नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मिला भारत रत्न
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भारतीय जनसंघ के दिवंगत नेता नानाजी देशमुख और दिवंगत गायक भूपेन हजारिका को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया. नानाजी देशमुख की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय रिसर्च इंस्टिट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह और भूपेन हजारिका की तरफ से उनके बेटे तेज हजारिका ने भारत रत्न लिया.
हजारिका और देशमुख को यह सर्वोच्च सम्मान मरणोंपरांत मिला है. चार साल अंतराल के बाद बाद भारत रत्न सम्मान दिया जा रहा है.नरेंद्र मोदी गर्वमेंट ने इससे पहले वर्ष, 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न से नवाजा था. विगत जनवरी में ही मोदी गर्वमेंट ने इस पुरस्कार की घोषणा की थी. इन तीन हस्तियों के साथ ही देश में अब 48 प्रख्यात लोगों को भारत रत्न पुरस्कार मिल चुका है.
भारत रत्न पानेवाले पांचवे पूर्व राष्ट्रपति
प्रणब मुखर्जी अब पूर्व राष्ट्रपतियों के उस क्लब में शामिल हो गये हैं जिन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है.पहले पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन, राजेंद्र प्रसाद, जाकिर हुसैन और वीवी गिरि को इस सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक करियर उपलब्धियों से भरा रहा है. राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी कांग्रेस व यूपीए सरकार के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे. पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जन्मे प्रणब के सक्रिय राजनीतिक करियर की शुरुआत 1969 में उनके राज्यसभा निर्वाचन के साथ हुई थी. उसके बाद अलग-अलग कांग्रेस सरकारों में उन्होंने वित्त, रक्षा, विदेश जैसे अहम मंत्रालयों का पदभार संभाला. प्रणब मुखर्जी की छवि एक निर्विवाद नेता की रही. प्रणब मुखर्जी वर्ष 1982 में महज 47 वर्ष की आयु में देश के सबसे युवा वित्त मंत्री बन गये थे. वर्ष 2004 से उन्हें तीन और अहम मंत्रालय विदेश, रक्षा और वित्त मिल गये. इतने उच्च पदों पर रहने के बाद राष्ट्रपति भवन में आने वाले वह पहले व्यक्ति बने.
नानाजी देशमुख
नानाजी देशमुख वर्ष 1928 से संघ से जुड़े हुए थे.नानाजी 94 साल की आयु में 2010 में मध्यप्रदेश के सतना में देहावसान होने तक संघ से ही जुड़े रहे. वह पूरे देश में संघ समर्थित स्कूल चलाने के लिए विख्यात थे. नानाजी 1975 में आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के भी आर्किटेक्ट भी कहे जाते हैं. वह 1977 में जनता पार्टी सरकार के गठन में भी अहम कड़ी माने जाते थे.
भूपेन हजारिका
भूपेन हजारिका का जन्म भूपेन वर्ष 1926 में व निधन 2011 में हुआ था. हजारिका असम के एक पार्श्व गायक, गीतकार, संगीतकार, गायक, कवि और फिल्मकार थे. उन्होंने रुदाली, दर्मियान, गज गामिनी, दमन जैसी कई फिल्मों में संगीत दिया था. उन्हें संगीत नाटक अकादमी अवार्ड (1987), पद्मश्री (1977), दादा साहेब फाल्के अवार्ड (1992), पद्म भूषण (2001) और पद्म विभूषण (2012 मरणोंपरांत) से सम्मानित किया गया था.हजारिका ने 1952 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की थी. उनका उन्होंने राजनीति में भी सफलतापूर्वक कदम रखा था. हजारिका वर्ष 2004 में भाजपा के टिकट पर गुवाहाटी लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. वह वर्ष 1967-72 में असम में निर्दलीय विधायक भी रहे थे.




