JSSC CGL जांच में बड़ा एक्शन: सात IPS समेत 17 अधिकारियों की टीम, ADG मनोज कौशिक करेंगे नेतृत्व

JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए झारखंड पुलिस ने 17 -IPS अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है। ADG मनोज कौशिक के नेतृत्व में वरिष्ठ IPS अधिकारी मामले की गहन जांच करेंगे।

JSSC CGL जांच में बड़ा एक्शन: सात IPS समेत 17 अधिकारियों की टीम, ADG मनोज कौशिक करेंगे नेतृत्व
SSC CGL जांच के लिए 17 अधिकारियों की विशेष टीम गठित।

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     HighLights:

  • JSSC CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए 17 अफसरों की विशेष टीम गठित
  • ADG मनोज कौशिक को जांच टीम की कमान,कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों को टीम में किया गया शामिल
  • IG अनूप बिथेरे और DIG वाइएस रमेश समेत 17 अधिकारी जांच में शामिल
  • परीक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी विशेष टीम

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अधीन आयोजित झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेएसएससी सीजीएल) 2023 में कथित अनियमितता मामले की जांच के लिए सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने 17 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

एसआईटी की अध्यक्षता एसटीएफ के आइजी अनूप बिरथरे कर रहे हैं। उनकी अध्यक्षता में सात अन्य तेज तर्रार आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें डीआईजी एससीआरबी वाईएस रमेश, एसपी विशेष शाखा हृदीप पी. जनार्दनन, एसपी एसआईबी सौरभ, एसपी पुलिस मुख्यालय निधि द्विवेदी, एसपी सीआडी पूज्य प्रकाश, एसपी सीआइडी रोशन गुड़िया व एएसपी चैनपुर श्रुति शामिल हैं।

पुलिस मुख्यालय की ओर से गठित यह विशेष टीम CGL परीक्षा से जुड़े विवाद और सामने आई कथित अनियमितताओं की गहन जांच करेगी। टीम परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं, शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के दौरान मामले से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।

17 अधिकारियों की टीम में कई वरिष्ठ IPS

जांच के लिए गठित विशेष टीम में कुल 17 अधिकारी शामिल हैं। इनमें IG अनूप बिथेरे और DIG वाइएस रमेश के अलावा IPS अधिकारी निधि द्विवेदी, पूज्य प्रकाश, रोशन गुड़िया, सौरभ और श्रुति समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाली इस टीम को मामले की गंभीरता के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टीम को CGL परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी पहलुओं को खंगालने की जिम्मेदारी दी गई है।इनके अलावा डीएसपी, इंस्पेक्टर व दारोगा की बड़ी टीम पूरे मामले की जांच में लगा दी गई है। इस एसआईटी ने गुरुवार को इस केस से जुड़े 37 संदिग्धों, संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर उनसे पूछताछ की है। परीक्षा में अनियमितता से जुड़े अन्य सभी पहलुओं पर आगे की जांच जारी है।

 जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा 21 सितंबर 2024 व 22 सितंबर 2024 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया था और पूरे प्रदेश में इसको लेकर पूरा बवेला हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद सीआईडी थाना में एक जनवरी 2025 को कांड संख्या 01/2025 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।कांड के अनुसंधानकर्ता एसपी हृदीप पी. जनार्दनन थे। इसके बाद से ही सीआईडी पूरे मामले की जांच कर रही है। अब तक दर्जनभर से अधिक आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं।

सीआईडी ने हाई कोर्ट में पहले पेपर लीक से किया था इंकार

सीआईडी ने हाई कोर्ट में पूर्व में दाखिल शपथ पत्र में यह जानकारी दी थी कि जेएसएससी सीजीएल का पेपर लीक हुआ ही नहीं था।दलालों, एजेंटों ने पेपर लीक के नाम पर वसूली की थी। शपथ पत्र में बताया था कि जालसाजों, दलालों ने अभ्यर्थियों को वाट्सएप पर कुछ प्रश्नों का उत्तर वायरल कर यह बताया था कि पेपर लीक हो गया है और फिर उसके नाम पर वसूली की थी। सीआईडी ने वसूली करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद JSSC CGL की परीक्षा में अनियमितता का मामला हुआ उजागर

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया था।अभय कुमार तिवारी ने ही सीआईडी को पूछताछ में जानकारी दी थी कि जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई थी। अयोग्य अभ्यर्थियों को रिश्वत के बल पर उत्तीर्ण कराया गया था। इसके बाद से ही पूरा मामला गर्म हुआ है और फिर जांच में तेजी आई है।

ADG मनोज कौशिक के नेतृत्व में होगी जांच

विशेष जांच टीम का नेतृत्व ADG मनोज कौशिक करेंगे। उनके नेतृत्व में अधिकारी परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और कथित अनियमितताओं की जांच करेंगे। जांच में उपलब्ध दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य और अन्य संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर पर इतनी बड़ी टीम का गठन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के दौरान यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

DGP तदास मिश्रा भी मामले को लेकर सख्त

बताया जा रहा है कि झारखंड के DGP तदास मिश्रा CGL मामले को लेकर गंभीर हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गठित 17 सदस्यीय टीम अब मामले की विस्तृत जांच करेगी। परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस जांच से यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि आखिर अनियमितता कहां और किस स्तर पर हुई। जांच टीम पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकती है।

जांच के बाद सामने आ सकती है पूरी तस्वीर

JSSC CGL जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों और आम लोगों के बीच भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में 17 अधिकारियों की विशेष टीम से निष्पक्ष और विस्तृत जांच की उम्मीद की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जांच टीम को किन-किन बिंदुओं पर अहम सुराग मिलते हैं और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं। पुलिस मुख्यालय की इस कार्रवाई के बाद CGL मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।

Threesocieties.com की नजर इस पूरे मामले पर बनी हुई है। जांच से जुड़ी आगे की कार्रवाई और नए तथ्यों के सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।