नई दिल्ली: टीडीपी के चार राज्यसभा एमपी बीजेपी में हुए शामिल

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नई दिल्ली:

आंध्र प्रदेश के एक्स सीएम चंद्राबाबू नायडू व उनकी पार्टी तेलुगू देशम पार्टी (TDP) को लोकसभा चुनावों मिली करारी हार के बाद एक और बड़ा झटका लगा है. टीडीपी के कुल 6 राज्यसभा सांसदों में से चार एमपी गुरुवार को पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये. टीडीपी के चारों एमपी टीजी वेंकटेश, सीएम रमेश, वाईएस चौधरी और जीएम राव ने इससे पहले बीजेपी में विलय का प्रस्ताव पारित किया. बीजेपी ने इस प्रस्ताव पर तत्काल मुहर लगा दी. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शाम में पार्टी मुख्यालय नई दिल्ली में टीडीपी के तीन राज्यसभा सांसदों को पार्टी में औपचारिक तौर पर शामिल कराया. टीडीपी के एक राज्यसभा सांसद तबीयत खराब होने के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो सके. अमित शाह से मुलाकात के दौरान टीडीपी एमपी. टीडीपी से बीजेपी में जानेवाले राज्यसभा एमपी वाईएस चौधरी मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं. बीजेपी जॉइन करने के बाद चौधरी ने कहा कि सभी को देश का मूड पता है, जो चुनाव में भी देखने को मिला है. मुझे पीएम मोदी की सरकार में काम करने का अवसर मिला है. आंध्र प्रदेश का काफी नुकसान हुआ है. ऐसे में हम चाहते हैं कि आंध्र के साथ ही पूरा देश आगे बढ़े. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि लंबे समय से इन सांसदों के मन में विचार आ रहा था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश आगे जा रहा है और आंध्र प्रदेश के विकास के लिए इन्हें बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए. इन सांसदों ने गुरुवार को बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर कहा कि वे बीजेपी में विलय करना चाहते हैं. हमलोग टीडीपी के सांसदों और बीजेपी का पत्र लेकर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के पास पहुंचे. चारों एमपी अब बीजेपी के सदस्य हैं. इन चारों राज्यसभा सांसदों के आने से आंध्र प्रदेश में बीजेपी का जनाधार बढ़ेगा. संकट पार्टी के लिए नया नहीं: चंद्रबाबू TDP अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी के चार राज्यसभा सांसदों के बीजेपी जॉइन करने पर कहा कि पार्टी के लिए संकट कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हम बीजेपी के साथ केवल विशेष राज्य के दर्जे और आंध्र के हितों के लिए लड़े. हमारे सेंट्रल मनिस्टर ने राज्य को स्पेशल स्टेटस के लिए पद छोड़ दिया था. हम टीडीपी को कमजोर करने के बीजेपी के प्रयासों की निंदा करते हैं. क्राइसिस पार्टी के लिए नई नहीं है. नेताओं और काडर को इससे हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है.