भारत तिवारी एनकाउंटर पर दिल्ली में न्याय की हुंकार, जंतर-मंतर पर आज भोजपुर का महाजुटान

कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 17 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होगा। भोजपुर के बिलौटी गांव से सैकड़ों लोग दिल्ली पहुंच चुके हैं। परिवार निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

भारत तिवारी एनकाउंटर पर दिल्ली में न्याय की हुंकार, जंतर-मंतर पर आज भोजपुर का महाजुटान
'भारत तिवारी को न्याय दो' के नारों से गूंजेगा जंतर-मंतर।

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  • 17 जुलाई को जंतर-मंतर पर भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन
  • भोजपुर के बिलौटी गांव समेत कई इलाकों से समर्थक दिल्ली पहुंचे
  • प्रशासन ने धरना के लिए 500 लोगों की अनुमति दी
  • विभिन्न सामाजिक संगठनों के शामिल होने का दावा
  • निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग

आरा (Threesocieties.com Desk): कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। शुक्रवार 17 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिवार और समर्थकों का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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दिल्ली पहुंच चुके हैं सैकड़ों समर्थक

धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बिलौटी गांव सहित आसपास के कई इलाकों से लोग निजी वाहनों और अन्य साधनों से दिल्ली पहुंच चुके हैं। जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई की देर रात से शुरू हुआ दिल्ली जाने का सिलसिला 16 जुलाई की शाम तक जारी रहा।हालांकि प्रशासन ने जंतर-मंतर पर केवल 500 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी है, लेकिन परिजनों का दावा है कि दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में हजारों समर्थक पहले से मौजूद हैं और आंदोलन को समर्थन देंगे।

दिल्ली-एनसीआर में बनाई गई ठहरने की व्यवस्था

प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था पहले से दिल्ली में रह रहे ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा की गई है। भारत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, माता आशा देवी, बहन रूबी देवी, भाभी सुमन देवी, छोटे भाई चंदन तिवारी, सरोज त्रिपाठी समेत गांव के कई लोग दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर ठहरे हुए हैं।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों से भी की गई अपील

परिजनों ने नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले भोजपुर तथा आसपास के गांवों के लोगों से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। उनका कहना है कि इस अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग आंदोलन से जुड़ने के लिए तैयार हैं।

कई सामाजिक संगठनों के शामिल होने का दावा

परिवार का दावा है कि इस प्रदर्शन में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा सहित करणी सेना, ब्राह्मण महासभा, हिंदू सेना, परशुराम सेना और अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। हालांकि इन संगठनों की आधिकारिक भागीदारी और संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शन के माध्यम से परिवार और समर्थक सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखने वाले हैं—

भारत भूषण तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच।
कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा।
पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग।

बिलौटी गांव में भी बना हुआ है आंदोलन का माहौल

उधर, भोजपुर के बिलौटी गांव में भी पूरे दिन आंदोलन को लेकर चर्चा होती रही। गांव के लोगों का कहना है कि भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिल जाता।परिजनों ने दोहराया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्याय की मांग को लेकर है और वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात देश के सामने रखना चाहते हैं।

नोट: यह खबर परिजनों और प्रदर्शन के आयोजकों द्वारा किए गए दावों पर आधारित है। विभिन्न संगठनों की भागीदारी, समर्थकों की संख्या तथा मामले से जुड़े अन्य दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।