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के प्रबंधक ब्रजेश मिश्र की देखरेख में संपन्न होंगे। पूजा-अर्चना का दायित्व पंडित मुकेश पाण्डेय, पंडित राधेश्याम पाण्डेय, पंडित संतोष पाण्डेय एवं पंडित जमुना पाण्डेय संभालेंगे। इस अवसर पर श्री रूप किशोर टंडन एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता टंडन यजमान के रूप में मौजूद रहेंगी।

श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचने की अपील

संयुक्त सचिव सुरेंद्र अरोड़ा ने धनबादवासियों एवं श्रद्धालुओं से जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सपरिवार शक्ति मंदिर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु भजन संध्या, विशेष पूजा-अर्चना और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के दिव्य क्षण के साक्षी बनकर इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर शक्ति मंदिर में भक्तिमय वातावरण के बीच विशेष आयोजन किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और मंदिर परिसर में आस्था एवं भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिलेगा।

जन्माष्टमी पर भक्ति में सराबोर होगा शक्ति मंदिर

शक्ति मंदिर में हर वर्ष जन्माष्टमी का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। इस बार भी आकर्षक सजावट, भजन संध्या, विशेष पूजन और मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु जय श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ भगवान की आराधना करेंगे।