ऑपरेशन साइबर शील्ड: धनबाद में 11 साइबर आरोपी गिरफ्तार, ₹2.85 लाख कैश बरामद

धनबाद के निरसा में ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस ने 11 साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया। 19 मोबाइल, ₹2.85 लाख नकद और साइबर फ्रॉड की डायरी बरामद।

ऑपरेशन साइबर शील्ड: धनबाद में 11 साइबर आरोपी गिरफ्तार, ₹2.85 लाख कैश बरामद
ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

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HighLights:

  • साइबर फ्रॉड में निरसा के पिठाक्यारी गांव से 11 लोग गिरफ्तार
  • पुलिस ने 2.85 लाख रुपये नकद बरामद किये
  • 19 मोबाइल फोन और 7 एटीएम/डेबिट कार्ड जब्त
  • बैंक पासबुक, चेकबुक, 5 आधार और 2 पैन कार्ड बरामद

धनबाद (Threesocieties.com Desk): जामताड़ा से सटे धनबाद के निरसा इलाके में साइबर अपराध के खिलाफ धनबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पुलिस ने पिठाक्यारी गांव में छापेमारी कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों के पास से 2.85 लाख रुपये नकद, 19 मोबाइल फोन, सात एटीएम/डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, पांच आधार कार्ड, दो पैन कार्ड और साइबर फ्रॉड से संबंधित विवरण वाली एक डायरी बरामद की गयी है।

पुलिस की इस कार्रवाई को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि निरसा का क्षेत्र जामताड़ा से सटा हुआ है और साइबर अपराध को लेकर यह इलाका पुलिस की निगरानी में रहता है। धनबाद पुलिस ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर पहले संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटायी और इसके बाद पिठाक्यारी गांव में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।

155 पुलिसकर्मियों की टीम ने संभाला मोर्चा

एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर ग्रामीण एसपी एस याकूब के नेतृत्व में ऑपरेशन साइबर शील्ड के लिए विशेष टीम गठित की गयी थी। ग्रामीण एसपी एस याकूब ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि पुलिस टीम में 35 पुलिस पदाधिकारी और 120 पुरुष व महिला पुलिसकर्मी, यानी कुल 155 पुलिसकर्मी शामिल थे।पुलिस ने पहले तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटायी। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने पिठाक्यारी गांव में कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान इस बात का भी ध्यान रखा गया कि गांव के आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और कार्रवाई संदिग्ध लोगों तथा उनके ठिकानों तक सीमित रहे।

1 अक्टूबर को मिली थी साइबर अपराध की सूचना

एसपी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि निरसा थाना क्षेत्र के पिठाक्यारी गांव में कुछ लोग कथित रूप से साइबर अपराध से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने इसे तकनीकी स्तर पर खंगाला। गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर विशेष टीम ने संदिग्ध ठिकानों की जानकारी जुटायी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

19 मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेज बरामद

 ग्रामीण एसपी ने बताया कि छापेमारी में पुलिस को अलग-अलग कंपनियों के 19 मोबाइल फोन मिले। बरामद मोबाइल में एप्पल, मोटोरोला, ओप्पो, वनप्लस, रेडमी, वीवो और सैमसंग समेत विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं। मोबाइल फोन के अलावा पुलिस ने सात एटीएम व डेबिट कार्ड, बैंक पासबुक और चेकबुक भी बरामद किये हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद बैंकिंग दस्तावेजों में केनरा बैंक, एचडीएफसी, एसबीआई, एक्सिस, फेडरल, बंधन बैंक और जेआरजी बैंक से जुड़े कागजात शामिल हैं। अब पुलिस इन दस्तावेजों और मोबाइल फोन की जांच के जरिये कथित साइबर गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।

₹2.85 लाख नकद और साइबर फ्रॉड की डायरी मिली

एसपी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 2 लाख 85 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा पांच आधार कार्ड और दो पैन कार्ड भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी में साइबर फ्रॉड से संबंधित विवरण वाली एक डायरी शामिल है। पुलिस अब डायरी में दर्ज जानकारी को बरामद मोबाइल फोन और बैंकिंग दस्तावेजों से जोड़कर जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया तथा गिरफ्तार आरोपियों के कथित संपर्क में साइबर अपराध से जुड़े और कौन-कौन लोग थे।

कुछ आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें राहुल कुमार उर्फ राहुल रविदास और श्यामसुंदर रविदास का नाम शामिल है। पुलिस की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार, राहुल रविदास के खिलाफ निरसा थाना में वर्ष 2019 और 2021 में मामले दर्ज हैं। वहीं श्यामसुंदर रविदास के खिलाफ वर्ष 2021 और 2024 के मामलों का उल्लेख पुलिस ने किया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों के पूर्व रिकॉर्ड की भी पुलिस जांच कर रही है।

पिठाक्यारी गांव से गिरफ्तार हुए 11 आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पिठाक्यारी गांव निवासी:

श्यामसुंदर रविदास (22)
राहुल कुमार उर्फ राहुल रविदास (लगभग 26)
सचिन रविदास (लगभग 29)
मलय रविदास (लगभग 30)
श्यामापदो रविदास (लगभग 39)
झंटू ठाकुर (लगभग 24)
कुंदन वर्णवाल (लगभग 26)
अरमान रविदास (लगभग 19)
अजय रविदास (लगभग 35)
विजय रविदास (लगभग 25)
सागर रविदास (लगभग 29)

शामिल हैं। सभी को निरसा थाना क्षेत्र के पिठाक्यारी गांव का निवासी बताया गया है।

मोबाइल और बैंक खातों की जांच से खुलेगा साइबर नेटवर्क का राज

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य फोकस बरामद मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और डायरी पर है। इनसे कथित साइबर गतिविधियों की कड़ियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद बैंक खातों में किस तरह के लेन-देन हुए, मोबाइल फोन से किन लोगों से संपर्क किया गया और गिरफ्तार आरोपियों का कथित नेटवर्क किन अन्य स्थानों तक फैला हुआ है। अगर जांच में दूसरे लोगों या स्थानों से जुड़े सुराग मिलते हैं तो आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई हो सकती है।

निरसा पर पुलिस की विशेष नजर

धनबाद का निरसा इलाका जामताड़ा की सीमा से लगा हुआ है। जामताड़ा लंबे समय से साइबर अपराध से जुड़े मामलों के कारण पुलिस की निगरानी में रहा है। ऐसे में धनबाद पुलिस भी सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध साइबर गतिविधियों को लेकर सतर्क है। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत पिठाक्यारी में हुई कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि साइबर अपराध के संभावित ठिकानों पर तकनीकी इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।

बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में केस

मामले में निरसा थाना कांड संख्या 334/2026, दिनांक 2 अक्टूबर 2026 के तहत बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। अब आगे की जांच में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस इनसे मिले डिजिटल और बैंकिंग सुरागों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।