झारखंड: ‘CM हेमंत सोरेन गद्दी छोड़ें’... JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान

JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ झारखंड में छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी। 20 अगस्त को CM आवास घेराव और 16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन का ऐलान। छात्रों ने हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की।

झारखंड: ‘CM हेमंत सोरेन गद्दी छोड़ें’... JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान
‘हेमंत गद्दी छोड़ें या कांग्रेस समर्थन वापस ले’... छात्रों का बड़ा ऐलान।

Advertisement

     HighLights:

  • JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी
  • 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान,छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मांगा इस्तीफा
  • 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में पुतला दहन,रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर होगा प्रदर्शन 
  • छात्रों ने JPSC-JSSC परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

रांची (Threesocieties.com Desk):  झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 22वें दिन शनिवार को छात्रों ने प्रेस वार्ता कर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा की है। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है।

छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में अब आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया है।

20 अगस्त को CM आवास का घेराव

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने ऐलान किया कि 20 अगस्त को राज्यभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती। प्रदर्शनकारियों ने JSSC CGL और JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच की मांग दोहराई है। छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार शामिल है।

पहली बार मंच से हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग

आंदोलनरत छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग को भी आंदोलन का हिस्सा बना लिया है। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार भर्ती परीक्षाओं को लेकर उनकी शिकायतों का समाधान नहीं कर सकती तो मुख्यमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और झामुमो पर भी राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। छात्रों ने कांग्रेस से अपील की कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो कांग्रेस को गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।

16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन

छात्र नेताओं ने आंदोलन की अगली रणनीति भी घोषित की है। 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने का ऐलान किया गया है। रांची में अल्बर्ट एक्का चौक पर भी प्रदर्शन की तैयारी है। छात्रों का कहना है कि यह कार्यक्रम सरकार के खिलाफ उनके विरोध को राज्यव्यापी रूप देने की रणनीति का हिस्सा है।

स्वतंत्रता दिवस पर निकाला तिरंगा मार्च

आंदोलन के बीच स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों ने रांची में तिरंगा मार्च भी निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा लेकर मार्च किया और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग दोहराई। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, अन्याय और अवसरों की असमानता से मुक्ति भी है। मंच ने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की।

देवेंद्र नाथ महतो ने लगाया पुलिस पर रोकने का आरोप

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें तिरंगा मार्च में शामिल होने से रोक दिया। उनके मुताबिक, उन्हें सदर अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर होने की बात कही गई है।

राज्यपाल ने भी परीक्षा में धांधली पर जताई चिंता

इस बीच राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और गड़बड़ियों को गंभीर विषय बताया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की बात कही।

सरकार ने पारदर्शिता का दिया भरोसा

विरोध के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है। सरकार की ओर से भविष्य में JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं की परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की बात कही गई है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा और कथित अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन अब 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाता है और सरकार छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।