शारदीय नवरात्र 10 दिन का: 18-19 अक्टूबर को महागौरी की दो दिन होगी पूजा
शारदीय नवरात्र 2026 इस बार 10 दिनों का होगा। 11 अक्टूबर से नवरात्र शुरू होंगे, 18-19 अक्टूबर को महागौरी की पूजा, 20 को महानवमी और 21 अक्टूबर को विजयादशमी होगी। जानें पूरा पूजा क्रम।
HighLights:
- 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा शारदीय नवरात्र, 21 अक्टूबर को विजयादशमी
- अष्टमी तिथि दो दिन रहने से 18 और 19 अक्टूबर को महागौरी की होगी पूजा
- इस बार 10 दिनों तक होगी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना
- मां दुर्गा का आगमन और विदाई हाथी पर होगी, शुभ माने जा रहे हैं ये संयोग
- 20 अक्टूबर को महानवमी और 21 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा
पटना (Threesocieties.com Desk): शक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र 2026 इस बार खास संयोगों के साथ मनाया जाएगा। नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी और अष्टमी तिथि दो दिन रहने के कारण इस बार नवरात्र का क्रम 10 दिनों का होगा। इस दौरान घरों, मंदिरों और पूजा पंडालों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र, वैधृति योग, द्विपुष्कर योग, बव करण और तुला लग्न में कलश स्थापना के साथ नवरात्र का शुभारंभ होगा। नवरात्र में तिथि का बढ़ना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।
इस बार सबसे खास बात यह है कि अष्टमी तिथि 18 और 19 अक्टूबर दोनों दिन रहेगी। ऐसे में मां महागौरी की पूजा भी दोनों दिन की जाएगी। हालांकि अष्टमी व्रत और माता का विशेष शृंगार-पूजन 18 अक्टूबर को किया जाएगा।
11 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्र की पूजा
शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नौ दिवसीय परंपरागत आराधना का क्रम शुरू होगा। श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना करेंगे। कलश स्थापना के बाद कई श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती, रामचरितमानस, सुंदरकांड, रामरक्षा स्तोत्र, दुर्गा सहस्रनाम, अर्गला स्तोत्र, कवच, कीलक और सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करेंगे। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक सप्तशती पाठ करने से जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान, वैभव और पारिवारिक सौहार्द की प्राप्ति होती है।
18 और 19 अक्टूबर को महागौरी की पूजा
इस वर्ष अष्टमी तिथि दो दिन रहने से नवरात्र का क्रम भी एक दिन बढ़ गया है। 18 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के अवसर पर मां महागौरी की पूजा और अष्टमी व्रत किया जाएगा। वहीं 19 अक्टूबर को भी अष्टमी तिथि रहने के कारण मां महागौरी की आराधना का क्रम जारी रहेगा। इसके बाद 20 अक्टूबर, मंगलवार को महानवमी मनाई जाएगी। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजन और नवमी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।
21 अक्टूबर को विजयादशमी
ज्योतिषाचार्य पंडित राजनाथ झा के अनुसार, 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि विद्यमान रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि का प्रवेश होगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार 21 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रीय परंपरा में पर्व की तिथि तय करने के लिए केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख को आधार नहीं माना जाता। सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि और संबंधित शास्त्रीय विधान को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
इस बार नवरात्र का एक और विशेष संयोग मां दुर्गा के वाहन से जुड़ा है। मां दुर्गा का आगमन और विदाई हाथी पर होने की मान्यता है।देवी भागवत पुराण से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार हाथी पर देवी का आगमन और गमन शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और अच्छी वर्षा के योग बनते हैं।
दिन के आधार पर तय होता है देवी का वाहन
आचार्य राकेश झा के अनुसार देवी भागवत पुराण की मान्यता में नवरात्र के पहले दिन के वार के आधार पर देवी के आगमन और अंतिम दिन के वार के आधार पर विदाई के वाहन का निर्धारण किया जाता है।
आगमन के वाहन की मान्यता:
रविवार और सोमवार — गज
मंगलवार और शनिवार — घोड़ा
गुरुवार और शुक्रवार — डोला
बुधवार — नौका
विदाई के वाहन की मान्यता:
रविवार और सोमवार — महिष
मंगलवार और शनिवार — चरणायुध
बुधवार और शुक्रवार — गज
गुरुवार — नर वाहन
इस वर्ष नवरात्र का आरंभ रविवार से होने के कारण देवी के गज यानी हाथी पर आगमन की मान्यता है।
नवरात्र 2026 में किस दिन किस देवी की पूजा?
तारीख तिथि मां का स्वरूप
11 अक्टूबर प्रतिपदा मां शैलपुत्री
12 अक्टूबर द्वितीया मां ब्रह्मचारिणी
13 अक्टूबर तृतीया मां चंद्रघंटा
14 अक्टूबर चतुर्थी मां कूष्मांडा
15 अक्टूबर पंचमी मां स्कंदमाता
16 अक्टूबर षष्ठी मां कात्यायनी
17 अक्टूबर सप्तमी मां कालरात्रि
18 अक्टूबर अष्टमी मां महागौरी
19 अक्टूबर अष्टमी मां महागौरी
20 अक्टूबर नवमी मां सिद्धिदात्री
21 अक्टूबर दशमी विजयादशमी
इस बार क्यों खास है शारदीय नवरात्र?
सामान्य तौर पर नवरात्र में प्रतिपदा से नवमी तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है, लेकिन इस बार अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण महागौरी की पूजा का अवसर दो दिन मिल रहा है। इसी वजह से नवरात्र का धार्मिक क्रम 10 दिनों तक चलेगा।11 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस पर्व के दौरान श्रद्धालु नौ शक्तियों की आराधना के साथ व्रत, पाठ, हवन और धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। वहीं 20 अक्टूबर को महानवमी और 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ नवरात्र पर्व का समापन होगा।
अस्वीकरण
इस लेख में बताए गए शुभ मुहूर्त, उपाय, लाभ, देवी के आगमन-प्रस्थान के वाहन और अन्य धार्मिक मान्यताएं सामान्य सूचना के लिए हैं। Threesocieties.com इन मान्यताओं की पुष्टि या समर्थन नहीं करता है। यह जानकारी विभिन्न धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांगों और प्रचलित धारणाओं पर आधारित है। पाठक इसे अंतिम सत्य या वैज्ञानिक दावा न मानें और अपने विवेक का उपयोग करें।
Anjala Kumar 



