धनबाद में तीन दिवसीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 शुरू,आधुनिक पुलिसिंग की तकनीकों पर होगी कड़ी परीक्षा
धनबाद पुलिस केंद्र में तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ हुआ। आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने उद्घाटन किया। धनबाद और बोकारो के पुलिसकर्मी वैज्ञानिक अनुसंधान, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, एफएसएल, फिंगरप्रिंट, एंटी-सबोटाज सहित कई विषयों में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
HighLights:
- धनबाद पुलिस केंद्र में तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ
- आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया उद्घाटन, धनबाद और बोकारो के पुलिसकर्मी ले रहे भाग
- वैज्ञानिक अनुसंधान, क्राइम इन्वेस्टिगेशन, फिंगरप्रिंट, एफएसएल समेत कई विषयों पर परीक्षा
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बदलते दौर में अपराध के तरीके लगातार आधुनिक होते जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस को भी तकनीकी रूप से सक्षम और वैज्ञानिक अनुसंधान में दक्ष बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। इसी उद्देश्य के साथ धनबाद पुलिस केंद्र सभागार में बुधवार से तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट-2026 का शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में धनबाद और बोकारो जिले के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान अपनी पेशेवर क्षमता, अनुसंधान कौशल और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
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कार्यक्रम का उद्घाटन बोकारो प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी रित्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, एडिशनल एसपी (चास) वेदांत शंकर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
आईजी बोले—ड्यूटी मीट पुलिस के लिए सीखने का सबसे बड़ा मंच
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पुलिस ड्यूटी मीट केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के ज्ञान, अनुभव और पेशेवर क्षमता को निखारने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान की जानकारी पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाती है तथा अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में साइबर अपराध, तकनीकी अपराध और संगठित अपराधों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों का लगातार प्रशिक्षित और अपडेट रहना बेहद आवश्यक है।
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताई आधुनिक पुलिसिंग की जरूरत
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक पुलिसिंग पर्याप्त नहीं है। वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक जांच पद्धति को अपनाकर ही बेहतर पुलिस सेवा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से पुलिसकर्मियों को अपने अनुभव साझा करने, नई तकनीकों को सीखने और अनुसंधान क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलता है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा।
इन विषयों पर हो रही कड़ी परीक्षा
तीन दिवसीय ड्यूटी मीट के दौरान पुलिस निरीक्षक से लेकर सिपाही स्तर तक के प्रतिभागियों की लिखित एवं मौखिक परीक्षा ली जा रही है।
प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख विषय—
वैज्ञानिक अनुसंधान (एफएसएल)
मेडिको-लीगल
क्राइम इन्वेस्टिगेशन
लॉ रूल्स एवं कोर्ट जजमेंट
फिंगरप्रिंट (अंगुलांक)
पुलिस फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी
ऑब्जर्वेशन टेस्ट
पुलिस पोर्ट्रेट
लिफ्टिंग, पैकिंग एवं फॉरवर्डिंग
कंप्यूटर साक्षरता
पुलिस श्वान दस्ता
एंटी-सबोटाज चेक
इन सभी विषयों में प्रतिभागियों की तकनीकी समझ, व्यावहारिक दक्षता और अनुसंधान क्षमता का मूल्यांकन किया जा रहा है।
रांची से पहुंची विशेषज्ञों की टीम
प्रतियोगिता के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए रांची से सीआईडी, एटीएस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की विशेषज्ञ टीम धनबाद पहुंची है। विशेषज्ञों में सहायक निदेशक (फिंगरप्रिंट) नीरज सहाय, सहायक निदेशक (एफएसएल) आशुतोष कुमार वर्मा, पंचानंद कुमार, असित मोदी, रोहित कुमार कालिंदी और दिलीप कुमार महतो शामिल हैं। ये विशेषज्ञ विभिन्न तकनीकी विषयों में प्रतिभागियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका
पुलिस ड्यूटी मीट के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन अगली स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले के सभी डीएसपी, एसडीपीओ, थाना प्रभारी, सार्जेंट मेजर सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल पुलिसकर्मियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं बल्कि अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार लाती हैं। आधुनिक तकनीकों से लैस पुलिस बल ही भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकता है।
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