बोकारो में दर्दनाक हादसा: 4 युवकों की मौत, मुआवजे के लिए 9 घंटे सड़क जाम
बोकारो के पिंड्राजोरा में सड़क हादसे में चार युवकों की मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बोकारो-पुरुलिया मार्ग करीब 9 घंटे जाम रखा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ।
HighLights:
- पिंड्राजोरा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चार युवकों की मौत
- मृतकों में 15 से 18 वर्ष की उम्र के चार युवक शामिल
- मुआवजे और सरकारी सहायता की मांग को लेकर 9 घंटे बोकारो-पुरुलिया मार्ग रहा जाम
- अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ सड़क जाम
बोकारो (Threesocieties.com Desk): बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद शनिवार को आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे एवं सरकारी सहायता की मांग को लेकर बोकारो-पुरुलिया मुख्य मार्ग (एनएच-32) को करीब नौ घंटे तक जाम रखा। स्वतंत्रता दिवस के दिन हुए इस सड़क जाम के कारण गवई नदी पुल से बंगाल सीमा और दूसरी ओर आइटीआइ मोड़ तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
हादसे में आमाडीह गांव के चार युवकों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय बुलेट प्रमाणिक, पिता हरि प्रमाणिक, 15 वर्षीय आनंद महतो, पिता परमेश्वर महतो, 17 वर्षीय डाक्टर महतो, पिता शक्तिपद महतो और 18 वर्षीय धनंजय महतो उर्फ धना, पिता बुद्धेश्वर महतो के रूप में हुई है।
अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चारों की मौत
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात चारों युवक बंगाल की ओर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बोकारो-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर सिधावनी के समीप एक अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पिंड्राजोरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल बोकारो पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में मातम पसर गया। कम उम्र में चार युवकों की मौत से गांव में शोक का माहौल बन गया।
मुआवजे की मांग को लेकर सुबह से सड़क पर बैठे ग्रामीण
चार युवकों की मौत से आक्रोशित आमाडीह के ग्रामीण शनिवार सुबह करीब सात बजे बोकारो-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। गवई नदी पुल से बंगाल सीमा तथा दूसरी ओर आइटीआइ मोड़ तक यातायात प्रभावित रहा। यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि मृतकों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
अधिकारियों ने दिया सरकारी लाभ दिलाने का आश्वासन
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद अंचल अधिकारी सेवाराम साहू और थाना प्रभारी रवि कुमार संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सरकारी नियमावली के तहत मृतकों के परिजनों को मिलने वाले सभी देय लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब नौ घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद बोकारो-पुरुलिया मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।
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