ग्लाइडर से कोडिंग तक! IIT (ISM) धनबाद में Concetto’26 का टेक्नो धमाल

IIT (ISM) धनबाद के Concetto’26 में ग्लाइडर डिजाइन, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी, मैथ्स, सस्टेनेबिलिटी, ब्रिज निर्माण और गेमिंग समेत 100 से अधिक इवेंट्स में छात्रों ने प्रतिभा दिखाई।

ग्लाइडर से कोडिंग तक! IIT (ISM) धनबाद में Concetto’26 का टेक्नो धमाल
ग्लाइडर की उड़ान से साइबर सिक्योरिटी तक।

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   Highlights:

  • IIT (ISM) धनबाद में टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट Concetto’26 का आगाज
  • संस्थान के सेंचुरी ईयर में आयोजित फेस्ट की थीम है “Centaury Synapse: Forged Over a Century”
  • AeroGlide में बिना मोटर वाले ग्लाइडर की उड़ान से परखी गई डिजाइनिंग और एयरोडायनामिक्स की समझ
  • कोड द कॉसमॉस में क्रिप्टोग्राफी, साइबर सिक्योरिटी और लॉजिकल रीजनिंग की चुनौती

धनबाद  (Threesocieties.com Desk): ग्लाइडर की उड़ान में एयरोडायनामिक्स का टेस्ट, कोडिंग में प्रॉब्लम सॉल्विंग की चुनौती, साइबर सिक्योरिटी में लॉजिकल थिंकिंग और ब्रिज निर्माण में इंजीनियरिंग स्किल्स का प्रदर्शन। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के कैंपस में देखने को मिला। संस्थान के सालाना टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट कॉन्सेट्टो’26 (Concetto’26) के पहले दिन टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, लॉजिकल थिंकिंग और क्रिएटिविटी का अनूठा संगम नजर आया।

संस्थान के सेंचुरी ईयर में आयोजित इस विशेष संस्करण में देश के विभिन्न संस्थानों से आए युवा टेक्नोक्रेट्स अपनी तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और नए विचारों के साथ हिस्सा ले रहे हैं। फेस्ट की थीम “सेंटॉरी सिनैप्स: फोर्ज्ड ओवर ए सेंचुरी” रखी गई है। इसके जरिए तकनीकी ज्ञान, नवाचार, टीमवर्क और रचनात्मक अभिव्यक्ति को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

कॉन्सेट्टो’26 में 100 से अधिक इवेंट्स के माध्यम से छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने, व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में अपनी क्षमता परखने का अवसर मिल रहा है। पहले दिन एयरोस्पेस से लेकर वेब डेवलपमेंट, क्रिप्टोग्राफी, मैथमैटिक्स, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी तक से जुड़े कई आयोजन आकर्षण का केंद्र रहे।

एरोग्लाइड में ग्लाइडर की उड़ान से परखी गई इंजीनियरिंग स्किल

फेस्ट के पहले दिन एरोग्लाइड (AeroGlide) प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। मेकिस्मु रेसिंग इलेक्ट्रिक की ओर से जिमखाना ग्राउंड में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्रों को बिना मोटर वाले ग्लाइडर डिजाइन करने और तैयार करने की चुनौती दी गई।प्रतियोगिता में दो से चार सदस्यों वाली टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को फोम शीट और चार्ट पेपर का इस्तेमाल कर ग्लाइडर बनाना था। इसके लिए ग्लाइडर के आकार और वजन से संबंधित निर्धारित सीमाओं का पालन करना जरूरी था।

ग्लाइडर तैयार होने के बाद उसे हाथ से लॉन्च किया गया और उसकी उड़ान की दूरी तथा हवा में बने रहने के समय के आधार पर प्रदर्शन को परखा गया। प्रतियोगिता में केवल ग्लाइडर बनाना ही पर्याप्त नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को टेक्निकल पैनल के सामने अपने डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया और एयरोडायनामिक्स से जुड़े निर्णयों को भी समझाना था।इस आयोजन ने छात्रों को इंजीनियरिंग के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में इस्तेमाल करने का अवसर दिया। ग्लाइडर की बनावट, संतुलन और उड़ान के प्रदर्शन के जरिए प्रतिभागियों को डिजाइनिंग तथा तकनीकी प्रयोगों की अहमियत समझने का मौका मिला।

कोडिंग से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक, छात्रों के सामने तकनीकी चुनौतियां

कॉन्सेट्टो’26 के पहले दिन कोडिंग, वेब डेवलपमेंट, एल्गोरिदम और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कई इवेंट्स आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों की तकनीकी समझ, तार्किक क्षमता और सीमित समय में समस्याओं का समाधान निकालने की योग्यता को परखने पर जोर रहा। वीब हैक वेबडी और डेवडैश’26 में प्रतिभागियों ने वेब डेवलपमेंट और रैपिड कोडिंग से जुड़ी अपनी स्किल्स का प्रदर्शन किया। इन इवेंट्स में तकनीकी समस्याओं को समझने, कोड लिखने और निर्धारित समय में समाधान तैयार करने की क्षमता अहम रही।

