JPSC-JSSC Protest: छात्रों की सरकार से होगी सीधी वार्ता! बातचीत को छात्र तैयार, खुली वार्ता पर अड़े

रांची में JPSC-JSSC मुद्दों पर आंदोलन कर रहे छात्र सरकार से बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। सरकार ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि छात्रों ने मीडिया की मौजूदगी में खुली बातचीत की शर्त रखी है। सरकार ने छात्रों से वार्ता के लिए 4 मंत्रियों की कमेटी बनाई। अपर मुख्य सचिव अजय सिंह भी शामिल।

JPSC-JSSC Protest: छात्रों की सरकार से होगी सीधी वार्ता! बातचीत को छात्र तैयार, खुली वार्ता पर अड़े
सरकार ने छात्रों से वार्ता को लिए 4 मंत्रियों की कमेटी बनायी।

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  • छात्रों से वार्ता को ले सरकार ने बनायी चार मंत्रियों की कमेटी
  • सरकार ने भेजा बुलावा, छात्रों ने रखी पारदर्शी वार्ता की शर्त

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र सरकार से वार्ता के लिए तैयार हो गये हैं। कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में नहीं, बल्कि मीडिया की मौजूदगी में खुली और पारदर्शी वार्ता चाहते हैं।

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चार मंत्री करेंगे छात्रों से बातचीत

हेमंत सोरेन सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। सरकार का उद्देश्य संवाद के जरिए लंबे समय से जारी गतिरोध को खत्म करना है। सरकार की ओर से गठित कमेटी में दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय यादव और चमरा लिंडा को शामिल किया गया है। यह टीम आंदोलनरत छात्रों से संपर्क कर उनकी मांगों पर चर्चा करेगी और समाधान का रास्ता तलाशेगी।सरकार ने वार्ता को प्रशासनिक मजबूती देने के लिए अपर मुख्य सचिव अजय सिंह को भी कमेटी में शामिल किया है। माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी से प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं पर प्रभावी निर्णय लेने में आसानी होगी।

सरकार की ओर से छात्रों से संवाद स्थापित करने की पहल की गई है। इसी क्रम में एसडीओ कुमार रजत आंदोलन स्थल पहुंचे और सरकार का संदेश छात्रों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आंदोलनरत छात्रों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए तैयार है, ताकि उनकी सभी मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जा सके। हालांकि अभी तक वार्ता का समय और स्थान तय नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से केवल बातचीत का प्रस्ताव मिला है। बैठक कहां होगी और किस समय होगी, इसकी जानकारी शुक्रवार को मिलने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल पर अभी फैसला बाकी

आंदोलनरत छात्रों ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि सरकार से बातचीत के लिए उनके प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा। छात्र आपसी चर्चा के बाद पांच सदस्यों का चयन करेंगे, जो सरकार के समक्ष उनकी मांगों को मजबूती से रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, सरकार की ओर से पहले से गठित उच्च स्तरीय समिति ही छात्रों से बातचीत कर सकती है। इसी समिति के सामने छात्र अपनी प्रमुख मांगों को रखेंगे और यह भी बताएंगे कि किन शर्तों के पूरा होने पर आंदोलन समाप्त किया जा सकता है।

मीडिया के सामने बातचीत की मांग

छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल कुछ लोगों का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पूरी तरह सार्वजनिक होनी चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि बातचीत बंद कमरे में होगी तो इससे पारदर्शिता पर सवाल उठेंगे। इसलिए वार्ता मीडिया की मौजूदगी में खुले मंच पर आयोजित की जानी चाहिए, ताकि राज्य के युवाओं को भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।

शाम तक लिया गया विचार-विमर्श

सरकार के प्रस्ताव के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों की बैठक हुई। छात्रों ने बताया कि वे आपसी चर्चा के बाद सरकार को अपना अंतिम निर्णय देंगे। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति और प्रतिनिधिमंडल के गठन पर भी विचार किया गया।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

आंदोलन कर रहे छात्र लंबे समय से कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

JPSC एवं JSSC भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता।
लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करना।
परीक्षा कैलेंडर जारी करना।
भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की जांच।
युवाओं के लिए समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया लागू करना।

अब सभी की नजर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली वार्ता पर है। यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो लंबे समय से जारी आंदोलन समाप्त होने की संभावना भी बन सकती है।

सोनम वांगचुक की अपील पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने तोड़ा अनशन

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की वीडियो कॉल पर अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा।

राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर जेपीएससी नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की CID जांच की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने देगी और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं राज्यपाल ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी दिया।

सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है, सही दिशा में चल रही है जांच: हेमंत

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि छात्रों के साथ अन्याय होने नहीं दिया जाएगा। सरकार ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है तथा जांच सही दिशा में चल रही है। जांच के निष्कर्ष पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। राज्यपाल ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कथित अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए कहा कि कथित गड़बड़ियों की निष्पक्षता से जांच हो तथा दोषी लोगों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। छात्रों से वार्ता के लिए मंत्रियों की कमेटी गठित करने की सरकार तैयारी कर रही थी। हालांकि अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई थी।

भाजपा ने भी दिया आंदोलन को समर्थन,बाबूलाल मरांडी बोले- JPSC-JSSC गड़बड़ी की हो सीबीआई जांच

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा। भाजपा नेताओं ने छात्रों की CBI जांच की मांग को उचित बताते हुए आंदोलन का समर्थन किया।  जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा और आजसू के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 15 मिनट तक चली बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की मांगों को सुना और उन्हें हर स्तर पर समर्थन का भरोसा दिलाया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भाजपा छात्रों की इस लड़ाई में सड़क से लेकर सदन तक उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

सीबीआई जांच और अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग

बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से बातचीत में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से कराई जाए। उन्होंने सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल पद से हटाने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की। मरांडी ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बहाल नहीं हो सकेगा।

 नौकरियां बेचने का खेल'

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है। यह जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से नौकरियां बेचने का सुनियोजित खेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में आयोजित कई भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित कई चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई। उनके अनुसार अभ्यर्थियों को रांची, बिहार और नेपाल जैसे स्थानों पर ले जाकर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए।

कट-ऑफ छिपाने का लगाया आरोप

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि जेपीएससी ने परीक्षा का कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किया था. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की फटकार के बाद जब कट-ऑफ सूची जारी की गई, तब यह सामने आया कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ, जबकि कम अंक पाने वाले उम्मीदवार सफल घोषित कर दिए गए. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठाने का काम किया है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में सरकार से जवाब मांगेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।

इस अवसर पर विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, नीरा यादव, निर्मल महतो, अमर कुमार बाउरी सहित भाजपा और आजसू के कई वरिष्ठ नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे.