धनबाद में डेढ़ करोड़ की अवैध लॉटरी फैक्ट्री का भंडाफोड़, BCCL क्वार्टर से हाईटेक प्रिंटिंग प्रेस पकड़ी गई
धनबाद के चिरकुंडा में पुलिस ने बीसीसीएल क्वार्टर में चल रही अवैध लॉटरी टिकट की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट, हाईटेक प्रिंटिंग मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। एक आरोपी गिरफ्तार, पांच पर मामला दर्ज।
HighLights:
- चिरकुंडा पुलिस ने बीसीसीएल के जर्जर क्वार्टर में चल रही अवैध लॉटरी फैक्ट्री का किया भंडाफोड़
- करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट बरामद
- 9 प्रिंटर, 2 जेरॉक्स मशीन, इन्वर्टर, स्टेबलाइजर सहित भारी मात्रा में उपकरण जब्त
- एक आरोपी गिरफ्तार, पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए बीसीसीएल के परित्यक्त क्वार्टर में संचालित हाईटेक लॉटरी प्रिंटिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट, अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
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गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबूडंगाल स्थित बीसीसीएल के एक जर्जर दो मंजिला क्वार्टर में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की छपाई की जा रही है। सूचना के आधार पर एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने शुक्रवार शाम छापेमारी की। पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद कई लोग मौके से फरार हो गए, जबकि संवालापुर (कालूबथान) निवासी स्वरूप मल्लिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद शनिवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
दो ट्रैक्टरों में भरकर थाना पहुंचाया गया सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध लॉटरी टिकट और आधुनिक प्रिंटिंग उपकरण जब्त किए। बरामद सामान में शामिल हैं—करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित लॉटरी टिकट, 9 प्रिंटर, 2 बड़े जेरॉक्स मशीन, 9 पेपर स्टेपलर मशीन, 3 पेपर कटिंग मैट, इन्वर्टर, बैटरी और स्टेबलाइजर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणव एक बुलेट मोटरसाइकिल। बरामद सामान इतना अधिक था कि उसे दो ट्रैक्टरों में लादकर चिरकुंडा थाना लाया गया।
पांच लोगों पर दर्ज हुई FIR
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। इनमें— प्रकाश सिंह, भानुप्रताप सिंह, जय सिंह उर्फ पिंटा उर्फ भगत सिंह, नन्हकू (पीठा क्यारी, निरसा),स्वरूप मल्लिक (संवालापुर, कालूबथान) के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि यहां छापे गए प्रतिबंधित लॉटरी टिकट केवल धनबाद या झारखंड तक सीमित नहीं थे। इन्हें झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ तक भेजा जाता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि टिकटों की आपूर्ति जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो, रांची तथा पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर और वर्धमान तक की जाती थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हाईटेक मशीनों से छप रही थी प्रतिबंधित लॉटरी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित लॉटरी टिकट तैयार कर रहा था। मौके से हाईटेक प्रिंटर, कटर मशीन, रंग, स्टीकर और कागज के बंडल बरामद हुए हैं। बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि यह संगठित स्तर पर संचालित नेटवर्क था।
पहले से आपराधिक मामलों में आरोपी हैं दो नामजद
पुलिस जांच में सामने आया है कि नामजद आरोपी प्रकाश सिंह और जय सिंह उर्फ भगत सिंह पहले भी कई आपराधिक मामलों में आरोपी रह चुके हैं। प्रकाश सिंह के खिलाफ पलामू, निरसा, चिरकुंडा और गिरिडीह में विभिन्न मामले दर्ज हैं, जबकि जय सिंह उर्फ भगत सिंह के खिलाफ जामताड़ा और बिहार के गोपालगंज में भी मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
प्रतिद्वंद्विता के चलते खुला राज?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि मुख्य आरोपी का परिवार उसी बीसीसीएल क्वार्टर के समीप रहता था, जिसके कारण लंबे समय तक यह अवैध कारोबार बिना किसी बाधा के चलता रहा। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि अवैध लॉटरी कारोबार से जुड़े दूसरे गिरोह के साथ प्रतिस्पर्धा के कारण पुलिस को इस मिनी फैक्ट्री की सूचना मिली। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसे जांच का विषय बताया है।
पूरे निरसा क्षेत्र में फैला है अवैध कारोबार
स्थानीय लोगों का कहना है कि निरसा, चिरकुंडा, पंचेत, मैथन, कालूबथान, सिंदरी मोड़, बिरला ढाल, भलजोरिया रोड और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध लॉटरी कारोबार सक्रिय है। स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन करोड़ों रुपये के कारोबार के दावे किए जाते हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
एसडीपीओ लीलेश्वर महतो ने बताया कि छापेमारी में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित लॉटरी टिकट और छपाई में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं। मुख्य सरगना समेत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है। छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी आशुतोष कुमार, एसआई अर्जुन कुमार सिंह, एसआई पवन कुमार राणा, एसआई मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान शामिल थे।
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