वहीं, कोड द कॉसमॉस (Code the Cosmos) में क्रिप्टोग्राफी, साइबर सिक्योरिटी और लॉजिकल रीजनिंग पर आधारित चुनौतियां दी गईं। डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व के बीच इस तरह के इवेंट्स छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़े सिद्धांतों और तार्किक विश्लेषण की भूमिका समझने का अवसर देते हैं। थलॉन 4.0 (Mathlon 4.0) में गणित, एल्गोरिदम और रणनीति से जुड़े सवालों के जरिए प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक क्षमता को परखा गया। इसके अलावा एल्गोसॉर्ट (AlgoSort) में छात्रों को गणितीय और एल्गोरिदमिक समस्याओं को हल करने के साथ उनसे संबंधित सॉर्टिंग प्रक्रिया को फिजिकली पूरा करना था। इन प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों को केवल कंप्यूटर स्क्रीन पर कोडिंग करने तक सीमित रहने के बजाय समस्याओं के पीछे के गणितीय और तार्किक सिद्धांतों को समझने का अवसर मिला।

क्वेस्ट्री में मैथ्स और लॉजिक के जरिए कैंपस ट्रेजर हंट

टेक्निकल गतिविधियों के बीच क्वेस्ट्री (Questry) भी आकर्षण का केंद्र रहा। इस आयोजन में गणितीय सवालों, लॉजिकल क्लू और मेज सॉल्विंग की मदद से कैंपस ट्रेजर हंट आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को अलग-अलग संकेतों को समझते हुए आगे बढ़ना था। इसमें केवल तेजी से जवाब देना ही नहीं, बल्कि सही निष्कर्ष निकालना, पैटर्न पहचानना और समस्याओं को क्रमबद्ध तरीके से हल करना भी महत्वपूर्ण था। इस तरह के आयोजन तकनीकी ज्ञान के साथ टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता को भी सामने लाते हैं। छात्रों के लिए यह अपनी तार्किक सोच को मनोरंजक और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में परखने का मौका बना।

सस्टेनेबिलिटी पर जोर, उद्योगों की समस्याओं के समाधान तलाशेंगे छात्र

कॉन्सेट्टो’26 में तकनीकी नवाचार के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े विषयों को भी जगह दी गई। सोसाइटी ऑफ एनवायरनमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग की ओर से वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) के सहयोग से आयोजित एथेरा 2026 (Aethera 2026) में छात्रों को उद्योगों से संबंधित केस के आधार पर समाधान तैयार करने की चुनौती दी गई। इस इवेंट में प्रतिभागियों को ऐसे व्यावहारिक और लागत प्रभावी समाधान विकसित करने पर काम करना था, जो सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखें। औद्योगिक गतिविधियों और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए तकनीकी ज्ञान, विश्लेषण और नए विचारों की भूमिका इस आयोजन का अहम हिस्सा रही। इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों को वास्तविक औद्योगिक समस्याओं को समझने और उनके लिए व्यवहारिक समाधान तैयार करने की दिशा में सोचने का अवसर देती हैं।

आर्कवे एरीना में ब्रिज निर्माण, लोड-बेयरिंग क्षमता की परीक्षा

इंजीनियरिंग के व्यावहारिक पहलुओं को सामने लाने वाला एक अन्य प्रमुख आयोजन आर्कवे एरीना’26 (Archway Arena’26) रहा। इसमें छात्रों ने ब्रिज मॉडल तैयार किए और उनकी लोड-बेयरिंग कैपेसिटी यानी भार सहने की क्षमता को परखा।ब्रिज निर्माण में डिजाइन, सामग्री के इस्तेमाल, संरचनात्मक संतुलन और भार के वितरण जैसे पहलू महत्वपूर्ण होते हैं। प्रतियोगिता में इन अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

वहीं, क्रैक द क्रूड (Crack the Crude) में पेट्रोलियम इंडस्ट्री से संबंधित जानकारी, त्वरित सोच, टीमवर्क और रिजर्वायर मॉडलिंग स्किल्स पर फोकस किया गया। इस इवेंट के जरिए प्रतिभागियों को पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से जुड़े विषयों में अपनी समझ और तकनीकी दक्षता दिखाने का मंच मिला। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की तकनीकी पहचान को देखते हुए पेट्रोलियम इंजीनियरिंग से संबंधित प्रतियोगिता का विशेष महत्व रहा, क्योंकि इसमें छात्रों को अपने विषयगत ज्ञान को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में परखने का अवसर मिला।

