झारखंड पुलिस का 7 महीने का रिपोर्ट कार्ड: 113 नक्सली गिरफ्तार, 22 ढेर, 50 ने किया सरेंडर
झारखंड पुलिस ने जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। 113 नक्सली गिरफ्तार, 22 मुठभेड़ में ढेर, 50 ने सरेंडर किया। साइबर अपराध, संगठित अपराध और नशे के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई।
HighLights:
- जनवरी से 15 अगस्त 2026 तक 113 नक्सली गिरफ्तार, 22 मुठभेड़ में मारे गए और 50 ने किया श्रएँड्र
- नक्सल विरोधी अभियानों में 111 हथियार और 9,904 कारतूस बरामद
- संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 193 अपराधी गिरफ्तार, 63 हथियार और 274 कारतूस जब्त
- साइबर अपराध के 658 मामलों में 486 आरोपी गिरफ्तार किए गए
- डायल-1930 पर मिली 77,503 शिकायतों के बाद 150 करोड़ रुपये फ्रीज और 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तथा नक्सल विरोधी अभियानों के संदर्भ में 15 अगस्त तक की कार्रवाई का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। रिपोर्ट में नक्सलवाद, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और पुलिस आधुनिकीकरण समेत कई क्षेत्रों में की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में नक्सल विरोधी अभियान को तेज करते हुए 113 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अलग-अलग मुठभेड़ों में 22 माओवादी मारे गए। इस दौरान 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। पुलिस का दावा है कि लगातार अभियान और अंतरराज्यीय समन्वय के कारण राज्य के कई महत्वपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब नक्सल गतिविधियों से मुक्त हो चुके हैं।
नक्सलियों पर बड़ा प्रहार, कई इनामी उग्रवादी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए 113 उग्रवादियों में 49 भाकपा माओवादी, 30 पीएलएफआई, 23 टीएसपीसी, 10 जेजेएमपी और एक एसजेएमएम से जुड़ा उग्रवादी शामिल है। गिरफ्तार नक्सलियों में एक करोड़ रुपये का इनामी मिसिर बेसरा, 25 लाख रुपये का इनामी अजय महतो तथा 15-15 लाख रुपये के इनामी रवींद्र गंझू, मेहनत और मदन महतो शामिल हैं। वहीं, पुलिस मुठभेड़ों में 22 माओवादी मारे गए। इनमें एक करोड़ रुपये का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी, 25 लाख रुपये का इनामी अनमोल उर्फ सुशांत तथा 15-15 लाख रुपये के इनामी अमित मुंडा और सहदेव महतो शामिल बताए गए हैं।
हथियार और विस्फोटक भी बरामद
नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस ने 111 हथियार बरामद किए। इनमें 81 ऐसे प्रतिबंधित हथियार बताए गए हैं, जो पहले पुलिस से लूटे गए थे। इसके अलावा 9,904 कारतूस, करीब 11 किलोग्राम विस्फोटक और छह लाख रुपये की लेवी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 43 नक्सलियों ने पुलिस मुख्यालय में 28 हथियार और 4,549 कारतूस के साथ सरेंडर किया। झारखंड पुलिस के दबाव का असर पड़ोसी राज्यों में भी देखने को मिला, जहां छत्तीसगढ़ में आठ, पश्चिम बंगाल में दो और तेलंगाना में दो कुख्यात नक्सलियों के आत्मसमर्पण की जानकारी दी गई है।
बूढ़ा पहाड़ से सारंडा तक नक्सल गतिविधियों पर लगाम
पुलिस मुख्यालय ने राज्य के कई महत्वपूर्ण नक्सल प्रभावित इलाकों को नक्सलमुक्त घोषित किए जाने को बड़ी उपलब्धि बताया है। इनमें छत्तीसगढ़-गढ़वा-लातेहार सीमा का बूढ़ा पहाड़, सारंडा, टोंटो, गोईलकेरा, पोड़ाहाट, पारसनाथ, लुगु और झुमरा पहाड़, सरयू-गारू तथा कुचाई के घने जंगल शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन इलाकों में लगातार अभियान चलाने, सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत करने से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
साइबर अपराधियों पर भी शिकंजा
झारखंड पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। जनवरी से जून तक साइबर अपराध से जुड़े 658 मामलों में 486 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 651 मोबाइल फोन, 679 सिम कार्ड, 74 एटीएम कार्ड समेत नकद और अन्य सामान बरामद किया गया।
‘प्रतिबिंब ऐप’ से 336 साइबर अपराधी गिरफ्तार
साइबर अपराधियों की पहचान और कार्रवाई में ‘प्रतिबिंब ऐप’ को भी पुलिस ने महत्वपूर्ण माध्यम बताया है। जनवरी से जुलाई तक इस ऐप के जरिए 121 मामलों में 336 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 545 मोबाइल फोन और 655 सिम कार्ड जब्त किए गए।
डायल-1930 से करोड़ों रुपये बचाए
साइबर ठगी के मामलों में डायल-1930 पर जनवरी से जुलाई के बीच 77,503 शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस के अनुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खातों में करीब 150 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए और 19 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। इसी अवधि में 22,165 मोबाइल नंबर और 10,054 आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए गए।
