BCCL CMD की दो टूक: अवैध स्रोतों से कोयला खरीदने से बचें उपभोक्ता, पारदर्शी सप्लाई चेन पर जोर
BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने कोयला उपभोक्ताओं से अवैध स्रोतों से खरीदारी से बचने और अधिकृत माध्यमों से कोयला लेने की अपील की। Kolkata India Ferrous Week में गुणवत्ता, विश्वसनीय आपूर्ति और पारदर्शी कोयला सप्लाई चेन पर जोर दिया गया।
HighLights:
- BCCL CMD ने उपभोक्ताओं से पारदर्शी और संगठित कोयला आपूर्ति व्यवस्था में सहयोग की अपील की
- अवैध कारोबारियों और अनधिकृत स्रोतों से कोयला खरीदने से बचने की सलाह दी
- कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति और बाजार की जरूरतों पर उपभोक्ताओं के साथ हुआ सीधा संवाद
- अवैध खनन और अनधिकृत कोयला निकासी पर BCCL की कार्रवाई की उपभोक्ताओं ने सराहना की
धनबाद/कोलकाता (Threesocieties.com Desk): देश की बढ़ती औद्योगिक और इस्पात उत्पादन क्षमता के बीच घरेलू कोकिंग कोयले की उपलब्धता मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कोकिंग कोयला उपभोक्ताओं से पारदर्शी और विश्वसनीय आपूर्ति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने उपभोक्ताओं को अवैध कारोबारियों और अनधिकृत स्रोतों से कोयला खरीदने से बचने की सलाह दी।
सीएमडी ने यह बात 20 अगस्त 2026 को कोलकाता में आयोजित BigMint India Ferrous Week के दौरान कही। कार्यक्रम में उन्होंने लौह-इस्पात उद्योग से जुड़े प्रमुख उपभोक्ताओं और हितधारकों के साथ संवाद किया। इस दौरान कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति व्यवस्था, बाजार की बदलती जरूरतों और उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
पारदर्शी सप्लाई चेन में उपभोक्ताओं की भी जिम्मेदारी
मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि पारदर्शी और व्यवस्थित कोयला आपूर्ति श्रृंखला केवल उत्पादकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें उपभोक्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकृत स्रोतों से कोयला खरीदने से आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है। इससे अनधिकृत कोयला कारोबार और अवैध खनन पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अवैध स्रोतों से आने वाले कोयले से दूरी बनाए रखें और अधिकृत माध्यमों से ही कोयले की खरीद करें। इससे कंपनी के संसाधनों की सुरक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार और सुरक्षित खनन को भी बढ़ावा मिलेगा।
कोयले की गुणवत्ता और आपूर्ति पर हुई चर्चा
BigMint की ओर से 19 से 21 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय India Ferrous Week में इस्पात और अन्य संबद्ध उद्योगों से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने हिस्सा लिया। BCCL के उपभोक्ता संवाद में कोयले की गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति, बाजार की मांग, औद्योगिक जरूरतों और दीर्घकालिक ग्राहक संबंधों को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सीएमडी ने कहा कि BCCL उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराने और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। परिचालन क्षमता में सुधार के साथ कंपनी का जोर ग्राहक-केंद्रित व्यवस्था और जिम्मेदार खनन पर भी है। उन्होंने कहा कि इस्पात और लौह-इस्पात उद्योग की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच लगातार संवाद जरूरी है। बेहतर समन्वय से आपूर्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
अवैध खनन पर BCCL के प्रयासों की सराहना
संवाद के दौरान उपभोक्ताओं ने BCCL की ओर से अवैध खनन और अनधिकृत कोयला निकासी पर रोक लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उपभोक्ताओं का कहना था कि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई से कंपनी के मूल्यवान कोयला संसाधनों की सुरक्षा होती है और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है। उन्होंने माना कि अवैध कोयला कारोबार पर नियंत्रण से आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे जिम्मेदार खनन को बढ़ावा मिलेगा और अधिकृत कोयला कारोबार को मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत के लिए घरेलू कोकिंग कोयला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण
BCCL CMD ने कहा कि भारत की औद्योगिक और इस्पात उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू कोकिंग कोयले की उपलब्धता मजबूत करना रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे हासिल करने के लिए उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा। घरेलू स्तर पर कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ने से इस्पात उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
गुणवत्तापूर्ण कोयला और विश्वसनीय आपूर्ति पर BCCL का फोकस
मनोज कुमार अग्रवाल ने BCCL की उपभोक्ता-केंद्रित नीति को रेखांकित करते हुए कहा कि कंपनी गुणवत्तापूर्ण कोयला, विश्वसनीय आपूर्ति, परिचालन दक्षता और जिम्मेदार खनन को प्राथमिकता दे रही है। उपभोक्ताओं के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से उनकी जरूरतों को समझकर आपूर्ति व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादक और उपभोक्ता मिलकर काम करेंगे तो कोयला आपूर्ति श्रृंखला को अधिक पारदर्शी, संगठित और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में BCCL के निदेशक वित्त राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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