बरवाअड्डा थाना में हंगामा मामला: MLA जयराम महतो समेत 10 पर FIR , 40-50 अज्ञात अभियुक्त, CCTV से खुलेगा राज

बरवाअड्डा थाना बवाल मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज हुई है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए घटना की जांच कर रही है।

बरवाअड्डा थाना में हंगामा मामला: MLA जयराम महतो समेत 10 पर FIR , 40-50 अज्ञात अभियुक्त, CCTV से खुलेगा राज
विधायक समर्थकों और मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों में हुई थी झड़प।

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  • बरवाअड्डा थाना परिसर में हंगामा मामले में FIR दर्ज
  • डुमरी विधायक जयराम महतो समेत 10 लोग नामजद
  • 40-50 अज्ञात लोगों को भी बनाया गया आरोपी
  • सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में केस

धनबाद (Threesocieties.com Desk): बरवाअड्डा थाना परिसर में विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों तथा बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 40-50 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

10 नामजद आरोपियों में जयराम महतो समेत ये नाम

पुलिस की प्राथमिकी में जयराम महतो के अलावा जिप प्रतिनिधि सह जेएलकेएम नेता दिलीप चौधरी, प्रवक्ता सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार और राजेश महतो को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है। फुटेज और जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके नाम भी प्राथमिकी में जोड़े जा सकते हैं।

सोशल मीडिया लाइव से बढ़ा मामला

थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत के मुताबिक, दिलीप चौधरी ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर पुलिस हिरासत में लिए गए गणेश दास की कथित पिटाई की बात कही थी। पुलिस का आरोप है कि इस प्रसारण के बाद लोगों के बीच अफवाह फैली और बड़ी संख्या में समर्थक बरवाअड्डा थाना पहुंच गए। शिकायत के अनुसार, भीड़ थाना परिसर के अंदर पहुंच गई और हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान थाना हाजत में बंद गणेश दास तक भी लोग पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि भीड़ के थाना परिसर में आने और हंगामे के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।

गणेश दास की गिरफ्तारी से शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी की शिकायत से जुड़ा है। मुखिया ने गणेश दास पर उनके कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल कर जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में बरवाअड्डा थाना में पहले से प्राथमिकी दर्ज थी।

पुलिस ने गणेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। इसी दौरान इसकी जानकारी विधायक जयराम महतो को मिली। विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। विधायक पक्ष की ओर से पुलिस पर गणेश दास के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद मुखिया यशोदा देवी के समर्थक भी थाना परिसर पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया।

दोनों पक्षों की शिकायत, अब पुलिस की FIR से मामला गंभीर

घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। जानकारी के अनुसार, मुखिया पक्ष की शिकायत पर भी विधायक जयराम महतो और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं विधायक पक्ष की ओर से मुखिया पक्ष के लोगों पर मारपीट और छिनतई के आरोप लगाए गए हैं। अब थाना प्रभारी की ओर से सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य आरोपों में दर्ज FIR के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

CCTV फुटेज पर टिकी पुलिस की जांच

बरवाअड्डा थाना पुलिस अब पूरे घटनाक्रम का CCTV फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि थाना परिसर में सबसे पहले किसने हंगामा शुरू किया, कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका रही। CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया लाइव और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके नाम भी मामले में जोड़े जा सकते हैं। इससे साफ है कि बरवाअड्डा थाना परिसर का विवाद फिलहाल थमने के बजाय कानूनी कार्रवाई के अगले दौर में पहुंच गया है।