HighLights:
- BCCL CMD मनोज अग्रवाल को जान से मारने की धमकी का मामला
- सरायढेला पुलिस ने बरोरा एरिया GM केके सिंह से ली अहम जानकारी
- CISF जवान ने टेंपो में दो संदिग्धों की बातचीत सुनकर दी थी सूचना
- पुलिस धमकी के पीछे की वजह और संदिग्धों की पहचान खंगाल रही है
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के CMD मनोज अग्रवाल को जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में सरायढेला थाना की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटना से जुड़े लोगों से जानकारी जुटा रही है। इसी क्रम में शनिवार को BCCL के बरोरा एरिया महाप्रबंधक केके सिंह व बीसीसीएल हेडक्वार्टर कोयला भवन के सीनीयर फाइनेंस ऑफिसर पंकज कुमार सिंह सरायढेला थाना पहुंचे। दूसरे दिन भी पुलिस ने उनसे धमकी से जुड़ी पूरी घटना और अब तक सामने आई जानकारी के संबंध में पूछताछ की।
महाप्रबंधक ने पुलिस को मामले से संबंधित जानकारी दी। पुलिस ने पंकज का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस ने पंकज कुमार का मोबाइल फोन व सिम को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जानकार सोर्सेज का कहना है कि जब्त मोबाइल से पुलिस को कई पुराने वित्तीय चैट के साथ संदिग्ध चैट मिलने की बात सामने आई है, जिसकी अब फारेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार चैट कई तरह के लेन-देन से जुड़े हो सकते हैं।
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पुलिस को अनुमान है कि पंकज कुमार अवैध खनन करने वाले कोयला माफिया, कई आउटसोर्सिंग कंपनियों के साथ और कई अन्य जुड़े संगठनों के सीधे संपर्क में थे। पुलिस इस एंगल को भी इस पूरे मामले से जोड़कर देख रही है। केके सिंह ने भी पुलिस को सारी बातों से अवगत कराया है। पुलिस पंकज कुमार के कार्यप्रणाली को लेकर उनके सहयोगी के साथ कई बड़े अधिकारी से भी पूछताछ करेगी। इसके लिए पुलिस साक्ष्य के साथ हर स्थिति का सत्यापन कर कार्रवाई को आगे बढ़ रही है।
कई बिंदुओं पर जांच कर रही है पुलिस
पुलिस फिलहाल कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। सीएमडी को कथित तौर पर खतरा किससे है और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस मोबाइल में मौजूद काल डिटेल, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों से पूछताछ के कारण और जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फारेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के बाद मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। बीसीसीएल मुख्यालय में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पंकज कुमार का कई लोगों के साथ संपर्क था। पूर्व के निदेशक मंडल के साथ भी बेहतर संपर्क में थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर BCCL CMD को धमकी देने की साजिश के पीछे कौन लोग हैं और धमकी का मकसद क्या था।
CISF जवान ने सबसे पहले सुनी थी संदिग्ध बातचीत
धमकी का यह मामला 12 अगस्त 2025 की रात करीब 9:20 बजे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार धनबाद रेलवे स्टेशन से कोयला भवन की ओर जा रहे एक टेंपो में CISF का एक जवान भी सवार था। बताया गया है कि रणधीर वर्मा चौक के पास टेंपो में दो व्यक्ति सवार हुए। इसी दौरान CISF जवान ने दोनों को BCCL CMD को लेकर आपस में बातचीत करते सुना। आरोप है कि बातचीत के दौरान ‘27 तक साफ कर देने’ और इसके लिए ‘पांच पेटी का इंतजाम’ करने जैसी बातें कही गईं। बातचीत सुनने के बाद CISF जवान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए टेंपो से उतरने के बाद सबसे पहले बरोरा एरिया GM केके सिंह को इसकी जानकारी दी।
GM से मिली सूचना के बाद दर्ज हुई FIR
CISF जवान से मिली जानकारी के बाद बरोरा GM केके सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद BCCL के महाप्रबंधक (सुरक्षा) मो. हफीजूल कुरेशी की ओर से सरायढेला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। अब पुलिस उसी FIR और उससे जुड़े तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस ने GM केके सिंह से घटना की जानकारी ली है। जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टेंपो में बातचीत करने वाले दोनों व्यक्ति कौन थे, वे कहां से सवार हुए थे और घटना के बाद किस दिशा में गए।
अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अभियान के बीच धमकी
BCCL CMD मनोज अग्रवाल को धमकी का मामला ऐसे समय सामने आया था, जब कंपनी की ओर से अवैध कोयला खनन, अवैध परिवहन और अवैध वसूली के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई थी। बताया गया है कि इस अभियान के दौरान अवैध कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए कोयला और वाहनों को जब्त किया गया था। ऐसे में पुलिस इस पहलू को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है कि धमकी का संबंध अवैध कोयला कारोबार पर कार्रवाई से तो नहीं है। हालांकि, धमकी के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल
BCCL CMD को धमकी मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। धमकी देने वालों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड, BCCL के अधिकारियों से उनका संपर्क और अवैध कोयला कारोबार से संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी खंगाल सकती है कि जिस टेंपो में संदिग्धों ने बातचीत की थी, उसकी पहचान कैसे की जाए और उस दिन टेंपो में कौन-कौन लोग सवार थे। फिलहाल बरोरा GM से पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पुलिस धमकी देने वालों तक कब पहुंचती है, इस पर सभी की नजर है।
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