JSSC-CGL परीक्षा रद: देवेंद्र महतो ने 16 दिन बाद तोड़ा अनशन, बोले- छात्रों की जीत

JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद होने के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिवसीय आमरण अनशन समाप्त किया। उन्होंने सरकार के फैसले को छात्रों के हित में साहसिक कदम बताया और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।

JSSC-CGL परीक्षा रद: देवेंद्र महतो ने 16 दिन बाद तोड़ा अनशन, बोले- छात्रों की जीत
देवेंद्र महतो को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते मंत्री।

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  • JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद किए जाने की घोषणा के बाद देवेंद्र महतो ने अनशन तोड़ा
  • देवेंद्र महतो ने 2 जुलाई से 16 दिनों तक आमरण अनशन किया
  • मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह समेत अन्य नेताओं ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया
  • महतो ने सरकार के फैसले को छात्रों के हित में साहसिक कदम बताया

रांची (Threesocieties.com Desk):  झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को उस समय बड़ा मोड़ मिला, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से JSSC-CGL और TDPL की परीक्षाएं रद करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना 16 दिवसीय आमरण अनशन समाप्त कर दिया। 2 जुलाई से अनशन पर बैठे देवेंद्र महतो को सोमवार देर रात मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह समेत अन्य नेताओं ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

देवेंद्र महतो ने सरकार के फैसले को छात्रों के हित में बड़ा और साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया नियुक्ति के चरण तक पहुंच चुकी थी और कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही थी। ऐसे समय में पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद करना आसान फैसला नहीं था, लेकिन छात्रों के भविष्य और परीक्षा में पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया।

16 दिन के आमरण अनशन के बाद खत्म हुआ आंदोलन का यह चरण

देवेंद्र नाथ महतो ने 2 जुलाई से आमरण अनशन शुरू किया था। उनका आंदोलन JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर था। लगातार 16 दिनों तक चले अनशन के बाद सरकार की ओर से परीक्षा रद करने की घोषणा के बाद उन्होंने अनशन स्थगित करने का निर्णय लिया। महतो ने कहा कि 20 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद 28 जुलाई से मामले की CID जांच शुरू हुई थी। उनके मुताबिक जांच को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है और पूर्व मुख्य सचिव तथा JPSC अध्यक्ष जैसे उच्च पदों पर रह चुके अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

सरकार के फैसले को बताया साहसिक कदम

परीक्षा रद किए जाने पर देवेंद्र महतो ने सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि JSSC-CGL की भर्ती प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी, इसलिए इस स्तर पर परीक्षा रद करने का फैसला लेना सरकार के लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित में सरकार ने जो निर्णय लिया है, वह महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक इस फैसले से यह संदेश गया है कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी या पारदर्शिता पर सवाल उठने की स्थिति में छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

आंदोलन में साथ देने वालों का जताया आभार

अनशन समाप्त करने के बाद देवेंद्र महतो ने आंदोलन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक डॉ. इरफान अंसारी, साथी छात्रों, मीडिया कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने उन लोगों का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जो आंदोलन के दौरान देर रात तक प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहे। महतो ने कहा कि कई ऐसे लोग थे, जो रात के एक-दो बजे तक आंदोलनकारियों के लिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था करते थे। उनके इस सहयोग को वह हमेशा याद रखेंगे।

अनशन खत्म, लेकिन पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की लड़ाई जारी

देवेंद्र महतो ने साफ किया कि अनशन समाप्त करने का मतलब संघर्ष को पूरी तरह खत्म करना नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शी और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उनका कहना है कि वह ऐसी व्यवस्था चाहते हैं, जहां पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और भ्रष्टाचार की कोई जगह न हो। उन्होंने कहा कि आज जो बच्चे प्राथमिक या माध्यमिक स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जब वे भविष्य में JPSC या JSSC की परीक्षा दें तो उन्हें अपने अधिकारों के लिए इस तरह का संघर्ष और बलिदान न करना पड़े।

हर परीक्षा में निगरानी और ऑडिट की मांग

देवेंद्र महतो ने भविष्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा के हर चरण की कड़ी निगरानी होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि परीक्षा के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध कराया जाए, ताकि अभ्यर्थियों के मन में किसी तरह का संदेह न रहे। महतो ने कहा कि यदि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा में नए कानून बनाने या संविधान में आवश्यक संशोधन की जरूरत पड़े, तो सरकार को उस दिशा में भी कदम उठाना चाहिए।

छात्रों की मांगों को लेकर आगे भी जारी रहेगा संघर्ष

JSSC-CGL परीक्षा रद होने के बाद देवेंद्र महतो ने फिलहाल अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उनका जोर ऐसी शिक्षा और भर्ती व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें अभ्यर्थियों को परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक हर चरण में निष्पक्षता और पारदर्शिता का भरोसा मिल सके।