झारखंड हाई कोर्ट को मिले 3 नए जज, चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने दिलाई पद-गोपनीयता की शपथ
Jharkhand High Court में तीन नए जजों मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने शपथ ली। चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने तीनों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
HighLights:
- झारखंड हाई कोर्ट को मिले तीन नए न्यायाधीश
- मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने ली शपथ
- चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ
- हाई कोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 16 हुई, 25 स्वीकृत पद हैं
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड हाई कोर्ट को बुधवार, 23 सितंबर 2026 को तीन नए न्यायाधीश मिले। नवनियुक्त न्यायाधीश मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने तीनों नवनियुक्त जजों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह हाई कोर्ट परिसर में सुबह 10:15 बजे आयोजित किया गया। झारखंड हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर भी तीनों न्यायाधीशों के शपथ समारोह की सूचना दर्ज की गई है।
शपथ ग्रहण से पहले हाई कोर्ट के महानिबंधक सत्यप्रकाश सिन्हा ने तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित राष्ट्रपति के आदेश को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़कर सुनाया। इसके बाद चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने क्रमशः मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। जस्टिस मनोज प्रसाद और राम शर्मा ने अंग्रेजी में, जबकि जस्टिस अखिल कुमार ने हिंदी में शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद चीफ जस्टिस ने तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को बुके देकर शुभकामनाएं दीं।
समारोह में महाधिवक्ता रोहितश्य राय, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत कुमार, महासचिव नवीन कुमार, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल प्रशांत पल्लव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और हाई कोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव, डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग भी समारोह में उपस्थित रहे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई नियुक्ति
मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा की नियुक्ति झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई। कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 की बैठक में तीनों नामों को मंजूरी दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। तीनों इससे पहले झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। मनोज प्रसाद गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अखिल कुमार साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और राम शर्मा डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। इन तीन नियुक्तियों के बाद झारखंड हाई कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 16 हो गई है। हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की संख्या 25 है। नियुक्तियों से पहले 13 न्यायाधीश कार्यरत थे।
जस्टिस मनोज प्रसाद का न्यायिक सफर

जस्टिस मनोज प्रसाद का जन्म वर्ष 1973 में देवघर में हुआ। उन्होंने सेंट फ्रांसिस स्कूल, देवघर से स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद पटना विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। उन्होंने वर्ष 1998 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की। वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन हुआ। उन्होंने मुख्य रूप से देवघर जिला न्यायालय में सिविल मामलों की वकालत की। 4 मई 2012 को वे एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर, रांची के रूप में झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए। इसके बाद न्यायिक सेवा में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए वे गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने।
जस्टिस अखिल कुमार की प्रोफाइल

जस्टिस अखिल कुमार का जन्म 6 जनवरी 1972 को पटना, बिहार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा पटना में पूरी करने के बाद उन्होंने पटना कॉलेज से समाजशास्त्र में ऑनर्स के साथ स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद वर्ष 1999 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उसी वर्ष अधिवक्ता के रूप में नामांकन हुआ। उन्होंने पटना हाई कोर्ट और पटना जिला न्यायालय में सिविल तथा आपराधिक मामलों की वकालत की। बाद में वे न्यायिक सेवा में शामिल हुए और साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद तक पहुंचे। अब उन्हें झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है।
जस्टिस राम शर्मा का न्यायिक सफर

जस्टिस राम शर्मा का जन्म 7 जुलाई 1968 को दिल्ली में हुआ। उन्होंने दिल्ली से स्कूली शिक्षा पूरी की और वर्ष 1994 में एलएलबी की परीक्षा पास की। वर्ष 1994 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकित होने के बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट तथा दिल्ली की विभिन्न जिला अदालतों में सिविल और आपराधिक मामलों की वकालत की। 26 मई 2012 को वे झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए। न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के बाद वे डालटनगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। अब वे झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में न्यायिक कार्य करेंगे।
हाई कोर्ट की कार्य क्षमता बढ़ने की उम्मीद
तीनों नए न्यायाधीशों के योगदान से झारखंड हाई कोर्ट की कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। हाई कोर्ट की स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता 25 है। नियुक्तियों से रिक्त पदों की संख्या में भी कमी आई है।नए न्यायाधीशों के योगदान के साथ हाई कोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के निष्पादन के लिए अतिरिक्त न्यायिक क्षमता उपलब्ध होगी। तीनों न्यायाधीशों को जिला न्यायपालिका में लंबे अनुभव का लाभ भी हाई कोर्ट की कार्यवाही में मिलेगा।
Anjala Kumar 



