धनबाद: शंकर मल्लिक के परिवार के लिए मेयर संजीव की बड़ी पहल,निजी स्तर पर दी ₹10.50 लाख की मदद
धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने शंकर मल्लिक के परिवार को निजी स्तर पर ₹10.50 लाख की आर्थिक सहायता दी। भौंरा में ग्रामीणों के रास्ते के मुद्दे पर भी मेयर ने कड़ा रुख अपनाया।
Highlights:
- टासरा रेलवे साइडिंग हादसे में मृत शंकर मल्लिक के परिवार को संजीव सिंह ने दी ₹10.50 लाख की निजी सहायता
- पांच दिनों से धरने पर बैठे परिजनों से मिलकर सुनी समस्याएं
- भौंरा में ग्रामीणों ने रास्ता बंद होने के विरोध में आउटसोर्सिंग का काम रुकवाया
- रास्ता दोबारा बनने तक माइंस का काम बंद रखने की बात कही
धनबाद (Threesocieties.com Desk): चासनाला कोलियरी अंतर्गत टासरा रेलवे साइडिंग में मजदूर शंकर मल्लिक की मौत के बाद उनके परिवार के सामने खड़े आर्थिक संकट को देखते हुए धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने मानवीय पहल की है। मेयर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और अपने निजी स्तर से कुल ₹10 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की।

शंकर मल्लिक की मौत के बाद उनके परिजन पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे थे। इसी दौरान मेयर संजीव सिंह उनके बीच पहुंचे। उन्होंने परिवार की स्थिति और उनकी मांगों की जानकारी ली तथा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
पत्नी और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर दी मदद
मेयर ने परिवार को ₹10 लाख नकद आर्थिक सहायता दी। इसके अलावा अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म के लिए ₹50 हजार दिए गए। इस तरह कुल ₹10.50 लाख की सहायता परिवार को उपलब्ध कराई गई। मेयर ने कहा कि यह सहायता विशेष रूप से मृतक की पत्नी और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दी गई है। हादसे के बाद परिवार पर अचानक आई आर्थिक मुश्किलों में यह राशि तत्काल सहारा देने के उद्देश्य से दी गई है।
भौंरा में ग्रामीणों के रास्ते के मुद्दे पर भी मेयर का कड़ा रुख
इधर, शनिवार को भौंरा बाजार से दामोदर नदी और जहाजटांड़ बस्ती की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता बंद होने से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। विरोध में ग्रामीणों ने मौके पर आउटसोर्सिंग का कार्य भी बंद करा दिया। मामले की जानकारी मिलने पर धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी परेशानी को गंभीरता से सुना।
DT साहब को फोन कर दी जानकारी
मौके से ही मेयर ने संबंधित DT साहब को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रामीणों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण रास्ते का पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए। मेयर ने कहा कि जब तक भौंरा से दामोदर नदी जाने वाला रास्ता दोबारा नहीं बनाया जाता, तब तक माइंस का कार्य बंद रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पूरी होने और रास्ते का पुनर्निर्माण होने के बाद ही काम शुरू करने की बात कही।
एक तरफ परिवार को आर्थिक संबल, दूसरी ओर ग्रामीणों के मुद्दे पर हस्तक्षेप
शंकर मल्लिक के परिवार को निजी स्तर पर आर्थिक सहायता देने और भौंरा में ग्रामीणों के रास्ते के मुद्दे पर मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करने के बाद मेयर संजीव सिंह का रुख चर्चा में है। एक ओर उन्होंने हादसे में मृत मजदूर के परिवार को तत्काल आर्थिक संबल देने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की मूलभूत समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही बात की। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों को अब उम्मीद है कि उनकी मांगों पर प्रशासन और संबंधित संस्थान जल्द ठोस कार्रवाई करेंगे।
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