भारत का कोयला उत्पादन लगातार दूसरे साल 1 अरब टन पार, नवंबर में दिल्ली बनेगी दुनिया के खनन उद्योग की राजधानी
भारत का कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन से अधिक रहा। नई दिल्ली में India Mining Week 2026 के कर्टेन रेजर में केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने पारदर्शी नीतियों, आधुनिक तकनीक और सतत खनन पर जोर दिया। नवंबर में यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में वैश्विक खनन उद्योग जुटेगा। BCCL ने जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन की प्रतिबद्धता दोहराई।
HighLights:
- देश का कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन से अधिक रहा
- 100 से अधिक नीलाम खनिज ब्लॉक परिचालन में, 36 इसी वित्त वर्ष में शुरू
- 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी
- 15-17 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होगा India Mining Week 2026
- केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पारदर्शी नीतियों, तकनीकी नवाचार और सतत खनन पर दिया जोर
- BCCL के CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई
धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत का खनन क्षेत्र तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। देश में लगातार दूसरे वर्ष कोयला उत्पादन 1 अरब टन के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। इसी उपलब्धि और भविष्य की रणनीति को केंद्र में रखते हुए बुधवार को नई दिल्ली में India Mining Week 2026 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में भारत का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के जरिए दुनिया के अग्रणी खनन देशों में शामिल होना है।
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केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि भारत का खनन क्षेत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। सरकार पारदर्शी नीतियों, निवेश-अनुकूल माहौल, अत्याधुनिक तकनीकों और टिकाऊ खनन मॉडल के माध्यम से भारतीय खनन उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि India Mining Week 2026 उद्योग जगत, नीति निर्माताओं, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच बनेगा, जिससे वैश्विक निवेश और नई तकनीकों का मार्ग प्रशस्त होगा।
100 से अधिक खनिज ब्लॉक शुरू, 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक की नीलामी पूरी
समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि खनन केवल खनिज निकालने का कार्य नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि एमएमडीआर अधिनियम में किए गए सुधारों के बाद अब तक 100 से अधिक नीलाम खनिज ब्लॉक परिचालन में आ चुके हैं, जिनमें 36 ब्लॉक चालू वित्त वर्ष में शुरू हुए हैं। उन्होंने बताया कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की सफल नीलामी भी पूरी हो चुकी है। साथ ही सरकार कोल गैसीफिकेशन जैसी उन्नत तकनीकों को बढ़ावा देकर ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
15 से 17 नवंबर तक यशोभूमि में होगा इंडिया माइनिंग वीक 2026
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा और सतत खनन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी अवसर पर क्रिटिकल एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की आठवीं ट्रेंच का भी शुभारंभ किया गया। मुख्य आयोजन 15 से 17 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में होगा, जहां दुनिया भर की प्रमुख माइनिंग कंपनियां, नीति निर्माता, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य वैश्विक साझेदारी, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है।
BCCL ने जिम्मेदार खनन का दोहराया संकल्प
कार्यक्रम में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पर्यावरण-अनुकूल खनन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी जिम्मेदार खनन, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों के साथ देश के औद्योगिक एवं ऊर्जा विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। बीसीसीएल भारत के कोयला क्षेत्र के भविष्य को मजबूत बनाने और जिम्मेदार विकास में अपना योगदान निरंतर जारी रखेगा।
खनन क्षेत्र में भारत की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब पारंपरिक कोयला उत्पादन से आगे बढ़कर क्रिटिकल मिनरल्स, डिजिटल माइनिंग, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन सर्विलांस और ग्रीन माइनिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से निवेश कर रहा है। ऐसे में India Mining Week 2026 देश के खनन क्षेत्र को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो सकता है।




