नई दिल्ली। इंडिया की चीन के खिलाफ डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक जारी है। सेंट्रल गवर्नमेंट ने चीन के तीन सबसे बड़े ऐप्स विबो,Mi Browser Pro और बैदू सर्च ( Baidu Search) को देश में ब्लॉक कर दिया है। इन्हें ट्विटर और गूगल का विकल्प माना जाता है। जल्द ही इन ऐप्स को गूगल ऐप स्टोर और ऐपल प्ले स्टोर से हटा लिया जायेगा।
न्यूज एजेंसी Reuters की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने कुछ और चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से भी कहा गया है कि वे इन ऐप्स को ब्लॉक कर दें। ऑफिसियल सोर्सेज ने बताया कि विबो और बैदू उन 47 ऐप्स में शामिल हैं, जिन्हें इंडिया सरकार ने 27 जुलाई को बैन कर दिया था। गवर्नमेंट और भी ऐप्स को बैन करने पर विचार कर रही है।
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पीएम नरेंद्र मोदी का भी विबो पर एकाउंट था, लेकिन उन्होंने चीन के साथ बढ़ते टेंशन के बीच बंद कर दिया था। पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद इंडियन गवर्नमेंट ने चीन के 59 मोबाइल ऐप्स को बैन कर दिया था, जिसमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, हैलो, लाइकी, शेयर इट, वी चैट, कैम स्कैनर और Mi कम्युनिटी जैसे लोकप्रिय ऐप्स शामिल थे। इसके बाद गवर्नमेंट ने 47 और ऐप्स को बैन कर दिया था। 59 ऐप्स को 29 जून को बैन किया गया था। इसके बाद गवर्नमेंट ने 47 और ऐप्स को बैन करने की जानकारी दी, लेकिन इस बार लिस्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया था। इनमें अधिकतर पहले बैन किए गए 59 ऐप्स के लाइच वर्जन और क्लोन्स थे, जैसे टिकटॉक लाइट, शेयर इट लाइट, कैमस्कैनर एचडी, बायोलाइव लाइट, लाइकी लाइट आदि। गवर्नमेंट ने इन ऐप्स को बैन करते हुए इन्हें देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरनाक बताया था।
रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सरकार 275 और चाइनीज ऐप्स को बैन करने की तैयारी में है। इनमें PUBG और बाइटडान्स के Resso जैसे ऐप्स शामिल हैं।वैसे ऑफिसियल तौर पर अभी तक इस बारे में कोई घोषणा नहीं की गई है। लेकिन Mi Browser ऐप, जो कि ज्यादातर Xiaomi स्मार्टफोन्स में प्री-लोडेड आता है, इस पर बैन लगाने का मतलब यह हो सकता है कि चीनी फर्म को इसे इंडिया में बेचे जाने वाले नये उपकरणों पर स्थापित करने से रोकने की आवश्यकता होगी।