Dhanbad Building Division में ढाई करोड़ के टेंडर पर बवाल, जमशेदपुर के ठेकेदार से मारपीट; पुलिस ने संभाला मोर्चा

धनबाद भवन प्रमंडल कार्यालय में ढाई करोड़ के ऑनलाइन टेंडर को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई। स्थानीय संवेदकों ने बाहरी ठेकेदारों पर काम छीनने का आरोप लगाया।

Dhanbad Building Division में ढाई करोड़ के टेंडर पर बवाल, जमशेदपुर के ठेकेदार से मारपीट; पुलिस ने संभाला मोर्चा
भवन प्रमंडल कार्यालय में ढाई करोड़ रुपये के ऑनलाइन टेंडर को लेकर विवाद।

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     HighLights:

  • जमशेदपुर से पहुंचे संवेदकों का स्थानीय ठेकेदारों ने किया विरोध
  • बाहरी संवेदकों पर काम छीनने का स्थानीय ठेकेदारों ने लगाया आरोप
  • कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में मारपीट, कार्यालय परिसर में मची अफरा-तफरी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के भवन प्रमंडल कार्यालय परिसर में बुधवार को करीब ढाई करोड़ रुपये के ऑनलाइन टेंडर को लेकर जमकर हंगामा और मारपीट हो गई। टेंडर प्रक्रिया के बाद एग्रीमेंट कराने पहुंचे जमशेदपुर के संवेदकों का स्थानीय ठेकेदारों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

ढाई करोड़ के ऑनलाइन टेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, भवन प्रमंडल विभाग की ओर से करीब ढाई करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को लेकर ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किया गया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमशेदपुर से पहुंचे कुछ संवेदक एग्रीमेंट की प्रक्रिया के लिए भवन प्रमंडल कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान स्थानीय संवेदकों ने उनके पहुंचने का विरोध शुरू कर दिया। स्थानीय ठेकेदारों का आरोप था कि धनबाद के संवेदकों को पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है, जबकि दूसरे जिलों से आने वाले संवेदक टेंडर डालकर यहां काम हासिल कर रहे हैं।

बाहरी संवेदकों को काम मिलने पर स्थानीय ठेकेदार नाराज

स्थानीय संवेदकों ने बाहरी ठेकेदारों को काम मिलने के मुद्दे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकारी विकास योजनाओं के टेंडर में स्थानीय संवेदकों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। अचानक हुई मारपीट से कार्यालय परिसर में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई।

पेटी और वर्चस्व को लेकर भी विवाद की चर्चा

घटना को लेकर सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि टेंडर से जुड़े काम में पेटी यानी कमीशन और वर्चस्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से तनातनी थी। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

मारपीट की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस टीम भवन प्रमंडल कार्यालय पहुंची। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि फुटेज और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के लिए टीम गठित

भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार ने कार्यालय परिसर में हुई घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने मामले की जांच के लिए टीम गठित किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और यह पता चलेगा कि विवाद किन परिस्थितियों में शुरू हुआ था।

सरकारी कार्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

घटना के वक्त भवन प्रमंडल कार्यालय में आम लोगों के अलावा विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। सरकारी कार्यालय परिसर में टेंडर को लेकर हुई मारपीट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मामले में आगे प्राथमिकी और कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर की जा सकती है।