उत्तर प्रदेश: PNB की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट! 3 मैनेजर सस्पेंड, चार के खिलाफ FIR
सहारनपुर PNB की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया। तीन मैनेजर सस्पेंड, हाउसकीपर पर FIR, पुलिस जांच जारी।
HighLights:
- तीन बैंक मैनेजर निलंबित, तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार पर नकदी चोरी का आरोप, FIR दर्ज
- CCTV फुटेज में गड्डियों से नोट निकालने की गतिविधि सामने आने की बात
- RBI जयपुर भेजी गई करीब 11.50 करोड़ रुपये की नकदी में 4.30 लाख रुपये कम मिले
सहारनपुर (Threesocieties.com Desk): पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सोफिया मार्केट स्थित शाखा की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करोड़ों रुपये के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में करीब 7 करोड़ रुपये की जाली करेंसी मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह रकम बढ़कर 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। बैंक का ऑडिट अभी जारी है, इसलिए नकली नोटों की रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मामले में बैंक ने कार्रवाई करते हुए तीन प्रबंधकों को निलंबित कर दिया है। इन तीनों के खिलाफ सदर बाजार थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। इसके अलावा करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां लगाने का काम करने वाले पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ भी नकदी चोरी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे काम से हटा दिया गया है।
साढ़े 11 करोड़ की नकदी RBI जयपुर भेजी गई थी
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन गड्डियों में गले, कटे और अन्य प्रकार के नोट शामिल थे। करेंसी चेस्ट से करीब 11.50 करोड़ रुपये की नकदी 5 अगस्त को RBI जयपुर भेजी गई थी। RBI में नकदी की गिनती के दौरान करीब 4 लाख 30 हजार 900 रुपये कम पाए गए। इसकी जानकारी पीएनबी मेरठ जोनल हेड अजय कुमार टिबरेवाल को दी गई। इसके बाद मुख्य प्रबंधक और जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे को मामले की जांच के लिए सहारनपुर भेजा गया।
CCTV में नोट निकालता दिखा हाउसकीपर
जांच के दौरान बैंक अधिकारियों को करेंसी चेस्ट में रखी गड्डियों से नोट गायब होने की जानकारी मिली। बैंक की जांच में सामने आया कि विशाल कुमार गड्डियों से नोट निकाल रहा था। यह गतिविधि CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। इसके बाद 9 अगस्त से करेंसी चेस्ट का विस्तृत ऑडिट शुरू किया गया। ऑडिट के दौरान गड्डियों की जांच में बड़ी संख्या में संदिग्ध नोट मिले। शुरुआती जांच में करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये की नकली करेंसी बैंक में रखे होने की बात सामने आई।
एक असली, एक नकली नोट लगाने का तरीका
ऑडिट टीम ने जब करेंसी की गड्डियों को खंगाला तो जांच में एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया। बताया गया कि कुछ गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट, जबकि उनके बीच नकली नोट लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने करेंसी चेस्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की।
उन्होंने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार से जानकारी ली। अमित कुमार इससे पहले सहारनपुर करेंसी चेस्ट में तैनात थे और बाद में उनका तबादला हरियाणा कर दिया गया था। तीनों अधिकारियों से पूछताछ के बाद जांच अधिकारी को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद बैंक के उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
तीन मैनेजरों पर FIR, बैंक ने किया सस्पेंड
जांच के बाद 29 अगस्त की शाम जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने सदर बाजार थाने में शिकायत देकर तीनों प्रबंधकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बैंक की ओर से बताया गया कि मामला संज्ञान में आने के बाद तीनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नकदी के आने-जाने, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
7 करोड़ से 17 करोड़ तक पहुंची नकली करेंसी
मामले में सबसे बड़ा सवाल नकली नोटों की वास्तविक मात्रा को लेकर है। शुरुआत में करीब 7 करोड़ रुपये की नकली करेंसी मिलने की जानकारी सामने आई थी। बाद में विस्तृत जांच में यह आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने सोमवार रात थाने में शिकायत देकर नकली करेंसी की कीमत करीब 17 करोड़ रुपये होने की जानकारी दी। सदर बाजार थाना प्रभारी नेमचंद के मुताबिक, पहले से दर्ज मुकदमे में नकली नोटों की रकम को बढ़ाया जा रहा है।
ऑडिट पूरा होने तक बढ़ सकती है रकम
करेंसी चेस्ट में पीएनबी की अलग-अलग शाखाओं से नकदी आती है। फिलहाल करेंसी चेस्ट का ऑडिट जारी है। बैंक स्तर पर संदिग्ध लेनदेन, रिकॉर्ड और नकदी के हिसाब-किताब की जांच की जा रही है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, ऑडिट पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितने नकली नोट मिले और यह मामला कितने समय से चल रहा था। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से और नकली नोट मिलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस भी कर रही पूरे मामले की जांच
मामले में बैंक की आंतरिक जांच के साथ पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन बैंक प्रबंधकों और पार्ट-टाइम हाउसकीपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस संबंधित दस्तावेज, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। एसएसपी अभिनंदन के अनुसार, मामले में तीन प्रबंधकों और पार्ट-टाइम हाउसकीपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बैंक अपने स्तर से जांच कर रहा है और पुलिस की ओर से भी जांच टीम गठित की जा रही है।
करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये की नकली करेंसी मिलने की घटना ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी की सुरक्षा, निगरानी और ऑडिट व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
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