SNMMCH धनबाद को बड़ा झटका, 150 MBBS सीटों पर नहीं मिली NMC की मंजूरी

SNMMCH धनबाद को सत्र 2026-27 में 150 MBBS सीटों पर नामांकन की अनुमति नहीं मिली। फैकल्टी के करीब 42% पद खाली होने से NMC ने सीटें बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी। इस बार भी 100 सीटों पर दाखिला होगा।

SNMMCH धनबाद को बड़ा झटका, 150 MBBS सीटों पर नहीं मिली NMC की मंजूरी
SNMMCH में 150 MBBS सीटों का सपना फिर अधूरा।

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  • SNMMCH धनबाद में 150 MBBS सीटें बढ़ाने की कोशिश को झटका, NMC ने अनुमति नहीं दी
  • फैकल्टी की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा, करीब 42% शिक्षक पद खाली
  • सत्र 2026-27 में भी 100 MBBS सीटों पर ही होगा नामांकन
  • 19 अगस्त से शुरू होगी ऑल इंडिया कोटा के तहत एडमिशन प्रक्रिया

धनबाद (Threesocieties.com Desk): शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH), धनबाद में MBBS की सीटें बढ़ने का इंतजार कर रहे छात्रों को इस बार भी निराशा हाथ लगी है। सत्र 2026-27 के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कॉलेज को 150 MBBS सीटों पर नामांकन की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में इस सत्र में भी कॉलेज में 100 MBBS सीटों पर ही दाखिला होगा।

कॉलेज में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से NMC के समक्ष आवेदन किया गया था। विभाग की ओर से कॉलेज में जरूरी फैकल्टी उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया था, लेकिन निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षकों की संख्या पूरी नहीं होने के कारण NMC ने सीट बढ़ाने की अनुमति नहीं दी।

इस फैसले का सीधा असर उन अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पड़ा है, जो SNMMCH में सीट बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। 150 सीटों की मंजूरी मिलने से मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई के लिए 50 अतिरिक्त छात्रों को अवसर मिलता।

फैकल्टी की भारी कमी बनी सबसे बड़ी बाधा

SNMMCH में MBBS सीटें बढ़ाने के रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन फैकल्टी की कमी बनी हुई है। कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के स्वीकृत पदों में करीब 42 प्रतिशत पद खाली बताए जा रहे हैं। NMC मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों और अन्य संसाधनों को लेकर निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करता है। ऐसे में फैकल्टी की इतनी बड़ी कमी के बीच MBBS सीटों को 100 से बढ़ाकर 150 करने की अनुमति मिलना मुश्किल था।

कॉलेज प्रबंधन और विभाग की ओर से व्यवस्था में सुधार के प्रयास किए गए। हाल ही में सरकार की ओर से 7 प्रोफेसरों को अनुबंध के आधार पर SNMMCH में बहाल किया गया है। हालांकि, शिक्षकों के खाली पदों को नियमित नियुक्ति के जरिए पूरी तरह भरने की चुनौती अभी बनी हुई है।

विभाग के आश्वासन के बावजूद नहीं मिली मंजूरी

150 सीटों के लिए आवेदन करते समय विभाग की ओर से कॉलेज में फैकल्टी की कमी दूर करने का भरोसा दिया गया था। उम्मीद थी कि शिक्षकों की संख्या बढ़ने के बाद NMC सीटों में वृद्धि की अनुमति दे देगा। हालांकि, NMC ने उपलब्ध संसाधनों और फैकल्टी की स्थिति को देखते हुए 150 MBBS सीटों की मंजूरी नहीं दी। इससे साफ है कि भविष्य में सीट बढ़ाने के लिए कॉलेज को सबसे पहले शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना होगा और NMC के निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा।

19 अगस्त से 100 सीटों पर शुरू होगा एडमिशन

150 सीटों की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कॉलेज में MBBS की 100 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। ऑल इंडिया कोटा के तहत चयनित अभ्यर्थियों के लिए 19 अगस्त से नामांकन शुरू होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद राज्य कोटे की सीटों के लिए 23 से 28 अगस्त तक काउंसिलिंग और दाखिले की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने नामांकन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके लिए नामांकन काउंटर भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

छात्रों को 50 अतिरिक्त सीटों का करना होगा इंतजार

SNMMCH में MBBS की सीटें 100 से बढ़ाकर 150 किए जाने की उम्मीद लंबे समय से की जा रही थी। सीटों में वृद्धि होने से झारखंड और खासकर धनबाद समेत आसपास के छात्रों को सरकारी मेडिकल शिक्षा में अतिरिक्त अवसर मिल सकता था। लेकिन फैकल्टी की कमी दूर नहीं होने के कारण इस सत्र में भी यह संभव नहीं हो पाया। अब कॉलेज प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती खाली शिक्षक पदों को भरकर NMC के मानकों को पूरा करना है, ताकि आगामी सत्र में 150 MBBS सीटों की मंजूरी का रास्ता साफ हो सके।

प्राचार्य ने क्या कहा?

SNMMCH के प्राचार्य डा. आरके महतो के अनुसार, 150 सीटों के लिए नामांकन की कोशिश की गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई। कॉलेज में इस बार 100 MBBS सीटों पर ही नामांकन की तैयारी की जा रही है। फिलहाल छात्रों और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि कॉलेज में फैकल्टी की कमी कब तक पूरी होती है और SNMMCH को 150 MBBS सीटों की मंजूरी कब मिलती है।