धनबाद: बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था; पांचवीं महाशिव आरती में उमड़ा जनसैलाब
धनबाद में सावन की पहली सोमवारी पर JITA द्वारा आयोजित पांचवीं महाशिव आरती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। बारिश के बावजूद वाराणसी की तर्ज पर हुई भव्य आरती, शिव तांडव, भजन और डमरू दल की प्रस्तुति ने पूरे शहर को शिवमय बना दिया।
HighLights:
- सावन की पहली सोमवारी पर JITA ने आयोजित की पांचवीं महाशिव आरती
- लगातार बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर हुई भव्य महाशिव आरती
- शिव-पार्वती विवाह, शिव तांडव और भजनों ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध
धनबाद(Threesocieties.com Desk): सावन की पहली सोमवारी पर धनबाद पूरी तरह शिवमय हो उठा। झारखंड इंडस्ट्री एंड ट्रेड एसोसिएशन (JITA) द्वारा आयोजित पांचवीं महाशिव आरती में आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने पूरे शहर को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। हजारों की संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पहुंचे और भगवान भोलेनाथ की आराधना में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए।
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कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय कलाकार मोहित अग्रवाल और राजू अनुरागी की भजन प्रस्तुतियों से हुआ। "बम-बम भोले" और भगवान शिव के भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। इसके बाद प्रस्तुत किए गए शिव-पार्वती विवाह और शिव तांडव की आकर्षक सांस्कृतिक झांकियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुति ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया कि पूरा परिसर शिवमय नजर आया।

आयोजन का विशेष आकर्षण देहरादून से आए डमरू दल की प्रस्तुति रही। डमरू और शंख की गूंज ने श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा का संचार किया। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भगवान शिव के जयघोष करते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का सबसे भव्य और भावनात्मक क्षण तब आया जब वाराणसी के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर महाशिव आरती का आयोजन किया गया। वाराणसी से आए आचार्य रणधीर के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीपों से सुसज्जित भव्य आरती ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। सैकड़ों दीपों की रोशनी और मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में पूरी तरह तल्लीन दिखाई दिए। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो धनबाद में ही काशी का दिव्य वातावरण उतर आया हो।
इस भव्य धार्मिक आयोजन में धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार, मेयर संजीव सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह सहित जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी शामिल हुए। सभी ने भगवान भोलेनाथ की आरती कर प्रदेश और जिले की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।
इस अवसर पर JITA के अध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के बावजूद जिस तरह हजारों श्रद्धालु महाशिव आरती में शामिल हुए, वह धनबादवासियों की गहरी आस्था और भगवान शिव के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग और विश्वास से यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है तथा आने वाले समय में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
वहीं JITA के महासचिव राजीव शर्मा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज को संस्कृति, अध्यात्म और सामाजिक एकता के सूत्र में जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि सावन की पहली सोमवारी पर आयोजित महाशिव आरती को भविष्य में और अधिक दिव्य, भव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा, ताकि यह आयोजन धनबाद की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान बनकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके।
सावन की पहली सोमवारी पर आयोजित इस महाशिव आरती ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि धनबाद केवल औद्योगिक नगरी ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने वाला शहर भी है। श्रद्धालुओं की अपार आस्था, भव्य आयोजन और आध्यात्मिक वातावरण ने इस महाशिव आरती को यादगार बना दिया।
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