झारखंड की अफसरशाही पर भड़के MLA जयराम महतो, बोले- अब चलेगा ‘पेन उलगुलान’

झारखंड की अफसरशाही पर डुमरी विधायक जयराम महतो ने तीखा हमला बोला। DC-BDO के रवैये पर सवाल उठाते हुए ‘पेन उलगुलान’ की चेतावनी दी और CM हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग की।

झारखंड की अफसरशाही पर भड़के MLA जयराम महतो, बोले- अब चलेगा ‘पेन उलगुलान’
डुमरी विधायक जयराम महतो ने झारखंड की अफसरशाही पर बोला हमला।

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  Highlights:

  • जयराम ने DC-BDO के रवैये और जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल पर उठाए सवाल
  • कहा- भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ चलेगा ‘पेन उलगुलान’
  • कार्यपालिका और विधायिका के टकराव को लोकतंत्र के लिए बताया गलत
  • पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन वापस लेने पर भी साधा निशाना

धनबाद (Threesocieties.com Desk): डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख जयराम महतो ने झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और अफसरशाही पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कार्यपालिका और विधायिका के बीच टकराव की स्थिति बन रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। जयराम महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ऐसे मामलों में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की मांग की।

धनबाद में रविवार को एक संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था, पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन, अवैध खनन, जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल और पार्टी के अंदरूनी मामलों पर खुलकर अपनी बात रखी।

DC-BDO के रवैये पर जयराम महतो का हमला

जयराम महतो ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों का व्यवहार संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का उदाहरण देते हुए कहा कि साहिबगंज के उपायुक्त द्वारा उनसे मुलाकात नहीं करना बेहद आपत्तिजनक है।उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें ‘शैडो मुख्यमंत्री’ के तौर पर देखा जाता है। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति को अधिकारियों द्वारा समय नहीं देना लोकतांत्रिक व्यवस्था में गलत परंपरा स्थापित करता है।

जयराम महतो ने आरोप लगाया कि साहिबगंज और देवघर के डीसी तथा कई बीडीओ द्वारा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को मिलने का समय नहीं दिया गया। उन्होंने पूर्व में विधायक भानु प्रताप शाही के साथ अधिकारियों के व्यवहार का भी जिक्र किया। विधायक ने कहा कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि दोनों लोकतांत्रिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं। किसी भी स्तर पर टकराव की स्थिति राज्य और जनता के हित में नहीं है।

‘थाना, अंचल और ब्लॉक में पिस रही जनता’

जयराम महतो ने झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता की समस्याएं अक्सर थाना, अंचल और प्रखंड कार्यालय के स्तर पर ही उलझकर रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिक का सबसे ज्यादा सामना बीडीओ, सीओ और कार्यालय के कर्मचारियों से होता है। यदि इन स्तरों पर जनता को उचित सम्मान और न्याय नहीं मिलता है तो सरकार की योजनाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था का वास्तविक लाभ लोगों तक नहीं पहुंच सकता। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का हमेशा सम्मान किया जाएगा, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठकर जनता का शोषण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

‘अब चलेगा पेन उलगुलान’

जयराम महतो ने कहा कि भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ अब ‘पेन उलगुलान’ यानी कलम की क्रांति शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाना उनका राजनीतिक और सामाजिक दायित्व है और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे।

पुलिस एसोसिएशन के आंदोलन पर भी निशाना

पुलिस एसोसिएशन द्वारा आंदोलन वापस लिए जाने के सवाल पर भी जयराम महतो ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने शायद आगे की स्थिति और संभावित फजीहत को देखते हुए अपना आंदोलन वापस लिया। हालांकि उन्होंने पुलिस और प्रशासन में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की। उनका कहना था कि उनकी लड़ाई किसी पूरे सरकारी तंत्र या सभी अधिकारियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि भ्रष्ट और मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ है।

रामकनाली हादसे के लिए अवैध खनन को बताया जिम्मेदार

रामकनाली हादसे को लेकर जयराम महतो ने अवैध खनन को मुख्य वजह बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयले के अवैध कारोबार और खनन से जुड़े नेटवर्क ने इलाके में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत किया है। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी और सफेदपोश लोगों की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जयराम महतो ने कहा कि अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आम लोगों की जान और संपत्ति पर खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की मांग की।

ब्रिटिश कालीन कानूनों से मुक्ति की मांग

जयराम महतो ने देश और राज्य को मजबूत बनाने के लिए ब्रिटिश कालीन कानूनों से मुक्ति की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि समय के साथ कानूनों और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव जरूरी है। उन्होंने गिरिडीह में महिला के साथ मारपीट, धनबाद में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति के दोनों पैर टूटने और रामकनाली में CISF द्वारा बुजुर्ग महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं का जिक्र करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

देवेंद्र महतो और JLKM में विवाद से किया इनकार

पार्टी के अंदर देवेंद्र महतो को लेकर चल रही चर्चाओं पर जयराम महतो ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं और उनके बीजेपी में जाने की खबरें निराधार हैं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और JLKM उनका समर्थन करता है। किसी व्यक्ति या संगठन के आगे बढ़ने पर राजनीतिक चर्चाएं होना स्वाभाविक है, लेकिन हर चर्चा को विवाद नहीं माना जाना चाहिए।

दिलीप चौधरी पर कार्रवाई को लेकर भी बोले

जयराम महतो ने कहा कि जिला कमेटी को जानकारी दिए बिना बैठक करने के कारण दिलीप चौधरी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। हालांकि भविष्य में मामले पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य वर्ष 2027 को ध्यान में रखते हुए पूरे झारखंड में संगठन का विस्तार करना है। इसके लिए संगठन को बूथ और पंचायत स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।

सरकार को जयराम महतो का संदेश

जयराम महतो ने कहा कि लोकतंत्र में विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। यदि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच टकराव बढ़ता है तो इसका सीधा असर जनता पर पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करने और जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक अधिकार एवं प्रोटोकॉल का सम्मान सुनिश्चित कराने की मांग की। जयराम महतो ने साफ किया कि भ्रष्टाचार, अवैध खनन और प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ उनकी आवाज आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में ‘पेन उलगुलान’ के जरिए सरकार और प्रशासन के सामने जनहित के मुद्दे और मजबूती से उठाए जाएंगे।