कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन: BCCL-CISF ने ड्रोन और GPS से घेराबंदी, आउटसोर्सिंग कंपनियां भी जांच के घेरे में

धनबाद के सिजुआ क्षेत्र में BCCL और CISF ने अवैध कोयला खनन व चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। ड्रोन निगरानी, GPS मैपिंग, अवैध सुरंगों की पहचान और आउटसोर्सिंग कंपनियों की जांच से कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन: BCCL-CISF ने ड्रोन और GPS से घेराबंदी, आउटसोर्सिंग कंपनियां भी जांच के घेरे में
सिजुआ में अवैध खनन पर BCCL-CISF का शिकंजा।

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   HighLights:

  • अवैध सुरंगों की GPS मैपिंग और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी शुरू
  • 10 जुलाई को पकड़े गए अवैध कोयला ट्रक के बाद जांच का दायरा बढ़ा
  • करीब आधा दर्जन आउटसोर्सिंग कंपनियां भी जांच एजेंसियों के रडार पर
  • कोयला माफियाओं, तस्करों और पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद कोयलांचल में वर्षों से जारी अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई शुरू हो गई है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने संयुक्त अभियान चलाकर सिजुआ क्षेत्र में अवैध सुरंगों की पहचान, GPS मैपिंग और ड्रोन निगरानी शुरू कर दी है। दूसरी ओर, 10 जुलाई को पकड़े गए अवैध कोयले से लदे ट्रक की जांच के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई संदिग्ध व्यक्तियों और बीसीसीएल की आउटसोर्सिंग कंपनियों को भी जांच के घेरे में ले लिया है।

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अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से की गई। इसके तहत CISF के वरिष्ठ अधिकारियों और BCCL प्रबंधन ने कनकनी सात नंबर और लोयाबाद क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से बनाई गई सुरंगें, गड्ढे, कोयले और मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर मिले। इन सभी स्थानों की GPS मैपिंग कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि की सटीक निगरानी की जा सके।

ड्रोन से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

अभियान के तहत अब पूरे सिजुआ क्षेत्र की ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा चौकियां बनाई जा रही हैं, रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अब अवैध खनन और कोयला चोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

BCCL के जीएम निर्झर चक्रवर्ती ने संयुक्त निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की स्थिति से CISF अधिकारियों को अवगत कराया। निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

10 जुलाई के ट्रक से खुलने लगा पूरा नेटवर्क

कार्रवाई को और गति उस समय मिली जब 10 जुलाई को अवैध कोयले से लदा एक ट्रक पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ट्रक में लदा कोयला अवैध था और परिवहन से जुड़े दस्तावेज भी संदिग्ध थे। इसके बाद जांच एजेंसियों ने उज्जवल मंडल, अरविंद कुमार उर्फ टुन्ना सिंह, ज्योति सहित चार लोगों की भूमिका की जांच शुरू की। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोयला कहां से निकाला गया, किस मार्ग से उसकी ढुलाई हुई और पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

आउटसोर्सिंग कंपनियां भी रडार पर

जांच एजेंसियों की नजर अब BCCL की करीब आधा दर्जन आउटसोर्सिंग (MDO) कंपनियों पर भी है। आरोप है कि कुछ कंपनियों से निकाला गया कोयला अवैध बाजार तक पहुंच रहा है। हालिया छापेमारी में कई वाहनों के पास आवश्यक परिवहन दस्तावेज नहीं मिले और नियमों के उल्लंघन के मामले भी सामने आए।

सूत्रों के अनुसार, CISF के डीआईजी राजीव मिश्रा ने सिजुआ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान एक आउटसोर्सिंग कंपनी की मशीनों के कथित रूप से अवैध गतिविधियों में उपयोग के संकेत पाए थे। इसके बाद सिजुआ, बरोरा, ब्लॉक-2, कतरास, लोदना, कुसुंडा, बस्ताकोला और भौरा क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखा गया है।

गृह मंत्रालय के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद धनबाद कोयलांचल में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। सुरक्षा एजेंसियां, जिला प्रशासन और CISF संयुक्त रूप से अवैध खनन, कोयला परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों की गहन जांच कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से कथित कोयला चोरी का मुद्दा गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के समक्ष उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अवैध कोयला विभिन्न स्थानों पर डंप कर दूसरे इलाकों में भेजा जाता है।

स्थानीय लोगों से मांगी गई सूचना

BCCL और CISF ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या कोयला चोरी की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।