झारखंड में अवैध कोयला कारोबार पर कसेगा शिकंजा! रांची में CISF की हाईलेवल बैठक, सुरक्षा रणनीति हुई सख्त
रांची में CISF की दो दिवसीय हाईलेवल समीक्षा बैठक में झारखंड और बिहार के कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा, अवैध कोयला कारोबार पर नियंत्रण, MMDR Act और आधुनिक सुरक्षा रणनीति पर विस्तृत मंथन हुआ। एडीजी सुधीर कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
HighLights:
- रांची में CISF की दो दिवसीय समीक्षा बैठक संपन्न
- बिहार-झारखंड की सभी CISF इकाइयों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
- कोयला उत्पादन, परिवहन और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष समीक्षा
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड के कोयला क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और रणनीतिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से रांची में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की दो दिवसीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीआईएसएफ के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) सुधीर कुमार ने की। इस बैठक में बिहार और झारखंड की सभी सीआईएसएफ इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों और यूनिट कमांडरों ने भाग लिया।
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बैठक के दौरान दोनों राज्यों के कोयला क्षेत्रों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था, परिचालन तैयारियों और संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का व्यापक आकलन किया गया। अधिकारियों ने बदलते सुरक्षा परिदृश्य, संभावित खतरों और नई चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की।
अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति
बैठक में विशेष रूप से कोयला उत्पादन, भंडारण और परिवहन से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर निगरानी प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा खुफिया सूचनाओं (Intelligence Inputs) के प्रभावी उपयोग, रियल टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था तथा त्वरित कार्रवाई तंत्र को मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि समय पर सूचना और बेहतर समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
MMDR Act के प्रभाव पर भी हुई चर्चा
बैठक में MMDR Act (Mines and Minerals Development and Regulation Act) से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और उनके सुरक्षा प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने इस कानून के प्रभावी अनुपालन और उससे जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर विचार-विमर्श करते हुए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की।
एडीजी ने दिए सख्त निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए एडीजी सुधीर कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राष्ट्रीय महत्व के औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सीआईएसएफ को अपनी परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (Quick Response Mechanism) को लगातार मजबूत करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल बल की मौजूदगी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक, इंटेलिजेंस नेटवर्क और प्रभावी समन्वय के माध्यम से संभावित खतरों को पहले ही रोकने की दिशा में काम करना होगा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में महानिरीक्षक प्रबोध चंद्र, उप महानिरीक्षक सुमंत सिंह, जितेंद्र कुमार तिवारी, प्रनीत चंद्र, अमित माथुर, राजीव मिश्रा सहित बिहार और झारखंड की सभी सीआईएसएफ इकाइयों के यूनिट कमांडर और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर प्रस्तुति भी दी।




