BPSC TRE-4 छात्रों के बीच पहुंचे चिराग, 15 मांगों का ज्ञापन लिया; CM सम्राट से की बात, कहा- लाठीचार्ज उचित नहीं
BPSC TRE-4 Protest: चिराग पासवान पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचे और छात्रों से 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन लिया। CM सम्राट चौधरी से मांगों पर चर्चा की और छात्रों पर लाठीचार्ज को अनुचित बताया।
HighLights:
- केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान मंगलवार रात पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पहुंचे
- BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों ने उन्हें 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
- चिराग ने छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने उठाया
- छात्रों पर लाठीचार्ज को चिराग पासवान ने अनुचित बताते हुए संवाद पर जोर दिया
पटना (Threesocieties.com Desk): BPSC TRE-4 में पदों की संख्या बढ़ाने, परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और अन्य मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरनास्थल पर चल रहा छात्रों का न्याय सत्याग्रह मंगलवार रात उस समय चर्चा में आ गया, जब केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अचानक आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे।
चिराग पासवान ने धरनास्थल पर पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। छात्र प्रतिनिधियों ने उन्हें अपनी 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को उनकी मांगों को सरकार के स्तर पर उठाने और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
15 सूत्री मांगों का ज्ञापन लेकर CM सम्राट से मिले चिराग
धरनास्थल से लौटने के बाद चिराग पासवान ने छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। बताया गया कि बातचीत के दौरान BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। चिराग ने छात्र हित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से संवेदनशीलता के साथ विचार करने और सकारात्मक पहल का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने दफादार-चौकीदारों से जुड़ी मांगों और समस्याओं का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया। मुख्यमंत्री की ओर से छात्रों और दफादार-चौकीदारों से संबंधित विषयों को गंभीरता से सुनने तथा उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई।
छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया अनुचित
आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र देश और समाज का भविष्य हैं। उनकी समस्याओं को सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत है। सरकार और छात्रों के बीच संवाद का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। चिराग के मुताबिक किसी भी समस्या का समाधान बातचीत, सकारात्मक पहल और आपसी संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। ऐसे में छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
BPSC TRE-4 में पद बढ़ाने की सबसे बड़ी मांग
धरने पर बैठे BPSC TRE-4 अभ्यर्थी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों ने एकल परीक्षा लागू करने और निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग भी उठाई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र हितैषी बनाया जाना चाहिए। परीक्षा से संबंधित नियमों और पदों की संख्या को लेकर सरकार जल्द स्पष्ट फैसला करे, ताकि अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी को लेकर स्थिति साफ हो सके।
शिक्षा विभाग के पत्र को निरस्त करने की मांग
छात्र नेता दिलीप कुमार के अनुसार शिक्षा विभाग की ओर से सोमवार को जारी पत्र को निरस्त करने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए नया आदेश जारी किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक इस मुद्दे पर छात्रों के साथ बैठक के बाद आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा।
BSSC से संविदा वेटेज हटाने समेत कई मांगें
आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांगें सिर्फ BPSC TRE-4 तक सीमित नहीं हैं। छात्रों ने BSSC से संविदा वेटेज हटाने, विभिन्न परीक्षाओं की तिथियां जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा LET और BET के आयोजन, BPSC AEDO परीक्षा की तिथि घोषित करने तथा दारोगा, सिपाही और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
हिंदी भाषियों के साथ भेदभाव खत्म करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने हिंदी भाषियों के साथ भेदभाव बंद करने की मांग भी उठाई। छात्रों का कहना है कि भर्ती और परीक्षा प्रक्रियाओं में सभी अभ्यर्थियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। गर्दनीबाग धरनास्थल पर सहबाज आलम, रविरंजन, मुकेश, संतोष, रोशनी, मीतू, कल्याणी, प्रियंका, नेहा परवीन, नीलम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा न्याय सत्याग्रह
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के धरनास्थल पहुंचने और उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं किया गया है। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, न्याय सत्याग्रह जारी रहेगा। अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और BPSC TRE-4 से जुड़े फैसले पर है।
चिराग बोले- छात्रों और युवाओं की आवाज उठाती रहेगी पार्टी
चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) छात्रों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। रोजगार, शिक्षा और युवाओं के बेहतर भविष्य से जुड़े विषयों को सरकार के समक्ष उठाया जाता रहा है और आगे भी छात्र हित में आवाज उठाई जाती रहेगी। BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच चिराग पासवान की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात को छात्रों की मांगों को सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने की अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।
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