ब्लॉकचेन, क्रिप्टोग्राफी और एनालिटिकल थिंकिंग पर भी फोकस

कॉन्सेट्टो’26 के पहले दिन डिजिटल तकनीक और तार्किक विश्लेषण से जुड़े अन्य आयोजन भी हुए। ब्लॉक हंट (Block Hunt) में ब्लॉकचेन और क्रिप्टोग्राफी पर आधारित पहेलियों के जरिए प्रतिभागियों की समस्या सुलझाने की क्षमता को परखा गया।लॉजिक ओडिसी (Logic Odyssey) में एनालिटिकल थिंकिंग और पैटर्न रिकग्निशन पर जोर रहा। इसमें छात्रों को संकेतों और पैटर्न का विश्लेषण कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचना था। इसके अलावा गेट क्राफ्ट (GATE Craft) में गेट परीक्षा से जुड़ी तैयारी पर फोकस किया गया। इस तरह के आयोजन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विषयों और रणनीतियों पर ध्यान देने का अवसर देते हैं। इन सभी गतिविधियों ने कॉन्सेट्टो’26 को अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए एक व्यापक मंच बनाया, जहां वे अपनी विशेषज्ञता के अनुसार प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं।

ऑनलाइन बीजीएमआई टूर्नामेंट ने भी खींचा युवाओं का ध्यान

टेक्निकल प्रतियोगिताओं के साथ ऑनलाइन गेमिंग को भी फेस्ट में जगह मिली। बीजीएमआई (BGMI) गेमिंग टूर्नामेंट ने युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। ई-स्पोर्ट्स आधारित प्रतियोगिताओं में रणनीति, टीम के साथ तालमेल, त्वरित निर्णय और परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजना बदलने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। गेमिंग टूर्नामेंट ने छात्रों को प्रतिस्पर्धा का एक अलग मंच उपलब्ध कराया।वहीं, आदर्श श्रीवास्तव और सोनल गोयल के गेस्ट टॉक ने कार्यक्रम में ज्ञान साझा करने का एक और आयाम जोड़ा। गेस्ट सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को वक्ताओं के विचारों और अनुभवों से जुड़ने का अवसर मिला।

क्ले मॉडलिंग से म्यूजिक और कॉमेडी नाइट तक, क्रिएटिविटी का रंग

कॉन्सेट्टो’26 में तकनीकी गतिविधियों के साथ कला और मनोरंजन को भी महत्व दिया गया। आर्टफ्रीक्स (Artfreaks) के सहयोग से आयोजित क्ले मॉडलिंग इवेंट में छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया।क्ले मॉडलिंग जैसे आयोजन छात्रों को तकनीकी और अकादमिक गतिविधियों से अलग अपनी कलात्मक प्रतिभा सामने लाने का अवसर देते हैं। इससे फेस्ट का दायरा केवल इंजीनियरिंग और कोडिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रचनात्मक अभिव्यक्ति को भी इसमें स्थान मिला। दिनभर आयोजित प्रतियोगिताओं और गेस्ट सेशन के बाद जिमखाना ग्राउंड में म्यूजिक और कॉमेडी नाइट आयोजित हुई। इससे प्रतिभागियों को तकनीकी गतिविधियों के बीच मनोरंजन और आपसी मेलजोल का अवसर मिला।

सेंचुरी ईयर में खास है कॉन्सेट्टो’26 का आयोजन

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सेंचुरी ईयर में आयोजित कॉन्सेट्टो’26 संस्थान के तकनीकी और रचनात्मक माहौल को सामने ला रहा है। “सेंटॉरी सिनैप्स: फोर्ज्ड ओवर ए सेंचुरी” थीम के साथ यह आयोजन तकनीकी ज्ञान, नवाचार और सहयोग की भावना को एक मंच पर जोड़ने पर केंद्रित है। 100 से अधिक इवेंट्स के माध्यम से छात्रों को अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं दिखाने, नई समस्याओं पर काम करने और दूसरे संस्थानों से आए युवाओं के साथ विचार साझा करने का अवसर मिल रहा है। ग्लाइडर डिजाइन और ब्रिज निर्माण जैसे व्यावहारिक इंजीनियरिंग प्रयोगों से लेकर कोडिंग, क्रिप्टोग्राफी, सस्टेनेबिलिटी, गेमिंग और कला तक फैली गतिविधियां इस आयोजन की विविधता को दर्शाती हैं।

कॉन्सेट्टो’26 का पहला दिन इस बात का उदाहरण रहा कि तकनीकी शिक्षा में किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग, टीमवर्क, तार्किक सोच और रचनात्मकता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संस्थान के सेंचुरी ईयर में आयोजित यह फेस्ट छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और तकनीकी क्षेत्र में नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।