धनबाद के छाताबाद में फिर भू-धंसान, जोरदार आवाज से दहली धरती; कई घरों में दरार

धनबाद के कतरास छाताबाद में फिर भू-धंसान से हड़कंप मच गया। जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसी, करीब एक दर्जन घर और सामुदायिक भवन प्रभावित हुए। दो लोग घायल हुए।

धनबाद के छाताबाद में फिर भू-धंसान, जोरदार आवाज से दहली धरती; कई घरों में दरार
जोरदार आवाज से दहली धरती; एक दर्जन घर प्रभावित।

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  • धनबाद के कतरास के छाताबाद खुशबू मोहल्ला में फिर भू-धंसान
  • जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसी, इलाके में मची अफरा-तफरी
  • करीब एक दर्जन घर, सामुदायिक भवन और सड़क भू-धंसान की चपेट में
  • सड़क करीब 10 फीट तक नीचे धंसने की जानकारी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद जिले के कतरास इलाके में भू-धंसान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम कतरास थाना क्षेत्र के बीसीसीएल एरिया-3 अंतर्गत छाताबाद के खुशबू मोहल्ला में एक बार फिर जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसने की घटना हुई। अचानक हुई इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने-अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

भू-धंसान की चपेट में करीब एक दर्जन घर, एक सामुदायिक भवन और पीसीसी सड़क के आने की जानकारी है। कई स्थानों पर जमीन के नीचे धंसने से बड़ी-बड़ी दरारें बन गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क करीब 10 फीट तक नीचे धंस गई। घरों की दीवारों में दरारें पड़ने और मकानों के झुकने से लोगों में दहशत का माहौल है।

जोरदार आवाज के बाद धंसने लगी जमीन

बताया जाता है कि बुधवार शाम करीब 3:30 बजे छाताबाद खुशबू मोहल्ला में अचानक जमीन के अंदर से हलचल और जोरदार आवाज सुनाई दी। इसके बाद जमीन धंसने लगी। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, भू-धंसान की शुरुआत के साथ ही आसपास के मकानों में दरारें दिखाई देने लगीं। कुछ मकान झुकने लगे। खतरे को देखते हुए लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

12 वर्षीय बच्ची को बचाने के दौरान दो महिलाएं घायल

भू-धंसान की घटना में तबस्सुम परवीन और 12 वर्षीय रौशनी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों के हाथ-पैर में चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने दोनों को पास के मेडिकल हॉल में ले जाकर प्राथमिक इलाज कराया। घायल 48 वर्षीय तबस्सुम परवीन ने बताया कि वह खाना खाने के बाद मैदान की ओर जा रही थीं। इसी दौरान अचानक जमीन में हलचल महसूस हुई। देखते ही देखते जोरदार आवाज के साथ घर का हिस्सा धंसने लगा। उन्होंने बताया कि इसी दौरान उनकी नजर 12 वर्षीय रौशनी पर पड़ी। खतरा देखकर उन्होंने दौड़कर बच्ची को अपनी ओर खींच लिया। इसी दौरान दोनों को चोट लगी।

घरों की दीवारों में पड़ीं बड़ी दरारें

भू-धंसान के बाद कई घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन लगातार कमजोर होती जा रही है। मकानों के नीचे जमीन खिसकने के कारण लोगों को अपने घरों में रहने में डर लग रहा है। घटना के बाद प्रभावित परिवार अपने घरों से कपड़े, जरूरी सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए।

सामुदायिक भवन भी भू-धंसान की चपेट में

सबसे चिंता की बात यह है कि जिस सामुदायिक भवन के आसपास प्रभावित परिवारों ने पहले शरण ली थी, वही स्थान भी अब भू-धंसान की चपेट में आ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले की घटनाओं के बाद कुछ परिवार सामुदायिक भवन के आसपास रह रहे थे। यहां BCCL प्रबंधन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन वितरण भी किया जाता था। कुछ लोग छोटे टेंट लगाकर भी रह रहे थे। अब इसी क्षेत्र में जमीन धंसने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

घटना से पहले BCCL ने लगाया था नोटिस

स्थानीय लोगों का दावा है कि घटना से कुछ समय पहले ही BCCL प्रबंधन की ओर से इलाके में नोटिस चस्पा कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी भू-धंसान की बड़ी घटना हो गई। घटना के बाद लोगों में BCCL प्रबंधन के प्रति नाराजगी देखी गई। प्रभावित लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कई महीनों से भू-धंसान का खतरा बना हुआ है, लेकिन उन्हें अभी तक स्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित नहीं किया गया है।

35 दिन में फिर भू-धंसान से बढ़ी चिंता

स्थानीय लोगों के अनुसार, छाताबाद में पिछले कुछ समय से लगातार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी आसपास भू-धंसान की घटनाएं हुई थीं। पिछली घटनाओं के बाद कई परिवारों के मकान प्रभावित हुए थे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और पुनर्वास की मांग लगातार उठती रही है। जनप्रतिनिधियों के दौरे और आश्वासन के बावजूद प्रभावित परिवारों का कहना है कि स्थायी पुनर्वास का इंतजार अब भी जारी है।

पुनर्वास की मांग को लेकर आंदोलन भी हुआ

भू-धंसान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आशियाना बचाओ आंदोलन के बैनर तले आंदोलन भी किया गया था। जीटीए डेको आउटसोर्सिंग कंपनी का चक्का जाम कर कई दिनों तक धरना दिया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार भू-धंसान की घटनाओं के बावजूद प्रभावित परिवारों को अभी तक पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने प्रभावित इलाके को घेरा

घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू और कतरास थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र को घेर दिया गया है। लोगों को प्रभावित हिस्से से दूर रहने की हिदायत दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

BCCL ने इलाके को असुरक्षित घोषित किया

BCCL के जीएम सत्यकाम आनंद के अनुसार, भू-धंसान प्रभावित इलाके को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से जल्द दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन अपने स्तर से प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

लगातार भू-धंसान से लोगों में दहशत

छाताबाद में बार-बार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक जमीन धंसने और मकानों में दरार आने के बाद लोग अपने घरों में रहने से भी डर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि पिछली घटनाओं के बाद जिन स्थानों को लोगों ने अस्थायी सुरक्षित ठिकाना बनाया था, अब उनमें से कुछ क्षेत्र भी भू-धंसान की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित पुनर्वास की मांग एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बन गई है।