अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग! होर्मुज बंद, अमेरिकी एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप; दुनिया पर मंडराया तेल संकट
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट अस्थायी रूप से बंद कर दिया और अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। जानिए Middle East Crisis का पूरा घटनाक्रम, तेल बाजार पर असर और ताजा अपडेट।
HighLights:
- अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की
- बुशहर, असालुयेह, बंदर-ए-देयर, जास्क और चाबहार बने निशाना
- होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमले के बाद अमेरिकी कार्रवाई
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया
- IRGC ने जहाज पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं
- ईरान ने अमेरिका को जवाब देने की चेतावनी दी
- वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर संकट गहराने की आशंका।
तेल अवीव, तेहरान,वाशिंगटन डीसी(Threesocieties.com Desk): पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में एक व्यापारी जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM) के अनुसार, कार्रवाई में ईरान के बुशहर, असालुयेह, बंदर-ए-देयर, जास्क और चाबहार स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
यह भी पढ़ें:चतरा पुलिस ने प्रिंस खान गैंग के 2 गुर्गे को किया गिरफ्तार, लोजपा नेता से मांगी थी दो करोड़ की रंगदारी
ईरानी मीडिया ने इन इलाकों में जोरदार विस्फोटों की पुष्टि की है। हालांकि ईरान का दावा है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज में जहाज पर हमला बना कार्रवाई की वजह
अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हमला किया गयाए जिसमें जहाज के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। इसी घटना के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए। CENTCOM के अनुसार यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
ईरान ने बंद किया होर्मुज जलडमरू मध्य
अमेरिकी कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा कर दी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका लगातार उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है और जब तक यह हस्तक्षेप जारी रहेगाए तब तक यह रणनीतिक समुद्री मार्ग बंद रह सकता है। प्त्ळब् ने यह भी दावा किया कि बिना अनुमति मार्ग पार करने की कोशिश कर रहे एक जहाज पर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाई गईं।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्रालय के सलाहकार अली सफारी ने कहा कि अमेरिका को इस सैन्य कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा। उनका कहना है कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। इस बीच दक्षिण.पश्चिमी शहर बंदर-ए-महशहर में एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित नए हवाई हमलों पर लगातार नजर रख रही हैं।
अमेरिका का इस सप्ताह तीसरा हमला
रिपोर्टों के अनुसारए अमेरिका इस सप्ताह तीसरी बार ईरान के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर चुका है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच कई बार सैन्य तनाव देखने को मिला था। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना हैए जहां से समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा किया जा रहा है।
बुशहर परमाणु क्षेत्र के आसपास भी धमाके
बुशहर,असालुयेह, बंदर अब्बास, सिरिक और केशम द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। बुशहर ईरान के प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक माना जाता हैए हालांकि अभी तक परमाणु संयंत्र को किसी प्रकार के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
ड्रोन उत्पादन बढ़ाने का दावा
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मजीद इब्न अल-रेजा ने दावा किया कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के बावजूद देश ने अपने ड्रोन उत्पादन की क्षमता तीन गुना बढ़ा ली है। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन किसी भी परिस्थिति में नहीं रुका।
इराक.सीरिया तेल पाइपलाइन की तैयारी
मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकाए इराक और सीरिया के साथ एक नई तेल पाइपलाइन परियोजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित पाइपलाइन किर्कुक से सीरिया के बनियास बंदरगाह तक जाएगीए जिससे इराक भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हुए बिना भूमध्य सागर के रास्ते तेल निर्यात कर सकेगा। यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बड़ा रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
दुनिया की निगाहें होर्मुज पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है। वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में भारी उछालए समुद्री व्यापार में व्यवधान और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।




