पवन सिंह की कोर्ट में गैरहाजिरी, लगा ₹1000 जुर्माना; पत्नी ज्योति ने मांगे प्रतिमाह ₹5 लाख

पवन सिंह-ज्योति सिंह विवाद में बलिया परिवार न्यायालय ने पवन सिंह की गैरहाजिरी पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया। ज्योति सिंह ने हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण की मांग की है। जानें पूरा मामला।

पवन सिंह की कोर्ट में गैरहाजिरी, लगा ₹1000 जुर्माना; पत्नी ज्योति ने मांगे प्रतिमाह ₹5 लाख
पवन-ज्योति दोनों के बीच लंबे समय से चल रहा है वैवाहिक विवाद।

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  • बलिया परिवार न्यायालय में चल रहा है भरण-पोषण का मामला,अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को 
  • ज्योति सिंह ने हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण की मांग की है
  • याचिका में पवन सिंह की सालाना आय करीब 10 करोड़ रुपये होने का दावा
  • ज्योति सिंह ने मानसिक प्रताड़ना और दहेज में कार मांगने जैसे आरोप लगाए हैं

पटना (Threesocieties.com Desk): भोजपुरी अभिनेता और राजनेता पवन सिंह तथा उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पवन सिंह की गैरहाजिरी पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उन पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अगली सुनवाई के दौरान पवन सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

यह मामला उत्तर प्रदेश के बलिया परिवार न्यायालय में चल रहा है। ज्योति सिंह ने करीब तीन वर्ष पहले अपने भरण-पोषण के लिए अदालत में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है। अब अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

पवन सिंह की गैरहाजिरी पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना

भरण-पोषण मामले की सुनवाई के दौरान पवन सिंह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति को लेकर अदालत ने सख्ती दिखाई और 1000 रुपये का हर्जाना लगाया। साथ ही अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि अगली सुनवाई में पवन सिंह अदालत में उपस्थित होते हैं या नहीं।

ज्योति सिंह ने करीब 3 साल पहले दाखिल की थी याचिका

ज्योति सिंह की ओर से परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की याचिका करीब तीन वर्ष पहले दाखिल की गई थी। याचिका में उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़े कई आरोप और परिस्थितियां अदालत के सामने रखी हैं। याचिका के मुताबिक, ज्योति सिंह और पवन सिंह की शादी 6 मार्च 2018 को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में विवाद उत्पन्न होने की बात याचिका में कही गई है।

मानसिक प्रताड़ना और दहेज का भी आरोप

ज्योति सिंह ने अपनी याचिका में पवन सिंह पर मानसिक प्रताड़ना और अपमान जैसे आरोप लगाए हैं। इसके अलावा उन्होंने दहेज में कार की मांग किए जाने का भी दावा किया है। हालांकि, ये आरोप ज्योति सिंह की ओर से अदालत में दाखिल याचिका में लगाए गए हैं। इन आरोपों पर अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे विचार किया जाना है। इसलिए इन आरोपों को अभी अदालत द्वारा साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

हर महीने ₹5 लाख भरण-पोषण की मांग

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा ज्योति सिंह की ओर से की गई भरण-पोषण की मांग को लेकर है। उन्होंने अदालत से हर महीने 5 लाख रुपये भरण-पोषण के तौर पर दिलाए जाने की मांग की है। याचिका में ज्योति सिंह ने पवन सिंह की सालाना आय करीब 10 करोड़ रुपये होने का दावा किया है। इसी आय को आधार बनाते हुए उन्होंने अपने जीवन-यापन के लिए हर महीने 5 लाख रुपये की मांग अदालत के सामने रखी है। अब अदालत में दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।

शादी से लेकर कोर्ट तक पहुंचा विवाद

पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहा विवाद पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहा है। निजी और वैवाहिक विवाद के बाद मामला परिवार न्यायालय तक पहुंचा। भरण-पोषण की याचिका पर अब भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। पवन सिंह भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित चेहरों में शामिल हैं। फिल्मों और गानों के अलावा उनका राजनीतिक सफर भी चर्चा में रहा है। दूसरी ओर ज्योति सिंह भी राजनीति में सक्रिय रही हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं। हालांकि, उन्हें चुनाव में जीत नहीं मिली थी।

अब 5 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर

फिलहाल बलिया परिवार न्यायालय में चल रहे इस मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। पिछली सुनवाई में गैरहाजिरी के कारण पवन सिंह पर 1000 रुपये का जुर्माना लग चुका है। अदालत के निर्देश के बाद अब अगली तारीख पर उनकी मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भरण-पोषण की मांग, पवन सिंह की गैरहाजिरी और दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद इस मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए हुए है। हालांकि, अंतिम फैसला अदालत की आगे की कार्यवाही और दोनों पक्षों की दलीलों के बाद ही सामने आएगा।