CISF का 'ऑपरेशन जीरो कोल लीकेज': 3 सप्ताह में 1.08 करोड़ का अवैध कोयला जब्त, 84 वाहन पकड़े
CISF ने अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ तीन सप्ताह के अभियान में 1.08 करोड़ रुपये मूल्य का 1,798.725 मीट्रिक टन कोयला जब्त किया। 84 वाहन पकड़े गए और 21 मामले दर्ज किए गए। जानिए BCCL, ECL और CCL क्षेत्रों में हुई बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट।
HighLights:
- 21 मामलों में CISF ने सीधे शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की
- BCCL धनबाद से सबसे अधिक 1,063.91 मीट्रिक टन कोयला बरामद
- MMDR Act के विशेष अधिकार मिलने के बाद CISF की कार्रवाई हुई और प्रभावी
- तस्करी में मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों के इस्तेमाल का भी खुलासा
रांची (Threesocieties.com Desk): देश के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन, चोरी और तस्करी पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने पिछले तीन सप्ताह के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.08 करोड़ रुपये मूल्य का 1,798.725 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया है। इस दौरान कोयला तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 84 वाहनों को कब्जे में लिया गया, जबकि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ 21 सीधे शिकायत मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
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यह अभियान देश के प्रमुख कोयला क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया, जहां CISF ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगातार छापेमारी कर अवैध कारोबारियों के नेटवर्क को निशाना बनाया।
अमित शाह की समीक्षा बैठक के बाद तेज हुआ अभियान
जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद इस अभियान को गति दी गई। बैठक में देश के कोयला संसाधनों की चोरी रोकने और 'जीरो कोल लीकेज' के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर दिया गया था। इसके बाद CISF ने अपने सुरक्षा दायरे वाले सभी प्रमुख कोयला क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया।
इन क्षेत्रों में हुई सबसे बड़ी बरामदगी
तीन सप्ताह तक चले अभियान में सबसे अधिक कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों में देखने को मिली। BCCL, धनबाद से 1,063.91 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। ECL, शीतलपुर क्षेत्र से 450.13 मीट्रिक टन कोयला बरामद हुआ है। CCL, रांची और CMP(H) क्षेत्रों से संयुक्त रूप से 284.715 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया। इन सभी क्षेत्रों में लगातार निगरानी, गश्ती अभियान और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई।
MMDR Act ने CISF को बनाया और मजबूत
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि अब CISF अधिकारियों को खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) की धारा 22, 23B और 24 के तहत विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इन अधिकारों के तहत अधिकृत अधिकारी—
सीधे सक्षम न्यायालय में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
बिना देरी के तलाशी अभियान चला सकते हैं।
संदिग्ध परिसरों में प्रवेश कर अवैध कोयले की जब्ती कर सकते हैं।
दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।
इन वैधानिक शक्तियों के कारण कार्रवाई की गति पहले की तुलना में काफी तेज और प्रभावी हुई है।
तस्करों के नए हथकंडों का खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कोयला माफिया अब केवल हाईवा और ट्रकों का ही नहीं, बल्कि मॉडिफाइड मोटरसाइकिलों का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। इन मोटरसाइकिलों में विशेष बदलाव कर उन्हें दुर्गम और कच्चे रास्तों से कोयला ढोने के लिए तैयार किया गया था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके। CISF ने ऐसे कई वाहनों को भी जब्त किया है।
84 वाहन पुलिस को सौंपे गए
अभियान के दौरान पकड़े गए सभी 84 वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित स्थानीय पुलिस थानों को सौंप दिया गया है। इनके मालिकों और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
कोयला माफिया के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा अभियान
CISF अधिकारियों के अनुसार, अवैध कोयला खनन, चोरी और तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आधुनिक तकनीक, खुफिया सूचना और कानूनी अधिकारों के प्रभावी उपयोग के जरिए कोयला माफिया के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और राष्ट्रीय संसाधनों की चोरी रोकने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे।