संगठित अपराध के खिलाफ 193 अपराधी गिरफ्तार
राज्य में संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान चलाया। जनवरी से जुलाई के बीच 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 63 हथियार और 274 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार 50 अपराधियों के खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को भी तेज किया गया है।
नशे के कारोबार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान में जनवरी से जून तक 435 मामले दर्ज किए गए और 710 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस दौरान 3,461 किलोग्राम गांजा, 151 किलोग्राम अफीम, 3.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर और 10,218 किलोग्राम डोडा बरामद किया। बरामद नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 41 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने 4,620 एकड़ जमीन पर लगी अवैध अफीम की फसल नष्ट करने का दावा किया है।
पॉक्सो और मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज 653 मामलों में 542 आरोपियों को जेल भेजा गया। मानव तस्करी के मामलों में भी कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 140 से अधिक पीड़ितों को मुक्त कराया गया। चक्रधरपुर में गुजरात के कथित तस्करों के चंगुल से 36 लोगों को मुक्त कराना भी इस अभियान की प्रमुख कार्रवाई में शामिल रहा।
CEIR से 4,053 मोबाइल बरामद
खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए CEIR पोर्टल के माध्यम से भी पुलिस ने कार्रवाई की। जनवरी से जुलाई तक 4,053 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंपे गए। इसी अवधि में विशेष प्रतिवेदित 14,083 मामले दर्ज किए गए, जबकि 15,286 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस ने 482 हथियार और 8,663 गोलियां बरामद करने की जानकारी भी दी है।
पुलिस आधुनिकीकरण पर जोर
रिपोर्ट कार्ड में पुलिस आधुनिकीकरण को भी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया गया है। मार्च 2026 में झारखंड पुलिस को 636 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा 627 चारपहिया और 848 दोपहिया वाहनों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इससे पुलिस बल की फील्ड मोबिलिटी और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है।
12 जिलों में ज्वाइंट पुलिस स्टेशन
पुलिस मुख्यालय के अनुसार 12 जिलों में ज्वाइंट पुलिस स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इन परिसरों में महिला थाना, साइबर थाना, एससी-एसटी थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना जैसी सुविधाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा पांच जिलों में सीआई और एसडीपीओ कार्यालय सह आवास का निर्माण कार्य भी जारी है।
पुलिसकर्मियों और आश्रितों के कल्याण पर फोकस
पुलिस कल्याण के तहत विभिन्न कोषों के माध्यम से पुलिसकर्मियों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दी गई। पुलिस मुख्यालय के अनुसार 237 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई। वहीं 37 वीरता पदक प्राप्त पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया। पुलिस कल्याण, शिक्षा और परोपकारी कोष के माध्यम से भी सहायता उपलब्ध कराई गई।
पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय
नक्सलवाद और अंतरराज्यीय अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए झारखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय को भी प्राथमिकता दी है। ओडिशा और रांची में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए मिरर चेक पोस्ट और रियल टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस मुख्यालय का दावा- अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता
झारखंड पुलिस मुख्यालय के रिपोर्ट कार्ड से साफ है कि वर्ष 2026 में पुलिस ने नक्सलवाद के साथ-साथ साइबर अपराध, संगठित अपराध, नशीले पदार्थों और मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया है। पुलिस मुख्यालय का दावा है कि तकनीक आधारित पुलिसिंग, आधुनिक संसाधनों, बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और लगातार अभियानों के जरिए राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में भी अपराध नियंत्रण, उग्रवाद के खात्मे और आम लोगों की सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
Anjala Kumar 



