बाढ़ में बह गईं किताबें, 5वीं की छात्रा का दर्द सुन पसीजा Palamu DC का दिल; ऑन द स्पॉट मिला पढ़ाई का सहारा
पलामू के जन समाधान दिवस में 5वीं की छात्रा कृतिका ने बताया कि बाढ़ में उसकी किताबें और कॉपियां बह गईं। Palamu DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने तत्काल शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
HighLights:
- बाढ़ में कक्षा 5 की छात्रा कृतिका की किताबें, कॉपियां और पढ़ाई की सामग्री बह गई
- जन समाधान दिवस में बच्ची ने Palamu DC दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को बताई अपनी परेशानी
- DC ने तत्काल जिला शिक्षा पदाधिकारी को नई पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया
- उपायुक्त ने कहा- किसी भी परिस्थिति में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए
पलामू (Threesocieties.com Desk): पलामू में आयोजित जन समाधान दिवस के दौरान उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब पांचवीं कक्षा की एक छात्रा ने अपनी पढ़ाई से जुड़ी ऐसी पीड़ा उपायुक्त के सामने रखी, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। वार्ड नंबर-2, बैंक कॉलोनी निवासी छात्रा कृतिका ने उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को बताया कि हाल में आई बाढ़ में उसकी पढ़ाई की पूरी सामग्री बह गई।

कृतिका ने बताया कि भारी बारिश के बाद कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने से उसके घर में पानी घुस गया था। पानी के तेज बहाव और बाढ़ जैसी स्थिति में उसकी किताबें, कॉपियां और पढ़ाई से जुड़ी अन्य जरूरी सामग्री बह गई। अचानक आई इस आपदा ने उसके सामने पढ़ाई जारी रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
किताबें बह गईं, पढ़ाई पर लगा संकट
कृतिका की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह तुरंत नई किताबें और कॉपियां खरीद सके। ऐसे में उसकी पढ़ाई प्रभावित होने लगी थी। अपनी परेशानी लेकर वह जन समाधान दिवस में उपायुक्त के पास पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। बच्ची की बात सुनकर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत संवेदनशील हो उठे। उन्होंने उसकी समस्या को केवल एक शिकायत के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसके भविष्य और शिक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
DC ने मौके पर दिया समाधान का निर्देश
उपायुक्त ने तत्काल जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि कृतिका को पठन-पाठन से जुड़ी सभी आवश्यक सामग्री अविलंब उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा या आर्थिक परेशानी के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए।उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की शिक्षा उनके भविष्य की नींव है। सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए जरूरी सहयोग मिले। जन समाधान दिवस का उद्देश्य भी यही है कि आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जाए और उनका यथासंभव त्वरित समाधान किया जाए।
परिवार ने जताया आभार
कृतिका के स्वजनों ने उपायुक्त की त्वरित पहल की सराहना की। परिवार का कहना है कि बाढ़ में पढ़ाई की सामग्री नष्ट होने के बाद बच्ची काफी परेशान थी। नई सामग्री उपलब्ध होने से अब वह दोबारा अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे सकेगी। इस पहल से न सिर्फ कृतिका की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का भी संदेश गया है।
जन समाधान दिवस में कई शिकायतें पहुंचीं
जन समाधान दिवस में कृतिका की समस्या के अलावा राजस्व, आपूर्ति, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न विभागों से संबंधित कई आवेदन भी प्राप्त हुए। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निष्पादन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर मामलों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
पलामू में जन समाधान दिवस की यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि प्रशासनिक व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को समय पर राहत और समाधान उपलब्ध कराना भी है। कृतिका के मामले में तत्काल लिया गया निर्णय इसी संवेदनशील प्रशासनिक रवैये की एक मिसाल बनकर सामने आया है।
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