धनबाद में कोयला उठाव को लेकर बढ़ा विवाद,: मेयर संजीव सिंह और कांग्रेस नेता हर्ष सिंह के समर्थक आमने-सामने, दोनों पक्षों ने कराई FIR
BCCL की गोपालीचक कोलियरी में डीओ के तहत कोयला उठाव को लेकर धनबाद मेयर संजीव सिंह और कांग्रेस नेता हर्ष सिंह के समर्थकों के बीच विवाद गहरा गया है। दोनों पक्षों ने रंगदारी, धमकी और मारपीट के आरोप लगाते हुए पुटकी थाना में FIR दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
HighLights:
- BCCL की गोपालीचक कोलियरी में डीओ के तहत कोयला लोडिंग को लेकर विवाद
- मेयर संजीव सिंह और कांग्रेस नेता हर्ष सिंह के समर्थकों के बीच बढ़ा तनाव
- दोनों पक्षों ने पुटकी थाना में दर्ज कराई अलग-अलग प्राथमिकी
- रंगदारी, हथियार दिखाने, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश के आरोप
धनबाद(Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल (BCCL) की गोपालीचक कोलियरी में डीओ (Delivery Order) के तहत कोयला उठाव और लोडिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। धनबाद के मेयर संजीव सिंह और कांग्रेस नेता हर्ष सिंह से जुड़े बताए जा रहे दो कारोबारी गुट आमने-सामने हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर रंगदारी मांगने, हथियार दिखाकर धमकी देने, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाते हुए पुटकी थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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डीओ के तहत कोयला लोडिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, गोपालीचक कोलियरी में डीओ के तहत कोयला लोडिंग का कार्य दो कंपनियों के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। एक ओर एमएनएसआर (सिंह नेचुरल) कंपनी है, जबकि दूसरी ओर रागिनी मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (आरएमपीएल) है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सिंह नेचुरल कंपनी के पीछे कांग्रेस नेता हर्ष सिंह का समर्थन माना जाता है, जबकि रागिनी मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को धनबाद के मेयर संजीव सिंह का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इस संबंध में दोनों नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सिंह नेचुरल कंपनी के सुपरवाइजर ने लगाए गंभीर आरोप
एमएनएसआर (सिंह नेचुरल) कंपनी में कार्यरत सुपरवाइजर संतोष कुमार ने पुटकी थाना में दर्ज कराए आवेदन में कहा कि उनकी कंपनी केवल कोयला उत्पादन का कार्य करती है, जबकि बिक्री का कार्य बीसीसीएल के माध्यम से होता है। आवेदन के अनुसार, 8 जून को आरएमपीएल से जुड़े कुछ लोग डीओ का कोयला लोड कराने पहुंचे। कंपनी द्वारा तत्काल लोडिंग कराने में असमर्थता जताने पर कथित रूप से गाली-गलौज की गई। आरोप है कि मुकेश पासवान ने रिवॉल्वर कनपटी पर सटाकर 12 हजार रुपये छीन लिए और हर महीने 1.50 लाख रुपये रंगदारी देने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपितों ने संबंधित डीओ को मेयर संजीव सिंह का बताते हुए तत्काल कोयला लोड कराने का दबाव बनाया। पुलिस ने इस आवेदन के आधार पर तीन नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
दूसरे पक्ष ने भी लगाए रंगदारी और धमकी के आरोप
इससे पहले 8 जुलाई को रागिनी मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत मुकेश कुमार पासवान ने भी पुटकी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपालीचक कोलियरी में डीओ के तहत कोयला लोडिंग नहीं होने दी गई तथा प्रति टन दो हजार रुपये रंगदारी की मांग की गई। शिकायत में गाली-गलौज, हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी और मारपीट करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस ने एमएनएसआर कंपनी से जुड़े कुश सिंह, आदर्श सिंह, श्रीराम पांडेय, संतोष सिंह और गोपालीचक कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी (पीओ) नंदेश्वर राय को नामजद आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज किया था।
पुलिस दोनों मामलों की कर रही जांच
पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने बताया कि दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों मामलों में रंगदारी, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोयला कारोबार में बढ़ी हलचल
गोपालीचक कोलियरी में कोयला उठाव को लेकर बढ़ा यह विवाद धनबाद के कोयला कारोबार में नई हलचल पैदा कर रहा है। दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण मामला केवल कारोबारी प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी का विषय बन गया है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।




