धनबाद में फिर दहली धरती! कतरास में भूधसान से 6 घर जमींदोज, बाल-बाल बचीं कई जिंदगियां

धनबाद के कतरास स्थित सिलेक्टेड न्यू गोविंदपुर बस्ती में मंगलवार रात बड़ा भूधसान हुआ। तेज आवाज के साथ जमीन फटने से 5-6 घर जमींदोज हो गए। बिजली गुल होने के कारण लोग घरों से बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने अवैध खनन को जिम्मेदार ठहराते हुए स्थायी समाधान और पुनर्वास की मांग की।

धनबाद में फिर दहली धरती! कतरास में भूधसान से 6 घर जमींदोज, बाल-बाल बचीं कई जिंदगियां
गोविंदपुर बस्ती में भूधसान, आधा दर्जन घर धंसे।

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  • कतरास के सिलेक्टेड न्यू गोविंदपुर बस्ती में मंगलवार रात करीब 8 बजे बड़ा भूधसान
  • तेज आवाज के साथ जमीन फटी, 5 से 6 घर धंसकर हुए क्षतिग्रस्त
  • बिजली कटने के कारण लोग घरों के बाहर थे, इसलिए टला बड़ा हादसा
  • स्थानीय लोगों ने अवैध खनन को घटना की बड़ी वजह बताया

धनबाद (Threesocieties.com Desk):  कोयलांचल में भूधसान की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार रात धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र स्थित सिलेक्टेड न्यू गोविंदपुर बस्ती में अचानक हुई भीषण भूधसान की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। रात करीब 8 बजे तेज धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन फट गई और देखते ही देखते 5 से 6 घर जमीन में धंसकर जमींदोज हो गए। इस घटना में कई परिवारों का आशियाना उजड़ गया और लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।

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सबसे राहत की बात यह रही कि घटना के समय इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिसके कारण अधिकांश लोग घरों के बाहर थे। इसी वजह से कोई जनहानि नहीं हुई। यदि लोग घरों के भीतर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

'पहले लगा भूकंप आया है'

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक तेज गर्जना जैसी आवाज सुनाई दी। पहले लोगों को लगा कि भूकंप आया है, लेकिन कुछ ही सेकेंड बाद जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ने लगीं और कई मकान देखते ही देखते धंस गए। इसके बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों और परिजनों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

कुछ ही मिनटों में उजड़ गया आशियाना

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिन घरों में वर्षों से परिवार रह रहे थे, वे कुछ ही मिनटों में मलबे में तब्दील हो गए। प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत, पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है।

अवैध खनन को बताया जिम्मेदार

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी है। बारिश के दौरान मिट्टी कमजोर पड़ जाती है और इसी कारण बार-बार भूधसान की घटनाएं सामने आती हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

मौके पर पहुंचे पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही कतरास थाना पुलिस, बीसीसीएल के अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया और सुरक्षा के मद्देनजर खतरनाक क्षेत्र को लाल घेरा (रेड जोन) बनाकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी। साथ ही यह भी जांच शुरू कर दी गई है कि कहीं आसपास और भूधसान का खतरा तो नहीं है।

जनप्रतिनिधियों ने की पुनर्वास की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड संख्या-1 की पार्षद डॉ. मधुमाला तथा डॉ. स्वतंत्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। साथ ही जिला प्रशासन और बीसीसीएल से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, सुरक्षित आवास और उचित मुआवजे की मांग की।

बारिश के मौसम में बढ़ रहा खतरा

कोयलांचल क्षेत्र में हर वर्ष मानसून के दौरान भूधसान की घटनाएं सामने आती हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण भूमिगत खदानों के ऊपर की जमीन कमजोर हो जाती है, जिससे बस्तियों पर खतरा मंडराने लगता है। विशेषज्ञ भी लंबे समय से संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक सर्वे और पुनर्वास योजना लागू करने की आवश्यकता बताते रहे हैं।

लोगों में दहशत, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद पूरे गोविंदपुर बस्ती में भय का माहौल है। कई परिवारों ने रात अपने रिश्तेदारों और सुरक्षित स्थानों पर बिताई। प्रशासन ने लोगों से खतरनाक क्षेत्र से दूर रहने की अपील की है। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों की मांग

ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों ने सरकार, जिला प्रशासन और बीसीसीएल से मांग की है कि—

भूधसान प्रभावित सभी परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।
मकान और संपत्ति के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई हो।
संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक सर्वे कर स्थायी समाधान निकाला जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा योजना लागू की जाए।

कोयलांचल में लगातार हो रही भूधसान की घटनाएं अब केवल स्थानीय समस्या नहीं रह गई हैं, बल्कि हजारों परिवारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी हैं। मंगलवार रात कतरास में हुई यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।