खूंटी:बीजेपी लीडर की पत्नी समेत मर्डर,नक्सलियों का हाथ होने की आशंका
खुंटी जिले के नक्सल प्रभावित सायको पुलिस स्टेशन एरिया के आड़ा गांव में शुक्रवार की बीजेपी लीडर व कुड़ापूर्ति पंचायत के उप मुखिया शीतल मुंडा (50 वर्ष) व उनकी पत्नी मादे मुंडाइन की गोली मारकर मर्डर कर दी गयी है.ग्रामीणों में रात लगभग साढ़े नौ बजे हुई इस घटना से दहशत का माहौल है.भय से भी व्यक्ति कुछ बोल नहीं रहा.आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ है. घटना की सूचना मिलने पर डीआइजी एबीहोमकर, एसपी आशुतोष शेखर के साथ सायको पुलिस स्टेशन की पुलिस मौके पर पहुंच मामले की छानबीन की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है.
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मौके पर पहुंचे एसपी व पुलिस टीम.[/caption]
घटना की जानकारी मिलने पर सेंट्रल मिनिस्टर अर्जुन मुंडा व स्टेट के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा पोस्टमार्टम हाउस पहुंच शीतल मुंडा के परिजनों से मिले. दोनों मिनिस्टर ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शीतल मुंडा सायको क्षेत्र में बीजेपी के प्रमुख स्तंभ थे. पुलिस मामले में शामिल क्रिमिनलों के अभिलंब अरेस्ट करें.डीआइजी ने डबल मर्डर मामले में पुलिस अफसरों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है.
सेंट्रल मिनिस्टर अजुर्न मुंडा व झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शीतल मुंडा के परिजनों से मिले.दोनों मिनिस्टरों घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शीतल मुंडा सायको क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख स्तंभ थे. पुलिस उनके और उनकी पत्नी के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करे.सेंट्रल मिनिस्टर अर्जुन मुंडा ने कहा है कि हाल के कुछ वर्षों से भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है. इसे प्रशासन को गंभीरता से लेना चाहिए. यह जांच की जानी चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या क्यों की जा रही है. शीतल मुंडा और उनकी पत्नी के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार किया जाये.
बताया जाता है कि शुक्रवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे शीतल मुंडा खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे. घर का दरवाजा खुला था.आर्म्स से लैश तीन नकाबपोश शीतल के घर में घुस गये. कुर्सी पर बैठे शीतल मुंडा को टारगेट कर गोलियां दाग दीं. शीतल की त्नी मादे मुंडाइन ने क्रमिनलों से भिड़कर दरवाजा बंद करने का प्रयास किया, तो एक न उनकी कनपटी में एक गोली मारी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. क्रिमिनलों ने शीतल मुंडा को फिर गोली मारी, जिससे उनकी भी मौत हो गई.
पति-पत्नी की मर्डर के बाद क्रिमिनलों ने घर में रखे बक्सों को खोलकर कुछ खोजबीन करने लगे. क्रिमिनलों का दल घर से कैश व कीमती सामान लेकर गांव के समीप जंगल की ओर चला गया. घटना के दौरान घर में शीतल मुंडा उनकी पत्नी व 12 साल की छोटी बेटी बसुकी मौजूद थी. बासुकी ने क्रिमिनलों से कहा कि हमारे माता-पिता को क्यों मारा तो उनलोगों ने जबाव दिया कि तुम्हारे पिता ने जो तालाब का काम कराया था, उसमें हम लोगों को पैसा नहीं दिया था. इसीलिए हमने उसे मार डाला. सभी नकाबपोश क्रिमिनल पैदल ही गांव में आये थे. बीच में गांव मर्डर कर आराम से पैदल ही जंगल की ओर चले गये.




