झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की मिली धमकी, घंटो चला सर्च ऑपरेशन
झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। BDDS टीम ने विधानसभा परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पुलिस ने केस दर्ज कर ईमेल के सोर्स की जांच शुरू कर दी है।
HighLights:
- धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
- झारखंड जगुआर की BDDS टीम ने विधानसभा परिसर में चलाया सर्च ऑपरेशन
- तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली
- विधानसभा थाना में धमकी भरे ईमेल को लेकर प्राथमिकी दर्ज
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड विधानसभा और CMO को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया। विधानसभा परिसर को निशाना बनाने की धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड में आ गईं। सूचना मिलते ही झारखंड जगुआर की बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड (BDDS) टीम को विधानसभा परिसर भेजा गया।
विधानसभा व सीएमओ परिसर में चला गहन सर्च ऑपरेशन
धमकी की सूचना मिलने के बाद BDDS टीम ने विधानसभा व सीएमओ परिसर के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से तलाशी ली। टीम ने संभावित संवेदनशील स्थानों और आसपास के क्षेत्रों की भी जांच की। सुरक्षा एजेंसियों ने काफी सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि तलाशी अभियान के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और परिसर की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सतर्कता बरती गई।
विधानसभा थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी
धमकी भरा ईमेल मिलने के मामले में झारखंड विधानसभा के एक पदाधिकारी की ओर से रांची के विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी भरा ईमेल किस जगह से भेजा गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह है। पुलिस ईमेल के तकनीकी विवरण, उसके सोर्स और अन्य डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है।
ईमेल के सोर्स की जांच में जुटी पुलिस
धमकी की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां ईमेल के तकनीकी पहलुओं को खंगाल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ईमेल भेजने के लिए किस डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल किया गया और भेजने वाले की पहचान क्या है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं। पुलिस धमकी की सत्यता और इसके पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा
विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील परिसर को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच के साथ-साथ किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सतर्क हैं। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और धमकी भरे ईमेल के पीछे कौन है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
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